प्रोफ़ेशनल टैक्स (PT) राज्य सरकार का टैक्स है जो सैलरी से हर महीने कटता है, ज़्यादा से ज़्यादा ₹2,500 साल में। यह उस राज्य के नियम से लगता है जहाँ आपका ऑफ़िस/कंपनी रजिस्टर्ड है, न कि जहाँ आप रहते हैं। UP, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, J&K और गोवा में यह लगता ही नहीं; महाराष्ट्र-कर्नाटक में ₹200 महीना (फ़रवरी ₹300), बंगाल में ₹110 से ₹200, तेलंगाना-आंध्र में ₹150-200, तमिलनाडु-केरल में छमाही और MP-बिहार-झारखंड में सालाना स्लैब। कटी हुई रकम इनकम टैक्स (पुरानी व्यवस्था) में धारा 16(iii) से पूरी घट जाती है।
प्रोफ़ेशनल टैक्स कैलकुलेटर
राज्य और महीने की ग्रॉस सैलरी भरें। टूल बताएगा हर महीने और साल में कितना प्रोफ़ेशनल टैक्स (PT) कटेगा और आपके राज्य का पूरा स्लैब। कोई फ़ोन नंबर नहीं माँगा जाता।
पेरोल स्रोतों की 2026-27 तालिकाओं पर मुफ़्त अनुमान; राज्य की अधिसूचना अंतिम है। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स स्लैब 2026-27
| राज्य | कब | स्लैब |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | मासिक | पुरुष: ₹7,500 तक 0, ₹10,000 तक ₹175, ऊपर ₹200 (फ़रवरी ₹300); महिला ₹25,000 तक 0 |
| कर्नाटक | मासिक | ₹25,000 तक 0; ऊपर ₹200 (फ़रवरी ₹300) |
| पश्चिम बंगाल | मासिक | ₹10,000 तक 0; ₹15,000 तक ₹110; ₹25,000 तक ₹130; ₹40,000 तक ₹150; ऊपर ₹200 |
| तेलंगाना / आंध्र | मासिक | ₹15,000 तक 0; ₹20,000 तक ₹150; ऊपर ₹200 |
| गुजरात | मासिक | ₹12,000 तक 0; ऊपर ₹200* |
| असम | मासिक | ₹10,000 तक 0; ₹15,000 तक ₹150; ₹25,000 तक ₹180; ऊपर ₹208* |
| तमिलनाडु | छमाही | ₹21,000 तक 0; ₹30,000 तक ₹135; ₹45,000 तक ₹315; ₹60,000 तक ₹690; ₹75,000 तक ₹1,025; ऊपर ₹1,250 (हर 6 महीने) |
| केरल | छमाही (6 महीने की आय) | ₹11,999 तक 0; ₹17,999 तक ₹120; ₹29,999 तक ₹180; ₹44,999 तक ₹300; ₹59,999 तक ₹450; ₹74,999 तक ₹600; ₹99,999 तक ₹750; ₹1,24,999 तक ₹1,000; ऊपर ₹1,250* |
| मध्य प्रदेश | सालाना | ₹2.25 लाख तक 0; ₹3 लाख तक ₹1,500; ₹4 लाख तक ₹2,000; ऊपर ₹2,500 (₹208 × 11 + ₹212)* |
| बिहार | सालाना | ₹3 लाख तक 0; ₹5 लाख तक ₹1,000; ₹10 लाख तक ₹2,000; ऊपर ₹2,500* |
| झारखंड | सालाना | ₹3 लाख तक 0; ₹5 लाख तक ₹1,200; ₹8 लाख तक ₹1,800; ₹10 लाख तक ₹2,100; ऊपर ₹2,500* |
| ओडिशा | सालाना | ₹1.6 लाख तक 0; ₹3 लाख तक ₹125/माह; ऊपर ₹200/माह; 1 अप्रैल 2026 से ख़त्म होने की रिपोर्ट* |
| पंजाब | मासिक | आयकर योग्य आय पर ₹200/माह (विकास कर)* |
| छत्तीसगढ़ | सालाना | ₹1 लाख तक 0; फिर ₹1,440 से ₹2,400* |
| UP, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, HP, J&K, चंडीगढ़, गोवा, अरुणाचल | – | प्रोफ़ेशनल टैक्स नहीं |
* = अलग-अलग पेरोल स्रोतों में आँकड़े मेल नहीं खाते या हाल में बदले हैं; अपनी सैलरी स्लिप और राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग की अधिसूचना से मिलाएँ।
PT के बारे में 6 ज़रूरी बातें
- सीमा: संविधान के अनुच्छेद 276 से कोई राज्य साल में ₹2,500 से ज़्यादा नहीं ले सकता; इसलिए ₹200 × 11 + ₹300 (फ़रवरी) का तरीका।
- किसका राज्य: कंपनी जिस राज्य में रजिस्टर्ड है, उसका नियम। वर्क-फ़्रॉम-होम में भी वही।
- छूट: कई राज्यों में 60/65+ उम्र, दिव्यांग (40%+), सेना के जवान, और सिर्फ़ एक बच्चे के माता-पिता (कुछ राज्य) को छूट; महाराष्ट्र में ₹25,000 तक की महिलाएँ।
- इनकम टैक्स: कटा हुआ PT धारा 16(iii) में पूरी तरह घटता है (पुरानी व्यवस्था में; नई व्यवस्था में नहीं)।
- फ़्रीलांसर/दुकानदार/प्रोफ़ेशनल: उन्हें खुद PTEC रजिस्ट्रेशन कर सालाना ₹2,500 (ज़्यादातर राज्य) भरना होता है; कंपनी को PTRC।
- ग़लत कटौती: छूट के बावजूद कट रहा हो तो HR को लिखें; रिफ़ंड कंपनी के रिटर्न से होता है।
उदाहरण
पुणे में ₹30,000 सैलरी वाले पुरुष का PT ₹200 महीना, फ़रवरी ₹300, साल में ₹2,500। वही सैलरी वाली महिला का PT ₹200 (₹25,000 से ऊपर)। बेंगलुरु में ₹24,000 सैलरी पर PT शून्य, ₹26,000 पर ₹200। कोलकाता में ₹20,000 पर ₹130। लखनऊ या दिल्ली में शून्य।
प्रोफ़ेशनल टैक्स: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रोफ़ेशनल टैक्स कितना कटता है? राज्य के हिसाब से ₹0 से ₹200-208 महीना, साल में अधिकतम ₹2,500। महाराष्ट्र-कर्नाटक में ₹200 (फ़रवरी ₹300), बंगाल में ₹110-200, तेलंगाना में ₹150-200।
किन राज्यों में प्रोफ़ेशनल टैक्स नहीं लगता? UP, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, गोवा और अरुणाचल प्रदेश में नहीं।
प्रोफ़ेशनल टैक्स की अधिकतम सीमा क्या है? ₹2,500 प्रति वर्ष, संविधान के अनुच्छेद 276 के तहत। इसीलिए कई राज्य 11 महीने ₹200 और फ़रवरी में ₹300 काटते हैं।
फ़रवरी में ₹300 क्यों कटता है? ताकि साल का कुल ₹2,500 हो जाए: ₹200 × 11 = ₹2,200 + ₹300 = ₹2,500। महाराष्ट्र और कर्नाटक में यही तरीका है।
महिलाओं को प्रोफ़ेशनल टैक्स में छूट है? महाराष्ट्र में ₹25,000 महीना तक की सैलरी वाली महिलाओं को पूरी छूट। बाकी राज्यों में आम तौर पर नहीं।
क्या प्रोफ़ेशनल टैक्स इनकम टैक्स में घटता है? हाँ, पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 16(iii) के तहत कटा हुआ पूरा PT सैलरी आय से घटता है। नई व्यवस्था में यह कटौती नहीं मिलती।
किस राज्य का PT लगेगा, जहाँ रहता हूँ या जहाँ कंपनी है? जहाँ कंपनी/ब्रांच रजिस्टर्ड है और जिस राज्य में आपका पे-रोल चलता है। WFH में भी कंपनी का राज्य।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): HROne, TankhaPay, Kredily, SavvyHRMS, Patron Accounting, CalcGuru, IndPayroll, Canara HSBC (2026-27 राज्यवार तालिकाएँ); संविधान अनुच्छेद 276; आयकर धारा 16(iii)। राज्य अधिसूचनाएँ क्लाउड से नहीं खुलीं; * वाले राज्यों में स्रोत अलग हैं। यह अनुमान है, राज्य/कंपनी का आँकड़ा नहीं।
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