शेयर सर्टिफ़िकेट फ़ॉर्मेट (Form SH-1) 2026: मुफ़्त जनरेटर, प्रिंट/PDF, स्टाम्प ड्यूटी

शेयर सर्टिफ़िकेट कंपनी का वह दस्तावेज़ है जो साबित करता है कि कोई व्यक्ति कितने शेयरों का मालिक है। Companies Act 2013 की धारा 46 और नियम 5(2) के तहत यह Form SH-1 में बनता है, जिसमें कंपनी का नाम, CIN, रजिस्टर्ड ऑफ़िस, सर्टिफ़िकेट और फ़ोलियो नंबर, शेयरधारक, शेयरों की संख्या, अंकित और चुकाया मूल्य और डिस्टिंक्टिव नंबर होते हैं, और दो डायरेक्टर (या एक डायरेक्टर + CS) साइन करते हैं। निगमन के बाद 2 महीने और अलॉटमेंट/ट्रांसफ़र के बाद तय समय में सर्टिफ़िकेट देना होता है। नई कंपनी का प्रकार चुनना हो तो बिज़नेस टाइप चूज़र देखें।

शेयर सर्टिफ़िकेट (SH-1) जनरेटर

ब्योरा भरें; सर्टिफ़िकेट अंग्रेज़ी में (कानूनी फ़ॉर्मेट) बनेगा, जिसे प्रिंट या PDF कर सकते हैं। डेटा आपके फ़ोन/कंप्यूटर में ही रहता है, कहीं भेजा नहीं जाता।

Form SH-1, Companies (Share Capital and Debentures) Rules 2014 नियम 5 के अनुसार। 19 अक्टूबर 2026 को जाँचा।

शेयर सर्टिफ़िकेट कब तक जारी करना है

मौक़ासमय सीमा (धारा 56, नियम 6)
कंपनी बनने पर सब्सक्राइबर कोनिगमन से 2 महीने
नए शेयर अलॉट होने परअलॉटमेंट से 2 महीने
शेयर ट्रांसफ़र होने परट्रांसफ़र दस्तावेज़ मिलने से 1 महीना
डुप्लीकेट (खोने/फटने पर)पूरे दस्तावेज़ मिलने से 3 महीने (नियम 6)*

ज़रूरी बातें

  • दो डायरेक्टर, या एक डायरेक्टर और कंपनी सेक्रेटरी साइन करें; कंपनी की कॉमन सील हो तो लगाएँ (2015 से ज़रूरी नहीं)।
  • हर सर्टिफ़िकेट का नंबर, फ़ोलियो और डिस्टिंक्टिव नंबर रजिस्टर ऑफ़ मेंबर्स (MGT-1) से मेल खाएँ।
  • जारी करने के बोर्ड रेज़ोल्यूशन का रिकॉर्ड रखें।
  • स्टाम्प ड्यूटी: 1 जुलाई 2020 से शेयर जारी करने पर चुकाई रकम का 0.005%*, अपने राज्य के ई-स्टाम्प/स्टाम्प पेपर से।
  • Demat: ज़्यादातर प्राइवेट कंपनियों (स्मॉल कंपनी छोड़कर) को अब नए शेयर सिर्फ़ demat में जारी करने हैं (नियम 9B)*; उन पर फ़िज़िकल सर्टिफ़िकेट नहीं बनता।

उदाहरण: स्टाम्प ड्यूटी

शेयरचुकाया मूल्यकुल रकमस्टाम्प ड्यूटी (0.005%)*
10,000₹10₹1,00,000₹5
1,00,000₹10₹10,00,000₹50
5,00,000₹100₹5,00,00,000₹2,500

शेयर सर्टिफ़िकेट: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शेयर सर्टिफ़िकेट किस फ़ॉर्म में बनता है? Form SH-1 में, Companies (Share Capital and Debentures) Rules 2014 के नियम 5(2) के अनुसार।

शेयर सर्टिफ़िकेट पर कौन साइन करता है? दो डायरेक्टर, या एक डायरेक्टर और कंपनी सेक्रेटरी (अगर नियुक्त हो)।

शेयर सर्टिफ़िकेट पर स्टाम्प ड्यूटी कितनी है? 1 जुलाई 2020 से शेयर जारी करने पर चुकाई रकम का 0.005%*। ₹1 लाख की चुकाई पूँजी पर ₹5।

डिस्टिंक्टिव नंबर क्या होते हैं? हर शेयर का अलग क्रमांक; जैसे 1 से 5000 तक = 5000 शेयर। डीमैट शेयरों में यह नहीं होता।

क्या प्राइवेट कंपनी अब भी फ़िज़िकल सर्टिफ़िकेट दे सकती है? स्मॉल कंपनी दे सकती है; बाक़ी प्राइवेट कंपनियों को नियम 9B के तहत शेयर demat में जारी करने हैं*। अपने CS से पुष्टि करें।

शेयर सर्टिफ़िकेट खो जाए तो? बोर्ड की मंज़ूरी से डुप्लीकेट जारी होता है, पूरे दस्तावेज़ (इंडेम्निटी, FIR/घोषणा) मिलने के 3 महीने के अंदर (नियम 6)*।

स्रोत (19 अक्टूबर 2026 को जाँचे): Companies Act 2013 धारा 46, 56; Companies (Share Capital and Debentures) Rules 2014 नियम 5 (Form SH-1) और 9B; Indian Stamp Act 1899 (Finance Act 2019 के संशोधन, 1 जुलाई 2020 से)। * = स्टाम्प ड्यूटी दर और नियम 9B की लागू तारीख़ सेकेंडरी स्रोतों से, क्योंकि mca.gov.in हमारे सर्वर से नहीं खुला। यह टेम्पलेट है, कानूनी सलाह नहीं।

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