मिशन वात्सल्य केंद्र सरकार (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) की बाल संरक्षण योजना है, जिसकी “स्पॉन्सरशिप” में मुश्किल हालात वाले बच्चे को अपने ही परिवार में रहते हुए ₹4,000 महीना मिलता है। यही रकम पालक (फ़ॉस्टर) परिवार में रखे बच्चे के लिए और 18 साल पर बाल गृह से निकले युवा को “आफ़्टर केयर” में मिलती है। जैसे गाँव की कोई विधवा माँ जिसकी सालाना आय ₹50,000 है, उसके 8 साल के बच्चे को 18 साल तक करीब ₹4,80,000 (साल में ₹48,000) मिल सकते हैं, बशर्ते हर साल समीक्षा में मंज़ूरी बनी रहे। ज़्यादातर परिवारों को इसका पता ही नहीं होता: हरियाणा जैसे राज्य में 2024-25 में सिर्फ़ 286 बच्चे जुड़े। नीचे देखें आपका बच्चा पात्र है या नहीं।
मिशन वात्सल्य स्पॉन्सरशिप चेकर
बच्चे की उम्र और हालात चुनें: कौन सी मदद, कितने साल, कुल कितना पैसा, कौन से कागज़ और कहाँ आवेदन।
मुफ़्त अनुमान, आपका कोई डेटा सेव या भेजा नहीं जाता। आख़िरी फ़ैसला ज़िले की CWC और स्पॉन्सरशिप कमेटी का। 28 अक्टूबर 2026 को जाँचा; * वाली बातें माध्यमिक स्रोतों या राज्य के नियमों से।
मिशन वात्सल्य में किसे क्या मिलता है
| मदद | किसे | रकम |
|---|---|---|
| स्पॉन्सरशिप | मुश्किल हालात वाला बच्चा जो अपने परिवार/रिश्तेदार के साथ रहता है (18 साल तक) | ₹4,000 महीना प्रति बच्चा |
| फ़ॉस्टर केयर | CWC के आदेश से पालक परिवार में रखा गया बच्चा | ₹4,000 महीना प्रति बच्चा |
| आफ़्टर केयर | बाल गृह से 18 साल पर निकले युवा (21 साल तक*) | ₹4,000 महीना (CWC के आदेश पर) |
| बाल गृह (CCI) | बेसहारा बच्चा जिसकी परिवार में देखभाल नहीं हो सकती | रहना, खाना, पढ़ाई मुफ़्त |
| गोद (एडॉप्शन) | कानूनी रूप से गोद देने योग्य बच्चा | CARA के ज़रिए |
| आपात मदद | संकट में कोई भी बच्चा | चाइल्डलाइन 1098 (24 घंटे, मुफ़्त) |
स्पॉन्सरशिप दो तरह की है: निवारक (preventive), ताकि ग़रीबी की वजह से बच्चा बाल गृह, मज़दूरी या बाल विवाह में न जाए; और पुनर्वास (rehabilitative), ताकि बाल गृह का बच्चा अपने परिवार में लौट सके। योजना का पैसा केंद्र और राज्य 60:40 में देते हैं (पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में 90:10)।
स्पॉन्सरशिप की पात्रता: 5 श्रेणियाँ
- माँ विधवा, तलाक़शुदा या परिवार से छोड़ी गई हो।
- बच्चा अनाथ हो और रिश्तेदार (दादा-दादी, मामा, चाचा आदि) के साथ रहता हो।
- माता/पिता किसी जानलेवा या लाइलाज बीमारी से पीड़ित हों।
- माता-पिता शारीरिक या आर्थिक रूप से बच्चे की देखभाल में असमर्थ हों।
- JJ एक्ट 2015 के तहत देखभाल वाला बच्चा: बेघर, प्राकृतिक आपदा पीड़ित, बाल मज़दूर, बाल विवाह पीड़ित, तस्करी से छुड़ाया गया, HIV/AIDS प्रभावित, दिव्यांग, लापता/भागा हुआ, भीख माँगने वाला या सड़क पर रहने वाला, शोषित बच्चा।
- उम्र: 18 साल तक।
- आय सीमा (निवारक स्पॉन्सरशिप): परिवार की सालाना आय गाँव में ₹72,000 और शहर में ₹96,000 से ज़्यादा न हो*।
- कितने बच्चे: कई राज्य एक परिवार के ज़्यादा से ज़्यादा 2 बच्चों को देते हैं*।
- नहीं मिलेगी: आम तौर पर मुफ़्त आवासीय स्कूल/हॉस्टल में रह रहे बच्चे को*; हालात सुधरने पर (जैसे माँ की नौकरी, दोबारा शादी) समीक्षा में बंद हो सकती है।
आवेदन कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप
- ज़िले की ज़िला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) या ज़िला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) कार्यालय से स्पॉन्सरशिप फ़ॉर्म लें (कई ज़िलों में आंगनवाड़ी/ब्लॉक से भी)। कुछ राज्यों में ऑनलाइन फ़ॉर्म भी है।
- फ़ॉर्म में बच्चे का ब्योरा, परिवार के सदस्यों की आय, स्कूल का नाम और श्रेणी (ऊपर की 5 में से) भरें; कागज़ लगाएँ।
- DCPU का सोशल वर्कर घर आकर जाँच (होम स्टडी रिपोर्ट) करता है।
- बाल कल्याण समिति (CWC) सिफ़ारिश करती है; ज़िला स्पॉन्सरशिप एवं फ़ॉस्टर केयर अनुमोदन समिति (SFCAC) की बैठक (आम तौर पर हर तिमाही*) में मामला रखा जाता है और DM/ज़िला अधिकारी मंज़ूरी देते हैं।
- पैसा DBT से बच्चे/अभिभावक के बैंक खाते में आता है; हर साल स्कूल में पढ़ाई और हालात की समीक्षा होती है।
कागज़: बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आधार (बच्चा और अभिभावक), निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र/तलाक़ की डिक्री/मेडिकल प्रमाण पत्र (जो लागू हो), स्कूल का बोनाफ़ाइड और पिछली मार्कशीट, बैंक पासबुक की कॉपी, फ़ोटो। ये सूची राज्यों के स्पॉन्सरशिप फ़ॉर्म (जैसे मणिपुर सरकार का फ़ॉर्म) से है।
पैसा न आए तो पहले DCPU से मंज़ूरी का आदेश और महीना पूछें, फिर DBT/PFMS स्टेटस देखें। आवेदन लंबित रहे तो DM कार्यालय या राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में लिखित शिकायत दें।
असली आँकड़े: कितने बच्चों को मिलती है (हरियाणा)
| साल | स्पॉन्सरशिप | फ़ॉस्टर केयर |
|---|---|---|
| 2017-18 | 1,444 | 40 |
| 2018-19 | 1,078 | 31 |
| 2019-20 | 958 | 0 |
| 2021-22 | 223 | 0 |
| 2022-23 | 122 | 0 |
| 2023-24 | 538 | 1 |
| 2024-25 | 286 | 0 |
| 2013-14 से कुल | 6,122 | 330 |
हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग के आँकड़े (22 ज़िलों में)। मतलब: हर ज़िले में साल में कुछ दर्जन बच्चे ही जुड़ते हैं, क्योंकि आवेदन कम आते हैं। ज़रूरतमंद परिवार ख़ुद DCPU जाएँ तो मौक़ा अच्छा है।
PM CARES for Children योजना
कोविड-19 में (11 मार्च 2020 से 5 मई 2023 के बीच) माता-पिता दोनों, जीवित बचे माता/पिता, कानूनी अभिभावक या गोद लेने वाले माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए। पंजीकरण pmcaresforchildren.in पर होता था और अब बंद है; पहले से मंज़ूर बच्चों को लाभ मिलते रहते हैं।
| लाभ | क्या मिलता है |
|---|---|
| ₹10 लाख कॉर्पस | बच्चे के नाम जमा; 18 से 23 साल तक इसके ब्याज से मासिक वज़ीफ़ा, 23 साल पर पूरे ₹10 लाख |
| स्वास्थ्य | आयुष्मान भारत (PM-JAY) में ₹5 लाख का बीमा, 23 साल तक |
| पढ़ाई | नज़दीकी केंद्रीय विद्यालय/निजी स्कूल में दाख़िला, फ़ीस और किताब-ड्रेस का ख़र्च; छात्रवृत्ति* |
| उच्च शिक्षा | एजुकेशन लोन में मदद, ब्याज सरकार भरती है* |
| रोज़ का ख़र्च | मिशन वात्सल्य से ₹4,000 महीना (स्पॉन्सरशिप) |
स्टेटस या भुगतान की जानकारी के लिए ज़िले के DM कार्यालय/DCPU से संपर्क करें; ये बच्चे पोर्टल पर ज़िलाधिकारी के ज़रिए ही जुड़े थे।
राज्यों की मिलती-जुलती योजनाएँ
| राज्य | योजना | रकम* |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य/कोविड) | ₹2,500 / ₹4,000 महीना* |
| राजस्थान | पालनहार योजना | ₹750 (0-6 साल) / ₹1,500 (6-18 साल) महीना + ₹2,500 सालाना* |
| बिहार | परवरिश योजना | ₹1,000 महीना* |
| सभी राज्य | मिशन वात्सल्य स्पॉन्सरशिप | ₹4,000 महीना |
राज्य की योजना और मिशन वात्सल्य एक साथ मिल सकती हैं या नहीं, यह राज्य के नियम पर है; आवेदन के समय DCPU से पूछें। विधवा माँ के लिए विधवा पेंशन, कमाने वाले की मौत पर पारिवारिक लाभ योजना, और बेटी के लिए बेटी योजनाएँ भी देखें।
मिशन वात्सल्य: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मिशन वात्सल्य स्पॉन्सरशिप में कितना पैसा मिलता है? हर बच्चे को ₹4,000 महीना (साल में ₹48,000), 18 साल की उम्र तक, हर साल समीक्षा के बाद। फ़ॉस्टर केयर और आफ़्टर केयर में भी ₹4,000 महीना।
स्पॉन्सरशिप योजना के लिए कौन पात्र है? विधवा/तलाक़शुदा/छोड़ी गई माँ का बच्चा, रिश्तेदार के साथ रहने वाला अनाथ, गंभीर बीमार या असमर्थ माता-पिता का बच्चा, और JJ एक्ट वाले बच्चे (बाल मज़दूर, बेघर, बाल विवाह पीड़ित आदि)। परिवार की आय गाँव में ₹72,000 और शहर में ₹96,000 सालाना तक*।
मिशन वात्सल्य का फ़ॉर्म कहाँ मिलेगा? ज़िला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) या ज़िला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में; कुछ राज्यों में ऑनलाइन भी। भरा फ़ॉर्म कागज़ों के साथ वहीं जमा होता है।
स्पॉन्सरशिप का पैसा कितने दिन में आता है? घर की जाँच, CWC की सिफ़ारिश और ज़िला कमेटी (SFCAC) की बैठक के बाद; कमेटी आम तौर पर हर तिमाही बैठती है*, इसलिए 2-4 महीने लग सकते हैं। मंज़ूरी के बाद DBT से हर महीने/तिमाही।
PM CARES for Children में अब आवेदन हो सकता है? नहीं, यह सिर्फ़ 11 मार्च 2020 से 5 मई 2023 के बीच कोविड से माता-पिता खोने वाले बच्चों के लिए था और पंजीकरण बंद है। ऐसे बच्चे अब भी मिशन वात्सल्य स्पॉन्सरशिप ले सकते हैं।
क्या दो बच्चों को अलग-अलग ₹4,000 मिलेंगे? हाँ, रकम हर बच्चे के हिसाब से है; पर कई राज्य एक परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा 2 बच्चों को देते हैं*।
स्रोत (28 अक्टूबर 2026 को जाँचे): महिला एवं बाल विकास मंत्रालय: मिशन वात्सल्य दिशानिर्देश 05.07.2022 (PIB 07.07.2022, मानदंड 01.04.2022 से; PIB Explainer 11.08.2023, फ़ंडिंग 60:40/90:10); हरियाणा WCD विभाग का मिशन वात्सल्य पेज (₹4,000 स्पॉन्सरशिप/फ़ॉस्टर/आफ़्टर केयर, साल-वार आँकड़े, अपडेट 17.07.2025); मणिपुर समाज कल्याण विभाग का स्पॉन्सरशिप आवेदन फ़ॉर्म (5 श्रेणियाँ, कागज़); PM CARES for Children: PMO (30.05.2022) और योजना पोर्टल। आय सीमा ₹72,000/₹96,000, 2 बच्चों की सीमा, आवासीय स्कूल वाली शर्त, PM CARES छात्रवृत्ति और राज्यों की योजनाओं की रकम माध्यमिक स्रोतों से*। wcd.gov.in, pmcaresforchildren.in उस दिन हमारे सर्वर से नहीं खुलीं।
और मुफ़्त टूल: विधवा पेंशन · पारिवारिक लाभ योजना · बेटी योजनाएँ · सुकन्या कैलकुलेटर · DBT स्टेटस · UP स्कॉलरशिप स्टेटस · पालनहार योजना कैलकुलेटर