बकरी पालन, मुर्गी पालन या सुअर पालन शुरू करना है? सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) योजना में परियोजना लागत की 50% सब्सिडी, ₹50 लाख तक मिलती है। नीचे अपनी इकाई चुनें और देखें कि आपको कितनी सब्सिडी और कितना बैंक लोन मिलेगा। मुफ़्त, बिना लॉगिन।
NLM Subsidy Calculator: Goat, Sheep, Poultry, Piggery & Fodder
Under the National Livestock Mission (NLM), the government pays 50% of your project cost as capital subsidy — up to ₹50 lakh for a 500-goat farm, ₹25 lakh for a poultry hatchery, ₹30 lakh for piggery and ₹50 lakh for a silage / fodder unit. Pick your unit to see your exact subsidy. राष्ट्रीय पशुधन मिशन — बकरी, मुर्गी, सूअर पालन पर 50% सब्सिडी।
Free estimate, not an approval. Based on the Comprehensive Operational Guidelines for the National Livestock Mission (Department of Animal Husbandry & Dairying, Jan 2025) — Entrepreneurship Development: 50% capital subsidy in two equal instalments through SIDBI. Caps: sheep / goat 100+5 ₹10 lakh, 200+10 ₹20 lakh, 300+15 ₹30 lakh, 400+20 ₹40 lakh, 500+25 ₹50 lakh; rural poultry (min 1,000 parent birds, low-input breeds) ₹25 lakh; piggery 50+5 ₹15 lakh, 100+10 ₹30 lakh; hay / silage / TMR / fodder block ₹50 lakh; fodder seed processing ₹50 lakh; horse / donkey ₹50 lakh; camel ₹3–50 lakh by unit. Not funded: land, rent / lease, vehicles, working capital. Eligible: individuals, SHGs, FPOs, FCOs, JLGs, Section 8 companies (and cooperatives for fodder). Own or leased land, training / technical expertise, at least 10% own share, run for 3+ years. Loan mode: 1st instalment after the first loan release; self-finance: after 25% own spending + 3-year bank guarantee. Last checked 4 Oct 2026.
कैलकुलेटर के लेबल अंग्रेज़ी में हैं। “Sheep / goat breeding farm” = बकरी / भेड़ पालन, “Rural poultry parent farm” = मुर्गी पालन, “Piggery” = सुअर पालन, “Project cost” = परियोजना लागत (ज़मीन और कार्यशील पूंजी छोड़कर)।
किस इकाई पर कितनी सब्सिडी (NLM 2026)
| पशु / इकाई | इकाई का आकार | अधिकतम सब्सिडी |
|---|---|---|
| बकरी / भेड़ | 100 मादा + 5 नर | ₹10 लाख |
| बकरी / भेड़ | 200 + 10 | ₹20 लाख |
| बकरी / भेड़ | 300 + 15 | ₹30 लाख |
| बकरी / भेड़ | 400 + 20 | ₹40 लाख |
| बकरी / भेड़ | 500 + 25 | ₹50 लाख |
| ग्रामीण मुर्गी पालन (पैरेंट फ़ार्म / हैचरी) | 1,000+ पैरेंट पक्षी | ₹25 लाख |
| सुअर पालन | 50 + 5 / 100 + 10 | ₹15 / ₹30 लाख |
| हे / साइलेज / TMR / चारा ब्लॉक | — | ₹50 लाख |
हर मामले में सब्सिडी = परियोजना लागत का 50% या ऊपर की सीमा, जो भी कम हो। ज़मीन, किराया, गाड़ी और कार्यशील पूंजी पर सब्सिडी नहीं मिलती।
100 से कम बकरी हैं? तो ये रास्ते देखें
| योजना | क्या मिलता है | किसके लिए |
|---|---|---|
| NLM | 50% सब्सिडी, ₹10–50 लाख | 100+5 या बड़ी इकाई |
| मुद्रा लोन | बिना गारंटी लोन, सब्सिडी नहीं | छोटा फ़ार्म, 10–50 बकरी |
| KCC – पशुपालन | ₹2 लाख तक, 7% ब्याज, समय पर चुकाने पर 4% | चारा, दवा, रोज़ का खर्च |
| राज्य की योजना | राज्य के हिसाब से अलग | अपने ज़िले के पशुपालन अधिकारी से पूछें |
एक उदाहरण: 100 बकरी + 5 बकरे
राजस्थान का एक किसान अपनी ज़मीन पर ₹22 लाख की बकरी पालन इकाई लगाता है (शेड, बकरियाँ, उपकरण)। बैंक लोन ₹17.6 लाख, अपना हिस्सा ₹4.4 लाख। 50% होता ₹11 लाख, लेकिन 100+5 की सीमा ₹10 लाख है, इसलिए सब्सिडी ₹10 लाख — ₹5 लाख पहली लोन किस्त के बाद और ₹5 लाख काम पूरा होने पर। सब्सिडी लोन में जमा होने के बाद बचे ₹7.6 लाख पर 10% ब्याज, 5 साल में किश्त लगभग ₹16,150 महीना (बिना सब्सिडी लगभग ₹37,400)।
आवेदन कैसे करें
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाएं — शेड, पशु / पक्षी और मशीनें; ज़मीन और कार्यशील पूंजी अलग रखें (हमारी बकरी पालन प्रोजेक्ट रिपोर्ट देखें)।
- nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन आवेदन करें — KYC, ज़मीन के कागज़, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और रिपोर्ट के साथ।
- राज्य की एजेंसी जाँच करके फ़ाइल बैंक / राज्य समिति को भेजती है।
- लोन मंज़ूरी (या बैंक गारंटी) के बाद SIDBI सब्सिडी दो किस्तों में देता है।
कौन आवेदन कर सकता है
- कोई भी व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह (SHG), FPO, किसान सहकारी संगठन, JLG या सेक्शन 8 कंपनी।
- अपनी या लीज़ पर ली गई ज़मीन होनी चाहिए।
- प्रशिक्षण या अनुभव (या टीम में तकनीकी जानकार) ज़रूरी।
- परियोजना लागत का कम से कम 10% अपना हिस्सा, और इकाई कम से कम 3 साल चलानी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बकरी पालन पर कितनी सब्सिडी मिलती है? राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) में परियोजना लागत की 50% पूंजीगत सब्सिडी — 100 बकरी + 5 बकरे पर अधिकतम ₹10 लाख, 200+10 पर ₹20 लाख, 300+15 पर ₹30 लाख, 400+20 पर ₹40 लाख और 500+25 पर ₹50 लाख। ज़मीन, किराया, गाड़ी और कार्यशील पूंजी पर सब्सिडी नहीं मिलती।
10–50 बकरी के लिए लोन कहाँ से मिलेगा? NLM की सबसे छोटी इकाई 100 बकरी + 5 बकरे है, इसलिए छोटे फ़ार्म को इसमें सब्सिडी नहीं मिलती। छोटे फ़ार्म के लिए मुद्रा लोन (बिना गारंटी) और चारे-दवा के लिए पशुपालन KCC (₹2 लाख तक, समय पर भुगतान पर 4% ब्याज) देखें। अपने राज्य की बकरी पालन योजना भी पशुपालन विभाग से पूछें।
मुर्गी पालन और सुअर पालन पर कितना मिलता है? ग्रामीण मुर्गी पालन पैरेंट फ़ार्म / हैचरी (कम से कम 1,000 पैरेंट पक्षी) पर 50%, अधिकतम ₹25 लाख। सुअर पालन में 50 मादा + 5 नर पर ₹15 लाख और 100 + 10 पर ₹30 लाख तक।
क्या बिना बैंक लोन के सब्सिडी मिलेगी? हाँ, अपने पैसे से भी कर सकते हैं, लेकिन 25% खर्च हो जाने और जाँच के बाद पहली किस्त मिलती है, और 3 साल की बैंक गारंटी देनी होती है।
आवेदन कहाँ और कैसे करें? nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन। KYC, ज़मीन के कागज़ (अपनी या लीज़), प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट लगती है। राज्य एजेंसी जाँच करती है, बैंक लोन मंज़ूर करता है, और सब्सिडी SIDBI से दो बराबर किस्तों में आती है।
स्रोत: राष्ट्रीय पशुधन मिशन के व्यापक परिचालन दिशानिर्देश (पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जनवरी 2025); लोकसभा उत्तर (DAHD, अप्रैल 2025, अनुबंध-I); PIB, 9 दिसंबर 2025; केंद्रीय बजट 2026-27 अनुदान माँग (NLM ₹808 करोड़); KCC: RBI परिपत्र RBI/2025-26/193। अनुमान है, स्वीकृति नहीं। अंतिम जाँच 11 अक्टूबर 2026।
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