UGC के नियम से कॉलेज/यूनिवर्सिटी छोड़ने पर फ़ीस वापसी इस पर तय होती है कि आपने प्रवेश की अधिसूचित अंतिम तारीख़ से कितने दिन पहले या बाद withdrawal दिया: 15+ दिन पहले 100% (अधिकतम ₹1,000 प्रोसेसिंग कटकर), 15 दिन के भीतर पहले 90%, अंतिम तारीख़ के 15 दिन बाद तक 80%, 16-30 दिन बाद 50%, और 30 दिन के बाद कुछ नहीं। जमानत/कॉशन मनी हमेशा पूरी वापस होती है, संस्थान मूल प्रमाण पत्र नहीं रोक सकता, और “फ़ीस नॉन-रिफ़ंडेबल” लिखा प्रॉस्पेक्टस UGC नियम से ऊपर नहीं है। नीचे का टूल आपकी तारीख़ों से रकम निकालता है।
कॉलेज फ़ीस रिफ़ंड कैलकुलेटर
फ़ीस और दोनों तारीख़ें भरें। टूल UGC स्लैब से रिफ़ंड की रकम और आगे का रास्ता बताएगा।
UGC फ़ीस रिफ़ंड नीति (2024-25, 2025-26 के लिए जारी) पर आधारित अनुमान; संस्थान का प्रॉस्पेक्टस भी देखें। 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
UGC रिफ़ंड स्लैब (2024-25, 2025-26 में जारी)
| Withdrawal का समय | रिफ़ंड |
|---|---|
| अंतिम तारीख़ से 15 दिन या ज़्यादा पहले | 100% (₹1,000 तक प्रोसेसिंग फ़ीस कटकर) |
| अंतिम तारीख़ से 15 दिन से कम पहले | 90% |
| अंतिम तारीख़ के 15 दिन बाद तक | 80% |
| अंतिम तारीख़ के 16-30 दिन बाद | 50% |
| 30 दिन से ज़्यादा बाद | 0% (जमानत राशि फिर भी वापस) |
किस पर लागू, किस पर नहीं
- सभी UGC-मान्य विश्वविद्यालय, कॉलेज, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालय (UG/PG/PhD); सत्र की “अंतिम तारीख़” वह जो संस्थान ने औपचारिक रूप से अधिसूचित की।
- AICTE (इंजीनियरिंग, MBA, फ़ार्मेसी): अंतिम तारीख़ से पहले पूरा रिफ़ंड (−₹1,000); उसके बाद सिर्फ़ जमानत*। NMC/मेडिकल: राज्य/काउंसलिंग नियम अलग।
- स्कूल (CBSE/राज्य बोर्ड): UGC नियम नहीं; राज्य फ़ीस नियामक कानून और स्कूल की नीति*।
- कोचिंग संस्थान: UGC नहीं; शिक्षा मंत्रालय कोचिंग दिशानिर्देश 2024 में आनुपातिक रिफ़ंड 10 दिन में*; उपभोक्ता आयोग प्रभावी।
- छात्र का कोर्स बदलना (उसी संस्थान में) या सीट अपग्रेड: फ़ीस समायोजन, रिफ़ंड नहीं।
रिफ़ंड न मिले तो 4 कदम
| कदम | क्या करें | समय |
|---|---|---|
| 1 | लिखित withdrawal + रिफ़ंड माँग ईमेल/रजिस्टर्ड पत्र रजिस्ट्रार/प्रिंसिपल को; UGC नीति का हवाला | तुरंत (तारीख़ का सबूत) |
| 2 | संस्थान की छात्र शिकायत निवारण समिति (SGRC) में शिकायत; लोकपाल (Ombudsperson) को अपील | 15 दिन में जवाब न आए |
| 3 | UGC e-Samadhan पोर्टल (ugc.gov.in) या 1800-111-656; UGC संस्थान को नोटिस देता है, मान्यता पर असर | 30 दिन बाद |
| 4 | ज़िला उपभोक्ता आयोग: रिफ़ंड + हर्जाना + खर्च; ₹5 लाख तक फ़ीस शून्य (फ़ीस चेकर)* | 2 साल के भीतर |
कॉलेज फ़ीस रिफ़ंड: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कॉलेज छोड़ने पर फ़ीस वापस मिलती है? हाँ, UGC नीति से: अंतिम प्रवेश तारीख़ से 15+ दिन पहले 100% (−₹1,000), 15 दिन के भीतर 90%, 15 दिन बाद तक 80%, 16-30 दिन 50%, 30 दिन बाद 0%। जमानत पूरी।
प्रॉस्पेक्टस में “फ़ीस नॉन-रिफ़ंडेबल” लिखा है, तब? UGC नीति संस्थान की शर्त से ऊपर है; UGC ने ऐसे प्रावधानों को अनुचित माना है। लिखित शिकायत और e-Samadhan का रास्ता खुला है।
रिफ़ंड कितने दिन में आता है? UGC के अनुसार 15 दिन के भीतर*; कई संस्थान 30-45 कार्यदिवस लेते हैं। देरी पर SGRC/e-Samadhan।
प्रोसेसिंग फ़ीस कितनी काट सकते हैं? अधिकतम ₹1,000 (100% स्लैब में)। इससे ज़्यादा “प्रोसेसिंग/एडमिन चार्ज” नियम के ख़िलाफ़।
हॉस्टल फ़ीस वापस मिलेगी? जितने दिन रहे उतना काटकर बाकी आनुपातिक वापस; मेस एडवांस भी*। लिखित माँग करें।
मूल प्रमाण पत्र (मार्कशीट) कॉलेज ने रोक लिए? UGC ने संस्थानों को मूल दस्तावेज़ रखने से मना किया है; तुरंत वापस माँगें, न दें तो e-Samadhan/उपभोक्ता आयोग।
एजुकेशन लोन से फ़ीस भरी थी, रिफ़ंड किसे? संस्थान रिफ़ंड बैंक के लोन खाते में भेजता है; बैंक से लोन बंद/समायोजित कराएँ।
क्या उपभोक्ता आयोग शिक्षा के मामले सुनता है? सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा को “सेवा” मानने पर सीमाएँ रखी हैं, पर फ़ीस रिफ़ंड/अनुचित व्यवहार के कई मामलों में आयोगों ने राहत दी है*; UGC रास्ता पहले अपनाएँ।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): UGC फ़ीस रिफ़ंड नीति अधिसूचना 2024-25 और UGC पत्र 27 अक्टूबर 2025 (2025-26 के लिए जारी; DY Patil, Akal University, HSNC University, UPES परिपत्र); UGC छात्र शिकायत निवारण विनियम 2023; AICTE अनुमोदन प्रक्रिया पुस्तिका*; शिक्षा मंत्रालय कोचिंग दिशानिर्देश 2024*। * = संस्थान-विशेष/द्वितीयक, पुष्टि ज़रूरी। यह अनुमान है, कानूनी सलाह नहीं।
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