मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में उत्तर प्रदेश के गाँव में ₹10 लाख तक का उद्योग लगाने पर बैंक लोन का ब्याज सरकार भरती है। सामान्य वर्ग सिर्फ़ 4% ब्याज देता है; SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और पूर्व सैनिक 0%। नीचे अपना ब्याज उपादान और EMI देखें।
ग्रामोद्योग रोजगार योजना ब्याज सब्सिडी कैलकुलेटर
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मुफ़्त अनुमान, मंज़ूरी नहीं। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना (उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड): ग्रामीण क्षेत्र में ₹10 लाख तक के प्रोजेक्ट पर बैंक लोन; सामान्य वर्ग 4% ब्याज भरता है, बाकी सरकार देती है; SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और पूर्व सैनिक का पूरा ब्याज सरकार देती है। अपना हिस्सा 10% / 5%। गणना में उपादान पहले 5 साल और बैंक दर 10% तक माना गया है। नियम 11 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए — अंतिम पुष्टि जिला ग्रामोद्योग अधिकारी / बैंक से करें।
उदाहरण: ₹10 लाख की आटा-मसाला इकाई
गाँव के एक सामान्य वर्ग के पुरुष ₹10 लाख की आटा-मसाला इकाई लगाते हैं। अपना हिस्सा 10% = ₹1,00,000, बैंक लोन ₹9,00,000, बैंक दर 10%, 5 साल। बैंक EMI लगभग ₹19,122। पूरे लोन पर ब्याज लगभग ₹2,47,340 बनता है; इसमें से 10% में 4% से ऊपर का 6% हिस्सा (यानी 60%) सरकार देती है = लगभग ₹1,48,404 ब्याज उपादान (पहले साल ₹50,056)। आपकी जेब से ब्याज सिर्फ़ ₹98,936, असल मासिक बोझ औसतन ₹16,649। यही इकाई कोई महिला ₹5 लाख में लगाए तो अपना हिस्सा 5% = ₹25,000, लोन ₹4,75,000, EMI ₹10,092 और पूरा ब्याज (लगभग ₹1,30,541) सरकार देगी — असल बोझ सिर्फ़ मूलधन ₹7,917 महीना।
योजना के नियम एक नज़र में
| नियम | सामान्य वर्ग (पुरुष) | आरक्षित वर्ग / महिला |
|---|---|---|
| प्रोजेक्ट / लोन सीमा | ₹10 लाख तक (टर्म लोन + कार्यशील पूंजी) | ₹10 लाख तक |
| आप कितना ब्याज भरेंगे | 4% (4% से ऊपर सरकार देगी) | 0% (पूरा ब्याज सरकार देगी) |
| अपना हिस्सा | प्रोजेक्ट लागत का 10% | प्रोजेक्ट लागत का 5% |
| उम्र | 18–50 साल | 18–50 साल |
| जगह | राजस्व गाँव या 20,000 तक आबादी वाला कस्बा | वही |
| रोज़गार की शर्त | पूंजी निवेश प्रति कारीगर ₹50,000 से ज़्यादा नहीं | वही |
| उपादान कैसे मिलता है | बैंक के दावे पर, लोन खाते में (हर 6 महीने) | वही |
| आरक्षित वर्ग में कौन | — | SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग, पूर्व सैनिक |
कैलकुलेटर उपादान पहले 5 साल का और बैंक दर 10% तक का मानता है (कुछ स्रोतों में यही लिखा है)। आपकी शाखा का नियम अलग हो तो उसी हिसाब से मानें।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी, गाँव में रहने वाला या गाँव में इकाई लगाने वाला।
- उम्र 18 से 50 साल (कुछ साइटें 18–40 लिखती हैं — 40 से ऊपर हैं तो पुष्टि करें)।
- कोई न्यूनतम पढ़ाई तय नहीं मिली; ITI / पॉलिटेक्निक प्रशिक्षित, शिक्षित बेरोज़गार, सरकारी प्रशिक्षण पाए युवा और पारंपरिक कारीगर महिलाओं को प्राथमिकता।
- किसी बैंक / वित्तीय संस्था का डिफ़ॉल्टर न हो।
- अपना हिस्सा (10% या 5%) लगाने की क्षमता हो; इकाई का उत्पादन स्थानीय रोज़मर्रा ज़रूरत का हो।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड, PAN कार्ड और पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र / ग्रामीण निवास का प्रमाण
- जाति / वर्ग, दिव्यांग या पूर्व सैनिक प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग के लिए)
- पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र (हों तो)
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (मशीन, कच्चा माल, खर्च, कमाई और रोज़गार का हिसाब)
- बैंक पासबुक; किराए की जगह हो तो किरायानामा
आवेदन कैसे करें
- upkvib.gov.in पर जाकर “ऑनलाइन आवेदन” में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना चुनें, मोबाइल नंबर / आधार से रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करें।
- फ़ॉर्म भरें: नाम, पता, वर्ग, पढ़ाई / प्रशिक्षण, उद्योग का प्रकार, गाँव का पता, प्रोजेक्ट लागत, अपना हिस्सा और बैंक शाखा।
- फ़ोटो, आधार, निवास, वर्ग प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करके फ़ॉर्म जमा करें; आवेदन संख्या संभाल कर रखें।
- जिला ग्रामोद्योग अधिकारी की चयन समिति (टास्क फ़ोर्स) इंटरव्यू / जाँच करके आवेदन बैंक को भेजती है; बैंक लोन मंज़ूर करता है (बैंक अपने “बैंक लॉगिन” से पोर्टल पर स्थिति अपडेट करता है)।
- अपना हिस्सा (10% या 5%) लगाकर इकाई चालू करें। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय ब्याज उपादान पात्रता प्रमाण पत्र देता है; बैंक तय प्रारूप में दावा भेजता है और उपादान आपके लोन खाते में जमा होता है।
आधिकारिक पोर्टल: upkvib.gov.in (उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड)। प्रोजेक्ट रिपोर्ट चाहिए तो हमारी मुफ़्त प्रोजेक्ट रिपोर्ट (हिंदी) बनाएं। दूसरी योजनाओं से तुलना: PMEGP और मुद्रा से तुलना करें (Compare with PMEGP and Mudra)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना क्या है? यह उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड (UPKVIB) की योजना है, जिसमें गाँव के बेरोज़गार युवा ₹10 लाख तक का ग्रामोद्योग (जैसे आटा चक्की, मसाला, अगरबत्ती, फ़र्नीचर, सिलाई, पैकेजिंग) लगाने के लिए बैंक से लोन लेते हैं और उसका ब्याज सरकार भरती है। 100% राज्य सरकार की योजना है; 2026-27 में 800 इकाइयों और 16,000 रोज़गार का लक्ष्य है।
इस योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है? यहाँ पैसे की सीधी सब्सिडी नहीं, ब्याज उपादान (interest subsidy) मिलता है। सामान्य वर्ग के पुरुष सिर्फ़ 4% ब्याज भरते हैं, 4% से ऊपर का ब्याज सरकार देती है। SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और पूर्व सैनिक का पूरा ब्याज सरकार देती है, यानी लोन लगभग बिना ब्याज। 10% बैंक दर पर ₹9 लाख के 5 साल के लोन पर सामान्य वर्ग को लगभग ₹1.48 लाख का उपादान बनता है। कई साइटें इसे “50% / 100% ब्याज सब्सिडी” लिखती हैं — 8% बैंक दर पर दोनों बातें एक ही हैं।
UP online registration कैसे करें, फ़ॉर्म कैसे भरें? upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन में योजना चुनें, मोबाइल / आधार से रजिस्ट्रेशन करें, फ़ॉर्म में अपनी जानकारी, उद्योग, गाँव का पता, लागत और बैंक शाखा भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और जमा करें। आवेदन की स्थिति इसी पोर्टल पर लॉगिन करके देखें। दिक़्क़त हो तो अपने ज़िले के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय जाएँ।
पोर्टल पर “बैंक लॉगिन” क्या है? बैंक लॉगिन आवेदक के लिए नहीं, बैंक शाखाओं के लिए है। जिला कार्यालय से भेजे गए आवेदन बैंक इसी लॉगिन से देखता है, लोन मंज़ूरी / वितरण दर्ज करता है और ब्याज उपादान का दावा भेजता है। आवेदक “आवेदक लॉगिन” से अपना फ़ॉर्म और स्थिति देखते हैं।
यह योजना कब शुरू हुई और क्या 2026 में चल रही है? यह UPKVIB की पुरानी योजना है; कुछ स्रोत इसकी शुरुआत 2002 के आसपास बताते हैं (पक्की तारीख़ आधिकारिक पेज पर नहीं मिली)। हाँ, योजना 2026 में चल रही है: फ़रवरी 2026 की राज्य सरकार की घोषणा में 2026-27 के लिए ₹40 करोड़ बैंक लोन से 800 नई इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है।
CM YUVA योजना और ग्रामोद्योग रोजगार योजना में क्या फ़र्क़ है? CM YUVA (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान) उद्योग विभाग / MSME की योजना है: ₹5 लाख तक बिना ब्याज और बिना गारंटी लोन, उम्र 21–40, गाँव और शहर दोनों। ग्रामोद्योग रोजगार योजना खादी बोर्ड की है: ₹10 लाख तक, सिर्फ़ गाँव / 20,000 तक आबादी वाले कस्बे में, उम्र 18–50, सामान्य वर्ग 4% और आरक्षित वर्ग 0% ब्याज। एक ही इकाई पर दोनों का लाभ आमतौर पर नहीं मिलता।
कौन आवेदन नहीं कर सकता? जो उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी न हो, जिसकी इकाई शहर (20,000 से ज़्यादा आबादी) में हो, जिसकी उम्र 18 से कम या 50 से ज़्यादा हो, जो किसी बैंक का डिफ़ॉल्टर हो, या जिसका प्रोजेक्ट ₹10 लाख से बड़ा हो। लोन का ग़लत इस्तेमाल हुआ या इकाई नहीं चली तो बैंक लोन के साथ ब्याज उपादान भी वापस वसूलता है। मांस, शराब, तंबाकू जैसे काम खादी बोर्ड की निषेध सूची में आते हैं — अपना काम जिला ग्रामोद्योग अधिकारी से जाँच लें।
स्रोत: उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना पेज (upkvib.gov.in/cm_yojana2-hi.aspx: ₹10 लाख तक लोन पर ब्याज उपादान, अपना हिस्सा 10% / 5%, ग्रामीण क्षेत्र = राजस्व गाँव व 20,000 तक आबादी के कस्बे, प्रति कारीगर ₹50,000 पूंजी निवेश); ज़िला गाज़ियाबाद (ghaziabad.nic.in) योजना पेज: सामान्य वर्ग 4% से ऊपर, आरक्षित वर्ग पूरा ब्याज; ज़िला मैनपुरी (mainpuri.nic.in): उम्र 18–50, प्राथमिकता और दस्तावेज़; उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 / फ़रवरी 2026 की ख़बरें: 800 इकाइयाँ, ₹40 करोड़ लोन, 16,000 रोज़गार। अनुमान है, मंज़ूरी नहीं। नियम 11 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए।
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