प्रोप्राइटरशिप (अकेले मालिक का बिज़नेस) का कोई एक सरकारी “रजिस्ट्रेशन” नहीं होता; आपकी फ़र्म की पहचान उन रजिस्ट्रेशनों से बनती है जो आपके काम पर लागू हैं। ज़्यादातर लोगों के लिए शुरुआत Udyam (मुफ़्त) से होती है, फिर दुकान हो तो Shop Act, टर्नओवर ₹40 लाख (माल) या ₹20 लाख (सेवा) से ऊपर या ऑनलाइन/दूसरे राज्य में बिक्री हो तो GST, और खाने का काम हो तो FSSAI। प्रोप्राइटरशिप सही है या पार्टनरशिप/LLP/कंपनी, यह बिज़नेस टाइप चूज़र में तय करें; GST के दस्तावेज़ GST डॉक्यूमेंट चेकलिस्ट में।
प्रोप्राइटरशिप रजिस्ट्रेशन चेकर
अपने काम के बारे में 8 सवाल; टूल बताएगा कौन-से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हैं और कहाँ करें।
GST, FSSAI, EPF/ESIC के केंद्रीय नियम और राज्य-वार जानकारी पर आधारित (*)। 19 अक्टूबर 2026 को जाँचा।
कौन-सा रजिस्ट्रेशन कब ज़रूरी
| रजिस्ट्रेशन | कब ज़रूरी | कहाँ |
|---|---|---|
| Udyam | ज़रूरी नहीं, पर लोन/सब्सिडी/करंट खाते के लिए सबसे काम का (मुफ़्त) | udyamregistration.gov.in |
| GST | टर्नओवर माल में ₹40 लाख / सेवा में ₹20 लाख से ऊपर (पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में ₹10 लाख*), या दूसरे राज्य में माल बेचना, या ई-कॉमर्स पर बिक्री | gst.gov.in |
| Shop & Establishment | दुकान, ऑफ़िस, गोदाम हो तो (राज्य के नियम) | राज्य श्रम विभाग |
| FSSAI | खाने-पीने का कोई भी काम: ₹12 लाख तक बेसिक, ₹12 लाख-₹20 करोड़ स्टेट लाइसेंस, उससे ऊपर सेंट्रल | foscos.fssai.gov.in |
| ट्रेड लाइसेंस | शहर में दुकान, ख़ासकर खाने/हेल्थ/ख़तरनाक व्यापार | नगर निगम |
| IEC | आयात-निर्यात | dgft.gov.in |
| प्रोफ़ेशनल टैक्स | जिन राज्यों में लागू है (महाराष्ट्र, कर्नाटक, बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात आदि*) और कर्मचारी हैं | राज्य कर पोर्टल |
| ESIC / EPF | 10+ / 20+ कर्मचारी | esic.gov.in / epfindia.gov.in |
सही क्रम: पहले क्या करें
- PAN (आपका अपना PAN ही बिज़नेस PAN है) और आधार-मोबाइल लिंक जाँचें।
- Udyam रजिस्ट्रेशन करें: 10 मिनट, मुफ़्त, तुरंत सर्टिफ़िकेट।
- दुकान/ऑफ़िस है तो Shop Act; खाने का काम है तो FSSAI।
- GST ज़रूरी हो तो GST (ऊपर के चेकर में देखें)।
- Udyam + GST/Shop Act लेकर बैंक में करंट खाता खोलें।
प्रोप्राइटरशिप रजिस्ट्रेशन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रोप्राइटरशिप फ़र्म का रजिस्ट्रेशन कैसे करें? इसका अलग से कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होता। Udyam, GST, Shop Act, FSSAI जैसे रजिस्ट्रेशन ही फ़र्म का सबूत हैं; आपके काम के हिसाब से कौन-से चाहिए, यह ऊपर के चेकर से देखें।
प्रोप्राइटरशिप के लिए GST कब ज़रूरी है? माल में सालाना ₹40 लाख, सेवा में ₹20 लाख से ज़्यादा टर्नओवर हो, या दूसरे राज्य में माल बेचें, या Amazon/Flipkart जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर बेचें।
प्रोप्राइटरशिप के नाम पर करंट खाता कैसे खुलेगा? बैंक आम तौर पर दो बिज़नेस सबूत माँगते हैं, जैसे Udyam सर्टिफ़िकेट + GST या Shop Act सर्टिफ़िकेट।
घर से काम करते हैं, क्या Shop Act चाहिए? आम तौर पर नहीं, अगर कोई अलग दुकान/ऑफ़िस/कर्मचारी नहीं; कुछ राज्यों में घर से चलने वाले प्रतिष्ठान भी आते हैं, अपने राज्य का नियम देखें*।
Udyam रजिस्ट्रेशन की फ़ीस कितनी है? ₹0। सरकारी पोर्टल udyamregistration.gov.in पर आधार और PAN से।
प्रोप्राइटरशिप और पार्टनरशिप में क्या फ़र्क है? प्रोप्राइटरशिप में एक मालिक, पार्टनरशिप में दो या ज़्यादा; दोनों में मालिक की निजी देनदारी असीमित। विस्तार से बिज़नेस टाइप चूज़र में।
स्रोत (19 अक्टूबर 2026 को जाँचे): CGST अधिनियम धारा 22 और 24 (GST सीमा और अनिवार्य रजिस्ट्रेशन); FSS (लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) नियम 2011 (₹12 लाख / ₹20 करोड़); EPF अधिनियम (20 कर्मचारी), ESI अधिनियम; Udyam अधिसूचना 2020। * = राज्य-वार नियम (Shop Act, प्रोफ़ेशनल टैक्स वाले राज्य, पूर्वोत्तर GST सीमा, IEC फ़ीस) सेकेंडरी स्रोतों से। राज्य-वार फ़ीस में स्रोत आपस में मेल नहीं खाते, इसलिए यहाँ रकम नहीं दी।
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