किसी की मृत्यु के बाद तीन अलग दस्तावेज़ चलते हैं: वारिस/उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) तहसीलदार या e-District से ₹0-60* में 15-30 दिन में बनता है और परिवार पेंशन, PF, ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति, ज़मीन के नामांतरण और बैंक की सीमा (आम तौर पर ₹1-5 लाख*) तक की जमा में चलता है; उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) ज़िला सिविल कोर्ट देता है, केवल ऋण और प्रतिभूतियों (बैंक जमा, शेयर, MF, बॉन्ड) के लिए, कोर्ट फ़ीस संपत्ति मूल्य का 2-3%* (राज्य सीमा सहित) और 3-6 महीने; वसीयत हो तो प्रोबेट/Letters of Administration (मुंबई, चेन्नई, कोलकाता में अनिवार्य)। नामिती दर्ज हो तो बैंक/बीमा/EPFO सीधे नामिती को देते हैं, पर सुप्रीम कोर्ट (2023) के अनुसार नामिती ट्रस्टी है, रक़म सभी वारिसों की। दिल्ली में Surviving Member Certificate मुफ़्त 14 दिन में*। नीचे का चेकर आपके काम और रक़म से सही दस्तावेज़ और रास्ता बताता है।
वारिस प्रमाण पत्र चेकर
काम, रक़म, नामिती, विवाद, वसीयत और राज्य चुनें। टूल बताएगा कौन सा दस्तावेज़ चाहिए और कैसे मिलेगा।
भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 (धारा 370-372), RBI मृतक दावा निर्देश, राज्य e-District सेवाओं पर आधारित; * = राज्य/बैंक-वार। 15 अक्टूबर 2026 को जाँचे। यह क़ानूनी सलाह नहीं है।
कौन सा दस्तावेज़ कब
| काम | दस्तावेज़ | कहाँ से | फ़ीस / समय* |
|---|---|---|---|
| परिवार पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेच्युटी, PF/EPS | वारिस/उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (+ नामिती/Form 10D/20) | तहसील / e-District | ₹0-60; 15-30 दिन |
| बैंक जमा बिना नामिती, बैंक सीमा तक (₹1-5 लाख*) | वारिस प्रमाण पत्र + शपथपत्र + क्षतिपूर्ति बॉन्ड | तहसील + बैंक | ₹0-60; 15 दिन (RBI) |
| बैंक जमा बिना नामिती, सीमा से ऊपर; शेयर, MF, बॉन्ड, डीमैट | Succession Certificate | ज़िला सिविल कोर्ट | कोर्ट फ़ीस 2-3%*; 3-6 महीने |
| ज़मीन/घर का नामांतरण (बिना विवाद) | वारिस प्रमाण पत्र + सभी वारिसों की सहमति/हक़-त्याग | तहसील / नगर निगम | ₹0-60 + स्टाम्प; 30-90 दिन |
| ज़मीन/घर पर विवाद | सिविल वाद (बँटवारा/घोषणा) | सिविल कोर्ट | कोर्ट फ़ीस; 1-5 साल |
| वसीयत है | प्रोबेट / Letters of Administration | ज़िला/हाई कोर्ट | मूल्य पर कोर्ट फ़ीस; 3-8 महीने |
| नामिती दर्ज है | मृत्यु प्रमाण पत्र + नामिती KYC | बैंक/बीमा/EPFO | ₹0; 15-30 दिन |
| वाहन का नाम बदलना | वारिस प्रमाण पत्र + Form 31 + RC | RTO | ₹300-500*; 15-30 दिन |
राज्य-वार वारिस प्रमाण पत्र
| राज्य | नाम / पोर्टल | शुल्क* | समय-सीमा* |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | उत्तराधिकार प्रमाण पत्र — e-District | ₹15 | 15 दिन |
| बिहार | वंशावली / उत्तराधिकार — RTPS, अंचल अधिकारी | ₹0 | 20 दिन |
| दिल्ली | Surviving Member Certificate — e-District (SDM) | ₹0 | 14 दिन |
| महाराष्ट्र | वारस प्रमाणपत्र (तहसील, सरकारी देय) / Heirship Certificate (सिविल कोर्ट, संपत्ति) | ₹33 / कोर्ट फ़ीस | 30 दिन / 3-6 माह |
| तमिलनाडु | Legal Heir Certificate — e-Sevai | ₹60 | 15 दिन |
| कर्नाटक | Family Tree / Legal Heir — Nadakacheri | ₹15 | 21 दिन |
| आंध्र / तेलंगाना | Family Member Certificate — MeeSeva | ₹35 | 15 दिन |
| गुजरात | वारसाई / पेढ़ीनामु — Digital Gujarat, मामलतदार | ₹20 | 15 दिन |
| राजस्थान / MP / हरियाणा / WB | उत्तराधिकार/Legal Heir — e-Mitra / लोक सेवा / Saral / e-District | ₹0-40 | 15-21 दिन |
Succession Certificate: कोर्ट फ़ीस और प्रक्रिया
- याचिका ज़िला न्यायाधीश के पास जहाँ मृतक रहता था या संपत्ति है (धारा 371); मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिस सूची, ऋण/प्रतिभूति की सूची व मूल्य।
- कोर्ट 45 दिन का सार्वजनिक नोटिस (समाचार पत्र) देता है; आपत्ति न हो तो प्रमाणपत्र; आपत्ति पर सुनवाई, 1-2 साल।
- कोर्ट फ़ीस राज्य Court Fees Act से, आम तौर पर मूल्य का 2-3%*: दिल्ली 2%*, UP 2.5%*, महाराष्ट्र स्लैब (अधिकतम ₹75,000*), तमिलनाडु 3%* (कुछ राज्यों में विधवा/छोटी रक़म पर छूट); वकील फ़ीस ₹10,000-50,000* अलग।
- सुरक्षा (indemnity bond/जमानत) माँगी जा सकती है (धारा 375); प्रमाणपत्र पूरे भारत में मान्य (धारा 380)।
दस्तावेज़ और टिप्स
- मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे पहले: 21 दिन में मुफ़्त पंजीकरण, देर पर विलंब शुल्क/मजिस्ट्रेट आदेश (हमारा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र टूल देखें)।
- सभी वारिसों के नाम शपथपत्र में लिखें; किसी को छोड़ना बाद में प्रमाण पत्र रद्द और धोखाधड़ी का आधार; हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में पत्नी, बच्चे (बेटियाँ बराबर), माँ प्रथम श्रेणी वारिस।
- बैंक “RBI निर्देश: नामिती/वारिस को 15 दिन में भुगतान” याद दिलाएँ; बैंक अपनी सीमा से ऊपर ही Succession Certificate माँग सकता है (RBI 2005 परिपत्र: छोटी रक़म में कोर्ट दस्तावेज़ पर ज़ोर नहीं)।
- EPFO: नामिती न हो तो Form 20 (PF) + 10D (पेंशन) + वारिस प्रमाण पत्र; बीमा: LIC क्लेम फ़ॉर्म 3783 + वारिस प्रमाण/उत्तराधिकार प्रमाणपत्र यदि नामिती नहीं।
वारिस प्रमाण पत्र: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वारिस प्रमाण पत्र और Succession Certificate में फ़र्क क्या है? वारिस/उत्तराधिकार प्रमाण पत्र तहसीलदार देता है (₹0-60*, 15-30 दिन) और संबंध का प्राथमिक प्रमाण है; Succession Certificate सिविल कोर्ट देता है (कोर्ट फ़ीस 2-3%*, 3-6 महीने) और ऋण/प्रतिभूति वसूलने का अधिकार देता है; ज़मीन के लिए कोई भी “मालिकाना” तय नहीं करता।
वारिस प्रमाण पत्र कितने दिन में बनता है और फ़ीस? राज्य लोक सेवा गारंटी में 14-30 दिन: UP 15 दिन ₹15, दिल्ली 14 दिन मुफ़्त, TN 15 दिन ₹60, KA 21 दिन ₹15; लेखपाल/पटवारी जाँच और कभी-कभी नोटिस के बाद।
बैंक FD के लिए Succession Certificate ज़रूरी है? नामिती हो तो नहीं; नामिती न हो और रक़म बैंक की सीमा (आम तौर पर ₹1-5 लाख*) तक हो तो वारिस प्रमाण पत्र + शपथपत्र + क्षतिपूर्ति बॉन्ड पर्याप्त; सीमा से ऊपर या वारिसों में विवाद पर बैंक Succession Certificate माँगता है।
नामिती को पैसा मिलने के बाद वारिसों का हक़? नामिती बैंक/बीमा से पैसा लेकर ट्रस्टी की तरह रखता है; सुप्रीम कोर्ट (Shakti Yezdani 2023, शेयरों पर; बैंक/बीमा पर भी वही सिद्धांत) के अनुसार रक़म उत्तराधिकार क़ानून से सभी वारिसों में बँटेगी।
ज़मीन के नामांतरण में कौन सा प्रमाण पत्र? वारिस प्रमाण पत्र + मृत्यु प्रमाण पत्र + सभी वारिसों की सहमति/हक़-त्याग विलेख से तहसील/नगर निगम में दाख़िल-ख़ारिज; Succession Certificate ज़मीन पर लागू नहीं (धारा 370); विवाद में सिविल वाद।
Succession Certificate की कोर्ट फ़ीस कितनी? राज्य Court Fees Act से संपत्ति मूल्य का 2-3%*: ₹10 लाख पर ₹20-30 हज़ार*; महाराष्ट्र में स्लैब, अधिकतम ₹75,000*; कुछ राज्यों में विधवा/छोटी रक़म पर छूट; वकील फ़ीस अलग।
वसीयत हो तो वारिस प्रमाण पत्र चाहिए? वसीयत के आधार पर दावा; मुंबई, चेन्नई, कोलकाता में प्रोबेट अनिवार्य, बाकी जगह संस्था माँगे तो; अपंजीकृत वसीयत पर बैंक/रजिस्ट्रार प्रायः प्रोबेट या सभी वारिसों की सहमति माँगते हैं।
दिल्ली में Surviving Member Certificate क्या है? दिल्ली e-District से SDM द्वारा मुफ़्त, 14 दिन*: मृतक के जीवित परिवार सदस्यों की सूची; पेंशन, बैंक, संपत्ति कर नाम बदलने में चलता; शपथपत्र + मृत्यु प्रमाण + पहचान।
वारिस प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनाएँ? राज्य e-District/RTPS/e-Sevai/MeeSeva/Nadakacheri पर लॉगइन → सेवा चुनें → मृत्यु प्रमाण, वारिसों के आधार, शपथपत्र, वंशावली अपलोड → शुल्क → तहसील जाँच → ई-हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र डाउनलोड/DigiLocker।
स्रोत (15 अक्टूबर 2026 को जाँचे): भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 धारा 370-381; हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956; RBI परिपत्र मृतक जमाकर्ता दावे (2005, 2016) व 15 दिन निपटान; Shakti Yezdani बनाम जयानंद जयंत साल्गांवकर (SC 2023); Bajaj Finserv, LawSathi, Jurigram, Sansa Legal, VaultProptech गाइड 2025-26 (फ़ीस/समय संकलन)*; UP e-District, Delhi e-District (Surviving Member), TN e-Sevai, Nadakacheri सेवा सूची। * = राज्य/बैंक/कोर्ट-वार, पुष्टि ज़रूरी। यह जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।
और मुफ़्त टूल: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र फ़ीस · परिवार पेंशन · दाख़िल-ख़ारिज · ग्रेच्युटी · PF क्लेम · सभी टूल · मृत्यु प्रमाण पत्र