Encumbrance Certificate (EC, भार-मुक्त/ऋणभार प्रमाण पत्र) सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का दस्तावेज़ है जो बताता है कि किसी संपत्ति पर चुनी अवधि में कौन-कौन से पंजीकृत लेन-देन (बिक्री, गिफ़्ट, बंधक, रिलीज़, लीज़, अटैचमेंट) दर्ज हुए: Form 15 में लेन-देन की सूची, Form 16 “Nil Encumbrance”। EC की औपचारिक व्यवस्था तमिलनाडु (TNREGINET), कर्नाटक (Kaveri 2.0), आंध्र प्रदेश व तेलंगाना (IGRS), केरल (IGR/Pearl), ओडिशा, पुडुचेरी में है, शुल्क ₹1-30 आवेदन + ₹10-30 प्रति वर्ष* (तेलंगाना ₹200 फ़्लैट*), ऑनलाइन 2-7 दिन; उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, MP, गुजरात, WB, हरियाणा, पंजाब में EC नहीं बनता, वहाँ SRO में खोज (₹25/वर्ष*) और वकील का Title Search Report या “भार-मुक्त प्रमाण पत्र” चलता है। बैंक होम लोन में 13 साल (कई 30 साल) का EC माँगते हैं, ख़रीदार 30 साल देखे। नीचे का चेकर आपके राज्य और काम से शुल्क, पोर्टल और कदम बताता है।
EC चेकर
राज्य, उद्देश्य और अवधि चुनें। टूल शुल्क, पोर्टल, समय और कदम बताएगा।
पंजीकरण अधिनियम 1908 धारा 57 और राज्य पंजीकरण पोर्टलों (TNREGINET, Kaveri, IGRS AP/TS, IGR Kerala/Odisha) पर आधारित; * = शुल्क बदल सकते हैं। 15 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
राज्य-वार EC: पोर्टल, शुल्क, समय
| राज्य | पोर्टल | शुल्क (13 साल / 30 साल)* | समय* |
|---|---|---|---|
| तमिलनाडु | tnreginet.gov.in → EC | ₹151 / ₹321 (₹1 + ₹30 + ₹10/वर्ष) | 2-7 दिन ऑनलाइन |
| कर्नाटक | kaverionline.karnataka.gov.in | ₹160 / ₹330 (₹10 + ₹30 + ₹10/वर्ष) | 2-3 कार्यदिवस |
| आंध्र प्रदेश | registration.ap.gov.in → EC | ₹35 / ₹35 (₹25 तक 30 वर्ष + ₹10) | तत्काल-3 दिन |
| तेलंगाना | registration.telangana.gov.in | ₹200 / ₹200 फ़्लैट | 1-3 दिन |
| केरल | igr.kerala.gov.in (Pearl) | ₹280 / ₹280 (₹15 + ₹265; ≤5 वर्ष ₹120) | 3-7 दिन |
| ओडिशा | igrodisha.gov.in | ₹150 / ₹320 (₹20 + ₹10/वर्ष) | 5-10 दिन |
| गुजरात | SRO Index-2 / Garvi | खोज ₹25/वर्ष* | 7-15 दिन |
| महाराष्ट्र | igrmaharashtra e-Search + वकील Search Report | ₹25/वर्ष* + वकील ₹1,500-5,000 | 7-15 दिन |
| दिल्ली | doris.delhi.gov.in + Title Search | ₹100 + ₹25/वर्ष* | 7-15 दिन |
| UP / बिहार / राजस्थान / MP / WB / हरियाणा / पंजाब | IGRSUP / Bhumijankari / epanjiyan / SAMPADA / wbregistration / Jamabandi / PLRS → Document Search; SRO भार-मुक्त प्रमाण | ₹100 + ₹25/वर्ष* | 7-15 दिन |
कितने साल का EC चाहिए
| काम | अवधि | क्यों |
|---|---|---|
| होम लोन / LAP | 13 साल (कई बैंक 30) | Limitation Act में 12 साल; बैंक 13 साल न्यूनतम, SBI/HDFC प्रायः 30 साल पुराने मदर डीड तक |
| ख़रीद-बिक्री | 30 साल | टाइटल चेन (mother deed से) पूरी दिखे |
| नामांतरण / ख़ाता | 12 साल | पिछला मालिक और बंधक स्थिति |
| लोन बंद के बाद | लोन अवधि + 1 साल | बैंक का Release/Discharge दर्ज हुआ या नहीं |
| PF आवास निकासी | 13 साल* | EPFO Form 31 में बिना भार की संपत्ति |
EC में क्या नहीं दिखता
- अपंजीकृत दस्तावेज़: नोटरी एग्रीमेंट, पावर ऑफ़ अटॉर्नी बिक्री, वसीयत, मौखिक बँटवारा।
- कब्ज़ा विवाद, किराएदार, लंबित मुक़दमे (जब तक कोर्ट अटैचमेंट पंजीकृत न हो), सरकारी अधिग्रहण सूचना।
- संपत्ति कर/बिजली बकाया, सोसाइटी बकाया, RERA/नक्शा उल्लंघन।
- इसलिए बैंक EC के साथ वकील की लीगल ओपिनियन, मूल दस्तावेज़, पट्टा/ख़ाता, कर रसीद और NOC भी माँगते हैं।
EC में ग़लती या देर
- नाम/सर्वे नंबर/दस्तावेज़ छूटा: SRO में सुधार आवेदन, मूल रजिस्ट्री दिखाएँ; पुराने (स्कैन न हुए) वर्षों का EC ऑफ़लाइन 15-30 दिन।
- ऑनलाइन EC “under process” 7 दिन+: ज़िला रजिस्ट्रार/IGR हेल्पलाइन (TN 1800-102-5174*, KA Kaveri हेल्पडेस्क, TS 1800-599-4788*)।
- बंधक दिखे पर लोन चुका दिया: बैंक से Deed of Release/Reconveyance रजिस्टर कराएँ (स्टाम्प ₹100-500*), तभी EC साफ़ होगा।
Encumbrance Certificate: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Encumbrance Certificate क्या है और क्यों चाहिए? सब-रजिस्ट्रार का प्रमाण पत्र कि संपत्ति पर चुनी अवधि में कौन से पंजीकृत लेन-देन/भार (बंधक, बिक्री, अटैचमेंट) दर्ज हैं; होम लोन, ख़रीद, नामांतरण और PF आवास निकासी में माँगा जाता है; Form 16 = कोई भार नहीं।
EC कितने दिन में मिलता है? ऑनलाइन (TN, KA, AP, TS, KL, OD) 2-7 दिन, कर्नाटक 2-3 कार्यदिवस में डिजिटल हस्ताक्षरित; ऑफ़लाइन SRO 15-30 दिन; Search Report वाले राज्यों में वकील 7-15 दिन।
EC की फ़ीस कितनी है? तमिलनाडु ₹1 + ₹30 पहला वर्ष + ₹10 प्रति अतिरिक्त वर्ष*; कर्नाटक ₹10 + ₹30 + ₹10/वर्ष; AP ₹25 (30 वर्ष तक) + ₹10*; तेलंगाना ₹200*; केरल ₹15 + ₹105 (5 वर्ष) / ₹265 (6-30 वर्ष)*; ओडिशा ₹20 + ₹10/वर्ष*; UP/MH/दिल्ली में खोज ₹25/वर्ष* + वकील।
होम लोन के लिए कितने साल का EC? बैंक न्यूनतम 13 साल (Limitation Act 12 साल + 1) माँगते हैं; SBI/HDFC/LIC HFL प्रायः 30 साल या मदर डीड तक; नया फ़्लैट हो तो ज़मीन का 30 साल + बिल्डर का EC।
UP, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र में EC कैसे निकालें? इन राज्यों में EC नहीं बनता; IGRSUP/Bhumijankari/DORIS/igrmaharashtra पर Document/Property Search (₹25-100*), SRO में निरीक्षण, और वकील का Title Search Report (₹1,500-5,000*); कुछ SRO “भार-मुक्त/बारह साला” प्रमाण देते हैं।
Form 15 और Form 16 में फ़र्क? Form 15: अवधि में दर्ज सभी लेन-देन (दस्तावेज़ नंबर, तारीख़, पक्ष, मूल्य, प्रकृति) क्रमवार; Form 16: Nil Encumbrance, कोई पंजीकृत भार नहीं; Form 22 आवेदन पत्र है।
EC में बंधक दिख रहा पर लोन चुका दिया? बैंक से Release/Reconveyance Deed लेकर SRO में पंजीकृत कराएँ (स्टाम्प ₹100-500*); तब अगला EC साफ़ दिखेगा; बैंक 30 दिन में दस्तावेज़ लौटाए (RBI 2023), देर पर ₹5,000/दिन हर्जाना।
EC ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करें? राज्य पोर्टल (TNREGINET/Kaveri/IGRS/IGR) पर लॉगइन → EC आवेदन → ज़िला, SRO, गाँव, सर्वे/दस्तावेज़ नंबर, अवधि → शुल्क → स्थिति “Approved” पर डिजिटल हस्ताक्षरित PDF; बैंक को यही मान्य।
EC कितने समय तक वैध है? EC की कोई समाप्ति नहीं, पर वह जारी तारीख़ तक के लेन-देन ही दिखाता है; बैंक/ख़रीदार 1-3 महीने से पुराना EC नहीं मानते, रजिस्ट्री से पहले ताज़ा EC लें।
स्रोत (15 अक्टूबर 2026 को जाँचे): पंजीकरण अधिनियम 1908 धारा 57; TNREGINET शुल्क सूची; Kaveri Online 2.0 (कर्नाटक) शुल्क व समय, ClearTax Karnataka EC गाइड; IGRS AP/Telangana EC सेवा; IGR Kerala शुल्क (BankBazaar/ClearTax Kerala EC, ₹15/₹105/₹265)*; Sansa Legal EC गाइड 2025*; RBI परिपत्र सितंबर 2023 (लोन बंद पर 30 दिन में दस्तावेज़)। * = शुल्क बदल सकते हैं, पोर्टल पर पुष्टि करें। यह जानकारी है।
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