HRA (मकान किराया भत्ता) में टैक्स छूट के लिए नौकरी देने वाले को किराया रसीदें देनी होती हैं। सालाना किराया ₹1 लाख (₹8,333 महीना) से ज़्यादा हो तो मकान मालिक का PAN भी देना ज़रूरी है। इस टूल में एक बार जानकारी भरें, यह 1 से 12 महीने की अलग-अलग रसीदें (रसीद नंबर और महीने की आख़िरी तारीख़ के साथ) एक साथ बना देगा। प्रिंट करके मकान मालिक से हर रसीद पर साइन करवाएँ।
रेंट रसीद जनरेटर
ख़ाने भरें (* वाले ज़रूरी), भाषा चुनें और “बनाएँ” दबाएँ। फिर प्रिंट करें, PDF सेव करें या Word फ़ाइल लें।
मुफ़्त टूल। आपकी भरी जानकारी आपके ब्राउज़र में ही रहती है, कहीं भेजी या सेव नहीं होती। फ़ॉर्मेट सामान्य नमूना है; ज़रूरत हो तो संस्था के नियम के हिसाब से बदलें। 24 अक्टूबर 2026।
HRA के लिए रसीद में क्या होना चाहिए
- किरायेदार और मकान मालिक का नाम, किराये के मकान का पूरा पता।
- किस महीने का किराया, कितनी रकम (अंकों और शब्दों में), किस तरीके से दिया।
- मकान मालिक के हस्ताक्षर; नकद/चेक में ₹5,000 से ज़्यादा पर ₹1 का रेवेन्यू स्टांप*।
- सालाना ₹1 लाख से ज़्यादा किराया: मकान मालिक का PAN (PAN न हो तो मालिक से घोषणा पत्र)।
ध्यान दें
- HRA छूट सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलती है; नई व्यवस्था में नहीं। कितनी छूट मिलेगी, HRA कैलकुलेटर में देखें।
- किराया बैंक/UPI से दें तो उसका रिकॉर्ड सबसे मज़बूत सबूत है।
- माता-पिता को किराया दे सकते हैं, पर वे इसे अपनी आय में दिखाएँगे। पति/पत्नी को किराया देकर HRA लेना जाँच में अटक सकता है*।
- महीने का किराया ₹50,000 से ज़्यादा हो तो किरायेदार को 2% TDS (धारा 194-IB) काटना होता है*; TDS on rent देखें।
- किरायानामा भी बनवाना हो तो रेंट एग्रीमेंट फ़ॉर्मेट।
रेंट रसीद (HRA): अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
HRA के लिए किराया रसीद कैसे बनाएँ? इस पेज पर किरायेदार, मकान मालिक, पता और मासिक किराया भरें, पहला महीना और कितने महीने चुनें, “बनाएँ” दबाएँ। सभी रसीदें एक साथ PDF में आ जाएँगी।
किराया रसीद पर PAN कब ज़रूरी है? जब सालाना किराया ₹1,00,000 (यानी ₹8,333 महीना) से ज़्यादा हो।
क्या किराया रसीद पर रेवेन्यू स्टांप ज़रूरी है? नकद या चेक से ₹5,000 से ज़्यादा की रसीद पर ₹1 का रेवेन्यू स्टांप लगाकर साइन करने का नियम है*। बैंक/UPI भुगतान का रिकॉर्ड अपने आप सबूत है।
क्या 12 रसीदें एक साथ दे सकते हैं? हाँ, ज़्यादातर कंपनियाँ साल के अंत में (या तिमाही में) सभी महीनों की रसीदें एक साथ लेती हैं।
नई टैक्स व्यवस्था में HRA मिलेगा? नहीं। HRA छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में है।
स्रोत (24 अक्टूबर 2026 को जाँचे): आयकर अधिनियम धारा 10(13A) और नियम 2A (HRA), CBDT परिपत्र (सालाना किराया ₹1 लाख से ज़्यादा पर मकान मालिक का PAN), धारा 194-IB (₹50,000/माह से ज़्यादा किराये पर TDS); भारतीय स्टांप अधिनियम (₹5,000 से ज़्यादा की रसीद पर रेवेन्यू स्टांप*)। * वाली बातें अपने टैक्स सलाहकार/कंपनी से पक्का करें।
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