क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल न भरने पर ब्याज करीब 3.5-3.75% महीना (42-45% साल) लगता है, और वह भी ख़रीद की तारीख़ से, पूरी रक़म पर। ₹50,000 के बिल पर सिर्फ़ मिनिमम ड्यू भरने से अगले बिल में करीब ₹3,528 का ब्याज और GST जुड़ता है, और यही करते रहे तो क़र्ज़ ख़त्म होने में करीब 6 साल 4 महीने और कुल ₹88,465 लगते हैं।
क्रेडिट कार्ड ब्याज कैलकुलेटर
बिल की रक़म और जितना भर रहे हैं वह भरें। टूल बताएगा कि अगले बिल में कितना ब्याज, लेट फ़ीस और GST लगेगा, और सिर्फ़ मिनिमम ड्यू भरने पर क़र्ज़ कितने साल चलेगा।
मुफ़्त अनुमान। कार्ड नंबर या फ़ोन नंबर नहीं माँगा जाता। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
सिर्फ़ मिनिमम ड्यू भरने का नुकसान
| बिल | अगले बिल में ब्याज + GST | मिनिमम भरते रहे तो कितना समय | कुल कितना चुकाना |
|---|---|---|---|
| ₹10,000 | ₹706 | 3 साल 8 महीने | ₹16,835 |
| ₹20,000 | ₹1,411 | 4 साल 10 महीने | ₹34,743 |
| ₹50,000 | ₹3,528 | 6 साल 4 महीने | ₹88,465 |
| ₹1,00,000 | ₹7,056 | 7 साल 5 महीने | ₹1,78,004 |
3.75% महीना ब्याज + 18% GST; मिनिमम ड्यू = पूरा ब्याज/GST + बाकी का 5% (कम से कम ₹200), कोई नई ख़रीद नहीं।
RBI के नियम जो आपको पता होने चाहिए
- लेट फ़ीस तभी लग सकती है जब ड्यू डेट के 3 दिन बाद तक भी मिनिमम ड्यू न भरा जाए।
- लेट फ़ीस और ब्याज सिर्फ़ ड्यू डेट के बाद बची रक़म पर लग सकते हैं, पूरे बिल पर नहीं (मार्च 2024 का संशोधन)।
- ड्यू डेट से 3 दिन से ज़्यादा देरी पर ही बैंक क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL) को “देय बकाया” बता सकता है; डिफ़ॉल्ट रिपोर्ट से पहले 7 दिन का नोटिस ज़रूरी।
- मिनिमम ड्यू ऐसा होना चाहिए कि क़र्ज़ बढ़ता न जाए; बिना भरे चार्ज और टैक्स पर ब्याज नहीं जोड़ा जा सकता।
- ब्याज, लेट फ़ीस और दूसरे चार्ज पर 18% GST लगता है।
- नकद निकालने (cash withdrawal) पर पहले दिन से ब्याज, कोई बिना ब्याज वाला समय नहीं।
लेट फ़ीस (बकाया रक़म के हिसाब से, GST अलग)
| बकाया | HDFC बैंक* | SBI कार्ड (1 मई 2026 से)* |
|---|---|---|
| ₹100 तक | ₹0 | ₹0 |
| ₹101-500 | ₹100 | ₹100 |
| ₹501-1,000 | ₹500 | ₹500 |
| ₹1,001-5,000 | ₹500 | ₹750 |
| ₹5,001-10,000 | ₹600 | ₹750 |
| ₹10,001-25,000 | ₹800-900 | ₹950 |
| ₹25,001-50,000 | ₹1,100 | ₹1,100 |
| ₹50,000 से ज़्यादा | ₹1,300 | ₹1,300 |
* कार्ड के MITC/की फ़ैक्ट स्टेटमेंट में अपनी दरें देखें; कुछ स्लैब पक्के नहीं।
क्रेडिट कार्ड ब्याज: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्रेडिट कार्ड पर कितना ब्याज लगता है? आमतौर पर 3.5-3.75% महीना, यानी 42-45% साल; प्रीमियम कार्ड पर करीब 2% महीना। ऊपर से 18% GST।
मिनिमम ड्यू भरने पर ब्याज लगता है क्या? हाँ। लेट फ़ीस से बचते हैं, पर बाकी रक़म पर और नई ख़रीद पर भी ख़रीद की तारीख़ से ब्याज लगता है।
क्रेडिट कार्ड की लेट फ़ीस कब लगती है? ड्यू डेट के 3 दिन बाद तक भी मिनिमम ड्यू न भरें तो; फ़ीस बकाया रक़म के स्लैब से ₹100 से ₹1,300 तक + GST।
बिना ब्याज का समय (interest-free period) कितना होता है? आमतौर पर 18-20 से 48-50 दिन, बशर्ते पिछला पूरा बिल समय पर भरा हो।
क्या 1-2 दिन की देरी से CIBIL ख़राब होता है? RBI नियम से ड्यू डेट के 3 दिन से ज़्यादा देरी होने पर ही बैंक ब्यूरो को बकाया बता सकता है।
क्रेडिट कार्ड का क़र्ज़ जल्दी कैसे ख़त्म करें? नई ख़रीद रोकें, बकाया को कार्ड EMI या सस्ते पर्सनल लोन (10-16%) में बदलें, या कम ब्याज वाले कार्ड पर बैलेंस ट्रांसफ़र करें।
मिनिमम ड्यू कैसे तय होता है? ज़्यादातर बैंक: पूरा ब्याज, फ़ीस और GST + बाकी रक़म का 5% + EMI और ओवरलिमिट रक़म।
₹50,000 बकाया पर महीने का ब्याज कितना है? 3.75% पर करीब ₹1,875 महीना + 18% GST ≈ ₹2,200, अगर कोई नई ख़रीद न हो।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): RBI मास्टर डायरेक्शन, क्रेडिट और डेबिट कार्ड (21 अप्रैल 2022, संशोधन 7 मार्च 2024), HDFC बैंक की फ़ैक्ट स्टेटमेंट (2025), SBI कार्ड फ़ीस संशोधन (Angel One/ET, मार्च 2026), Outlook Money (ब्याज दरें)। * वाले स्लैब पक्के नहीं।
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