FD ब्याज पर टैक्स और TDS कैलकुलेटर FY 2026-27: 15G/15H, सीनियर सिटीजन

FD का ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है: वह आपकी बाक़ी आय में जुड़कर आपके स्लैब के रेट से टैक्स होता है। बैंक जो 10% TDS काटता है, वह आपका पूरा टैक्स नहीं, सिर्फ़ एडवांस है। जैसे ₹15 लाख आय वाले 35 साल के व्यक्ति को ₹80,000 FD ब्याज मिले, तो बैंक ₹8,000 TDS काटेगा, पर नई व्यवस्था में इस ब्याज पर असली टैक्स ₹12,480 बनता है, यानी ITR में ₹4,480 और भरना होगा। वहीं कम आय वाले बुज़ुर्ग को अक्सर पूरा TDS रिफ़ंड मिलता है, या फ़ॉर्म 15H देकर TDS कटता ही नहीं।

FD ब्याज टैक्स कैलकुलेटर

ब्याज, उम्र और बाक़ी आय भरें। सैलरी हो तो स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाकर भरें।

मुफ़्त टूल, आपका कोई डेटा सेव या भेजा नहीं जाता। 27 अक्टूबर 2026 को बनाया/जाँचा; * वाली बातें माध्यमिक स्रोतों से।

FD ब्याज पर TDS के नियम (FY 2026-27)

60 साल से कम60 साल+ (सीनियर सिटीजन)
TDS सीमा (एक बैंक से साल का ब्याज)₹50,000₹1,00,000
TDS दर (PAN के साथ)10%10%
PAN न दिया हो20%20%
TDS रोकने का फ़ॉर्म15G15H
पुरानी व्यवस्था में छूटकोई नहीं (80TTA सिर्फ़ बचत खाते पर)80TTB: ₹50,000 तक ब्याज टैक्स-फ़्री

सीमा हर बैंक के लिए अलग गिनी जाती है (बैंक की सभी शाखाएँ मिलाकर)। अलग-अलग बैंकों में FD रखने से TDS नहीं कटता, पर टैक्स फिर भी देना होता है: सारा ब्याज AIS/26AS में दिखता है।

उदाहरण: बुज़ुर्ग, पुरानी व्यवस्था

रकम
FD ब्याज₹1,20,000
बाक़ी आय (पेंशन)₹2,00,000
बैंक का TDS (₹1 लाख से ज़्यादा ब्याज)₹12,000
80TTB छूट₹50,000
असली टैक्स₹0
रिफ़ंड₹12,000

यहाँ फ़ॉर्म 15H देने पर TDS कटता ही नहीं, और रिफ़ंड का इंतज़ार नहीं करना पड़ता।

फ़ॉर्म 15G/15H कब दें

  • 15H: 60 साल+, और कुल आय पर टैक्स ₹0 (छूट/रिबेट के बाद)।
  • 15G: 60 से कम, कुल आय पर टैक्स ₹0 और ब्याज वगैरह मूल छूट सीमा से कम*।
  • हर वित्त वर्ष की शुरुआत में (अप्रैल में) हर बैंक में अलग दें। नए आयकर अधिनियम 2025 में यह एक ही फ़ॉर्म (121) बन गया है; बैंक अभी 15G/15H नाम से भी लेते हैं*।
  • टैक्स बनता हो तो 15G/15H देना ग़लत घोषणा है, जुर्माना लग सकता है।

ब्याज किस साल गिना जाता है

क्यूमुलेटिव FD में ब्याज मैच्योरिटी पर मिलता है, पर बैंक हर साल का कमाया (accrued) ब्याज उसी साल गिनकर TDS काटता है; आप भी हर साल का ब्याज उसी साल की आय में दिखाएँ, नहीं तो मैच्योरिटी वाले साल में टैक्स एक साथ बढ़ जाता है।

FD ब्याज पर टैक्स: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FD ब्याज पर कितना टैक्स लगता है? आपके स्लैब रेट से: नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक कुल आय पर टैक्स ₹0, उसके ऊपर 15-30%; ऊपर से 4% सेस। बैंक का 10% TDS बाद में आपके टैक्स से घट जाता है।

FD पर TDS कब नहीं कटता? जब एक बैंक से साल का ब्याज ₹50,000 (सीनियर सिटीजन ₹1 लाख) से कम हो, या आपने फ़ॉर्म 15G/15H दिया हो।

FD का TDS वापस कैसे मिलेगा? ITR भरें; आपकी कुल टैक्स देनदारी TDS से कम हो तो बाक़ी रिफ़ंड बैंक खाते में आता है।

सीनियर सिटीजन को FD पर कितनी छूट? पुरानी व्यवस्था में 80TTB में ₹50,000 तक ब्याज टैक्स-फ़्री; नई व्यवस्था में 80TTB नहीं, पर ₹12 लाख तक आय पर टैक्स ₹0 है।

पत्नी के नाम FD करने से टैक्स बचेगा? नहीं, पत्नी को दिए पैसे की FD का ब्याज क्लबिंग नियम से आपकी आय में जुड़ता है (गिफ़्ट माँ-बाप/वयस्क बच्चों को हो तो नहीं)।

स्रोत (27 अक्टूबर 2026 को जाँचे): वित्त अधिनियम 2025 की दरें और सीमाएँ (नई व्यवस्था के स्लैब, 87A रिबेट ₹12 लाख तक, 194A TDS सीमा ₹50,000/₹1,00,000), आयकर अधिनियम 2025 (1 अप्रैल 2026 से) में FY 2026-27 के लिए जारी, जैसा हमारी TDS रेट चार्ट पर; 80TTB (पुरानी व्यवस्था)। सरचार्ज (₹50 लाख+ आय) और नई व्यवस्था में मार्जिनल रिलीफ़ की बारीकियाँ सरल रखी हैं।

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