केंद्र की कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) योजना में अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत (5 एकड़ तक), महिला और पूर्वोत्तर के किसानों को यंत्र की क़ीमत का 50% और बाकी किसानों को 40% अनुदान मिलता है, हर यंत्र की तय अधिकतम सीमा तक। पंजाब, हरियाणा, UP और दिल्ली में पराली मशीनों (सुपर सीडर, हैप्पी सीडर) पर किसान को 50% और समूह/CHC को 80% मिलता है। नीचे अपना अनुदान देखें।
कृषि यंत्र अनुदान कैलकुलेटर
यंत्र, अपनी श्रेणी, राज्य और क़ीमत भरें। टूल बताएगा कितना अनुदान बनता है और आपको कितना पैसा लगाना होगा। कोई फ़ोन नंबर नहीं माँगा जाता।
मुफ़्त अनुमान, सरकारी फ़ैसला नहीं। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
किसको कितना अनुदान
| किसान / संस्था | अनुदान | योजना |
|---|---|---|
| SC/ST, लघु-सीमांत, महिला, पूर्वोत्तर | 50% (सीमा तक) | SMAM |
| अन्य किसान | 40% (सीमा तक) | SMAM |
| पराली मशीन, किसान (पंजाब, हरियाणा, UP, दिल्ली) | 50% | CRM |
| पराली मशीन, FPO/सहकारी/CHC | 80% | CRM |
| कस्टम हायरिंग सेंटर (किराये की मशीनें) | 40% प्रोजेक्ट लागत | SMAM |
हर यंत्र (जैसे 20-40 HP ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर) पर अधिकतम अनुदान की रकम राज्य अपनी सूची में तय करता है, और यह साल-दर-साल बदलती है। इसलिए टूल में “अधिकतम अनुदान” वाला ख़ाना है: पोर्टल की सूची से भरें, अनुदान उससे ज़्यादा नहीं होगा।
आवेदन कहाँ करें
| राज्य | पोर्टल |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | agridarshan.up.gov.in (यंत्र बुकिंग / टोकन) |
| मध्य प्रदेश | ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल (farmer.mpdage.org), लॉटरी से चयन |
| बिहार | OFMAS कृषि यांत्रिकरण पोर्टल (farmech.bih.nic.in) |
| राजस्थान | राज किसान साथी पोर्टल या ई-मित्र |
| हरियाणा | agriharyana.gov.in |
| बाकी राज्य | agrimachinery.nic.in या राज्य कृषि विभाग |
- पहले आवेदन, फिर ख़रीद: चयन (लॉटरी या टोकन) होने के बाद तय समय में यंत्र ख़रीदें। पहले ख़रीदा तो अनुदान नहीं मिलेगा।
- मंज़ूर मॉडल और डीलर: सिर्फ़ पोर्टल की सूची वाले मॉडल और पंजीकृत डीलर से ख़रीदें।
- कागज़: आधार, ज़मीन के कागज़ (ख़तौनी/जमाबंदी), बैंक पासबुक, फ़ोटो, जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए), ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्र के लिए ट्रैक्टर की RC।
- जाँच के बाद पैसा: विभाग यंत्र का भौतिक सत्यापन करता है, फिर अनुदान सीधे बैंक खाते (DBT) में आता है।
- ठगी से बचें: “PM किसान ट्रैक्टर योजना” के नाम पर पैसे माँगने वाली वेबसाइट और कॉल से बचें। आवेदन सिर्फ़ सरकारी पोर्टल पर।
कृषि यंत्र अनुदान: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रैक्टर पर कितनी सब्सिडी मिलती है? SMAM में लघु-सीमांत, SC/ST और महिला किसान को 50% और बाकी को 40%, लेकिन ट्रैक्टर की HP के हिसाब से राज्य की तय अधिकतम सीमा तक। कई राज्यों में ट्रैक्टर पर अनुदान सीमित संख्या में और लॉटरी से मिलता है।
क्या “PM किसान ट्रैक्टर योजना” में 50% सब्सिडी मिलती है? इस नाम की कोई अलग केंद्रीय योजना नहीं है। ट्रैक्टर और यंत्रों पर अनुदान SMAM और राज्यों की योजनाओं से मिलता है। इस नाम से पैसे माँगने वाली वेबसाइटों से सावधान रहें।
रोटावेटर पर कितनी सब्सिडी है? लघु-सीमांत, SC/ST और महिला किसान को 50%, बाकी को 40%, राज्य की अधिकतम सीमा तक। ₹1.1 लाख के रोटावेटर पर 50% से ₹55,000 तक बनता है।
सुपर सीडर पर कितनी सब्सिडी मिलती है? पंजाब, हरियाणा, UP और दिल्ली में पराली प्रबंधन योजना से किसान को 50% और FPO/सहकारी/कस्टम हायरिंग सेंटर को 80% अनुदान।
कृषि यंत्र अनुदान का आवेदन कब होता है? हर राज्य साल में एक-दो बार पोर्टल खोलता है, अक्सर खरीफ़ और रबी से पहले। अपने राज्य के कृषि विभाग के पोर्टल और ज़िला कृषि कार्यालय से तारीख़ देखें।
क्या यंत्र पहले ख़रीद लें? नहीं। पहले आवेदन करें, चयन होने के बाद मंज़ूर डीलर से ख़रीदें। पहले ख़रीदे यंत्र पर आम तौर पर अनुदान नहीं मिलता।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) दिशा-निर्देश और हिमाचल कृषि विभाग का SMAM पेज (50%/40% की दर, प्रति यंत्र अधिकतम सीमा); पराली प्रबंधन (CRM) योजना (किसान 50%, CHC/समूह 80%); राज्य पोर्टलों की जानकारी। हर यंत्र की अधिकतम रकम राज्य की सूची में होती है और बदलती रहती है, इसलिए हमने वह तय नहीं की। agrimachinery.nic.in हमारे सर्वर से नहीं खुला। यह अनुमान है, सरकारी फ़ैसला नहीं।
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