मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (महाराष्ट्र) में 21 से 65 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 मिलते हैं। अब हर साल e-KYC ज़रूरी है, जिसमें पति या पिता का आधार भी लगता है। 2026 में e-KYC की आख़िरी तारीख़ के बाद लाभार्थी लगभग 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गए*। किस्त रुकने की तीन बड़ी वजहें हैं: e-KYC नहीं हुई, बैंक खाता आधार से (DBT) नहीं जुड़ा, या जाँच में नाम अपात्र मानकर हटा दिया गया। नीचे अपना स्टेटस चुनें और उपाय देखें।
लाडकी बहिन किस्त चेकर
पोर्टल पर जो स्टेटस दिखा वह चुनें। टूल वजह और उपाय बताएगा। कोई नंबर नहीं माँगा जाता।
मुफ़्त जाँच, सरकारी फ़ैसला नहीं। राशि और तारीख़ (*) ख़बरों/सरकारी घोषणाओं से हैं और बदल सकती हैं। 23 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
लाडकी बहिन योजना: मुख्य बातें
| मद | विवरण |
|---|---|
| राशि | ₹1,500 हर महीने (₹2,100 का वादा अभी लागू नहीं*) |
| उम्र | 21 से 65 साल |
| आय सीमा | परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख तक |
| अपात्र | आयकरदाता/सरकारी कर्मचारी वाला परिवार, चार पहिया गाड़ी (ट्रैक्टर छोड़कर), दूसरी योजना से ₹1,500 से ज़्यादा |
| e-KYC | हर साल; महिला + पति/पिता का आधार OTP |
| पोर्टल | ladakibahin.maharashtra.gov.in, नारीशक्ति दूत ऐप |
| हेल्पलाइन | 181 |
e-KYC कैसे करें
- ladakibahin.maharashtra.gov.in खोलें और “e-KYC” पर जाएँ।
- अपना आधार नंबर और कैप्चा भरें, आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP डालें।
- विवाहित हैं तो पति का, अविवाहित हैं तो पिता का आधार नंबर और उनका OTP डालें।
- जाति श्रेणी और “परिवार में सरकारी कर्मचारी नहीं / एक परिवार में दो से ज़्यादा लाभार्थी नहीं” वाली घोषणा भरें।
- सफल होने पर स्क्रीनशॉट रखें। OTP नहीं आता तो आधार में मोबाइल अपडेट कराएँ।
लाडकी बहिन किस्त: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाडकी बहिन e-KYC की आख़िरी तारीख़ क्या है? 2026 में e-KYC 31 मार्च तक और गलती सुधार 30 अप्रैल 2026 तक चला, ऐसा ख़बरों में बताया गया*। सरकार नई खिड़की खोले तो पोर्टल पर सूचना आती है।
e-KYC में पति का आधार क्यों माँगते हैं? आय की जाँच के लिए। विवाहित महिला के लिए पति और अविवाहित के लिए पिता की आय देखी जाती है; यह ₹2.5 लाख से ज़्यादा हो तो महिला अपात्र होती है। पति/पिता नहीं हैं (विधवा, तलाकशुदा) तो पोर्टल पर वह विकल्प चुनें।
लाडकी बहिन की अगली किस्त कब आएगी? कोई तय तारीख़ नहीं है; सरकार घोषणा करके भेजती है, कई बार दो महीने की किस्त एक साथ आती है*। पोर्टल और सरकारी घोषणा ही मानें।
मेरा नाम लाडकी बहिन से क्यों हटा? आम वजहें: e-KYC नहीं हुई, पति/पिता की आय ₹2.5 लाख से ज़्यादा, चार पहिया गाड़ी, सरकारी नौकरी या आयकर, उम्र 65 पार, या एक परिवार में दो से ज़्यादा लाभार्थी।
किस्त “भुगतान सफल” दिखती है पर बैंक में नहीं आई? पैसा उस खाते में जाता है जो आधार से DBT के लिए जुड़ा है। myaadhaar.uidai.gov.in पर Bank Seeding Status देखें और उसी बैंक से पूछें।
स्रोत (23 अक्टूबर 2026 को जाँचे): ladakibahin.maharashtra.gov.in; महिला व बाल विकास विभाग महाराष्ट्र का शासन निर्णय (पात्रता, हर साल e-KYC); The Hitavada (2 जून 2026, e-KYC के बाद लाभार्थी घटे), Deccan Chronicle, Scroll रिपोर्ट*। * = ख़बरों से, बदल सकता है।
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