10 या ज़्यादा कर्मचारियों वाली हर कंपनी, दुकान, कारखाने में काम करने वाली महिला को पहले दो बच्चों पर 26 हफ़्ते (प्रसव से पहले 8 तक) और उसके बाद 12 हफ़्ते की पूरी सवेतन मातृत्व छुट्टी का क़ानूनी हक़ है, शर्त सिर्फ़ यह कि प्रसव की संभावित तारीख से पहले 12 महीनों में 80 दिन काम किया हो। सैलरी = छुट्टी से पहले के 3 महीनों की औसत दैनिक मज़दूरी × छुट्टी के दिन; मुफ़्त इलाज न मिले तो ₹3,500 मेडिकल बोनस अलग। सैलरी ₹21,000 तक और ESI कटता हो तो यह पैसा ESIC देता है (100% औसत मज़दूरी, 26 हफ़्ते)। छुट्टी में निकालना गैर-क़ानूनी है। नीचे का टूल आपकी रकम निकालता है।
मातृत्व छुट्टी सैलरी कैलकुलेटर
स्थिति, काम के दिन और पिछले 3 महीनों की सैलरी भरें। टूल बताएगा कितने हफ़्ते, कुल कितनी रकम, बोनस और ESI का रास्ता।
मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 (संशोधन 2017) और ESI नियमों पर आधारित अनुमान; कंपनी की नीति इससे ज़्यादा दे सकती है, कम नहीं। 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
कितनी छुट्टी, किसे
| स्थिति | छुट्टी | प्रसव से पहले अधिकतम |
|---|---|---|
| पहला या दूसरा जीवित बच्चा | 26 हफ़्ते | 8 हफ़्ते |
| दो या ज़्यादा जीवित बच्चे | 12 हफ़्ते | 6 हफ़्ते |
| गोद (3 महीने से छोटा) / कमीशनिंग माँ | 12 हफ़्ते (बच्चा मिलने से) | |
| गर्भपात / MTP | 6 हफ़्ते | |
| नसबंदी | 2 हफ़्ते | |
| गर्भावस्था/प्रसव से बीमारी | +1 महीना | |
| सरकारी कर्मचारी (CCS नियम) | 180 दिन; चाइल्ड केयर लीव 730 दिन अलग |
सैलरी की गणना
- औसत दैनिक मज़दूरी = छुट्टी से ठीक पहले के 3 कैलेंडर महीनों में दी गई मज़दूरी ÷ उन दिनों की संख्या जिनके लिए मज़दूरी दी (टूल सरलता से ÷ 90 लेता है); न्यूनतम मज़दूरी से कम नहीं।
- मज़दूरी में बेसिक, DA, HRA, प्रोत्साहन शामिल; बोनस, ओवरटाइम, PF अंशदान नहीं।
- भुगतान: प्रसव से पहले का हिस्सा प्रमाण (गर्भावस्था प्रमाण पत्र) देने पर एडवांस; बाद का हिस्सा प्रसव प्रमाण के 48 घंटे में।
- मेडिकल बोनस ₹3,500 जब कंपनी मुफ़्त प्रसव-पूर्व/पश्चात देखभाल न दे।
- ESI (सैलरी ₹21,000 तक): ESIC से 100% औसत दैनिक मज़दूरी, 26 हफ़्ते, शर्त पिछली दो अंशदान अवधियों में 70 दिन का अंशदान; ESI अस्पताल के बाहर प्रसव पर ₹7,500 प्रसूति खर्च*; तब मातृत्व लाभ अधिनियम की सैलरी कंपनी नहीं देती (क्रेच/WFH के प्रावधान लागू)।
आपके अधिकार और कंपनी की सीमाएँ
- छुट्टी के दौरान या उसके कारण नौकरी से निकालना, शर्तें बिगाड़ना गैर-क़ानूनी (धारा 12); सज़ा 1 साल तक कैद/₹5,000 जुर्माना।
- गर्भावस्था में भारी काम/लंबे खड़े रहने से छूट (प्रसव से पहले के 10 हफ़्ते)।
- 50+ कर्मचारी: क्रेच, दिन में 4 बार जाने की छूट; बच्चे के 15 महीने तक 2 नर्सिंग ब्रेक।
- छुट्टी के बाद WFH आपसी सहमति से; कंपनी को नियुक्ति पर लिखित में यह सब बताना ज़रूरी (धारा 11A)।
- शिकायत: निरीक्षक (श्रम विभाग) को 1 साल में; आदेश 60 दिन में; अपील।
मैटरनिटी लीव: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मैटरनिटी लीव में पूरी सैलरी मिलती है? हाँ, पिछले 3 महीनों की औसत दैनिक मज़दूरी की दर से पूरे 26 (या 12) हफ़्तों की; कंपनी काट नहीं सकती। ESI में यह पैसा ESIC देता है।
कितने दिन काम करना ज़रूरी है? प्रसव की संभावित तारीख से पहले 12 महीनों में 80 दिन (छुट्टी, तालाबंदी के दिन गिनकर); कॉन्ट्रैक्ट/दैनिक वेतन पर भी लागू।
तीसरे बच्चे पर कितनी छुट्टी? 12 हफ़्ते (6 प्रसव से पहले तक), क्योंकि 26 हफ़्ते पहले दो जीवित बच्चों तक हैं।
मेडिकल बोनस कितना है? ₹3,500, जब कंपनी मुफ़्त प्रसव-पूर्व और पश्चात देखभाल न दे; ESI में इसकी जगह ESIC का इलाज/प्रसूति खर्च।
क्या कंपनी मैटरनिटी लीव में नौकरी से निकाल सकती है? नहीं; छुट्टी के दौरान या उसके कारण बर्खास्तगी गैर-क़ानूनी है, सज़ा का प्रावधान है। गंभीर दुराचार पर ही अपवाद।
प्राइवेट कंपनी में पितृत्व छुट्टी कितनी? क़ानून नहीं; कंपनी की नीति (5-15 दिन आम)*। केंद्रीय कर्मचारियों को 15 दिन।
मैटरनिटी सैलरी पर टैक्स लगता है? सामान्य सैलरी की तरह टैक्स योग्य; मेडिकल बोनस छूट*। नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक कर शून्य।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 (संशोधन 2017) धाराएँ 5, 5A, 5B, 8, 11A, 12, 21; मेडिकल बोनस अधिसूचना ₹3,500; ESI अधिनियम धारा 50, ESI (केंद्रीय) नियम 56 व ESIC प्रसूति खर्च*; सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 अध्याय VI; Aparajitha/Zoho/Hyring 2026 HR गाइड। * वाली बातें पुष्ट नहीं। यह अनुमान है, क़ानूनी सलाह नहीं।
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