नोटिस पीरियड क़ानून नहीं, आपका अपॉइंटमेंट लेटर तय करता है: प्रोबेशन में 7-30 दिन, स्थायी नौकरी में 30-90 दिन आम हैं, और पूरा न करने पर कंपनी बचे दिनों की सैलरी (buyout) काट सकती है, जो आम तौर पर ग्रॉस ÷ 30 × बचे दिन होती है। नया बदलाव: वेतन संहिता 2019 (21 नवंबर 2025 से लागू, केंद्रीय नियम 8 मई 2026) की धारा 17(2) के अनुसार इस्तीफ़े पर भी सारा बकाया आखिरी कार्य-दिवस के 2 कार्य-दिवसों में देना है। कंपनी बिना नोटिस हटाए तो उसे भी बचे दिनों की सैलरी देनी होती है। नीचे का टूल दोनों तरफ़ की गणना करता है।
नोटिस पीरियड buyout कैलकुलेटर
अनुबंध के नोटिस दिन, सर्व किए दिन, सैलरी और छुट्टी भरें। टूल बताएगा कितना कटेगा या कंपनी को कितना देना होगा, और F&F कब तक मिलना चाहिए।
वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और आम अनुबंध-प्रथा पर आधारित अनुमान; आपका अपॉइंटमेंट लेटर अंतिम है। 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
नोटिस पीरियड की गणना कैसे होती है
- प्रति दिन सैलरी = अनुबंध का आधार (ज़्यादातर ग्रॉस/फ़िक्स्ड CTC, कुछ में बेसिक) ÷ 30।
- बचे दिन = अनुबंध का नोटिस − सर्व किए दिन; कंपनी की नीति हो तो अर्जित छुट्टी से एडजस्ट।
- buyout = प्रति दिन सैलरी × बचे दिन; F&F से कटता है या आप भरते हैं; नई कंपनी कई बार reimburse करती है (वह टैक्स योग्य आय)।
- कंपनी हटाए तो “pay in lieu of notice”: बचे दिनों की सैलरी आपको; वर्कर को IR संहिता में 1 महीना नोटिस/वेतन + 15 दिन प्रति वर्ष रिट्रेंचमेंट मुआवज़ा।
- F&F: बकाया सैलरी, छुट्टी का पैसा, बोनस (आनुपातिक), reimbursement; ग्रेच्युटी 30 दिन में (5 साल पर, कैलकुलेटर); PF EPFO से अलग।
आम स्थितियाँ
| स्थिति | नियम/प्रथा |
|---|---|
| प्रोबेशन में इस्तीफ़ा | अनुबंध में लिखा नोटिस (7-30 दिन); कुछ में शून्य |
| नोटिस के दौरान छुट्टी | कंपनी मना कर सकती है या नोटिस बढ़ा सकती है (नीति) |
| नोटिस के दौरान हटाया | बाकी दिनों की सैलरी देय; रिलीविंग/अनुभव पत्र रोकना अनुचित |
| नोटिस न सर्व किया, कंपनी ने रिलीविंग रोका | buyout चुकाने का प्रस्ताव लिखित में दें; फिर भी रोके तो श्रम आयुक्त (वर्कर) / सिविल उपाय |
| बॉन्ड (training bond) | वास्तविक प्रशिक्षण खर्च तक ही वसूली वैध; मनमानी रकम नहीं (कोर्ट फ़ैसले)* |
| GST/टैक्स | नोटिस पे वसूली पर GST नहीं (CBIC 178/10/2022)*; Form 16 में ग्रॉस दिखता है, कटौती विवादित* |
वेतन संहिता का 2 दिन वाला नियम
- धारा 17(2): हटाने, छँटनी, इस्तीफ़े या बंद होने पर बकाया मज़दूरी 2 कार्य-दिवसों में।
- पहले इस्तीफ़े पर कोई समय-सीमा नहीं थी; कंपनियाँ 30-45 दिन लगाती थीं।
- देरी पर दावा: वेतन संहिता के प्राधिकारी (श्रम विभाग) के पास, 3 साल तक; 10 गुना तक मुआवज़ा संभव*।
- राज्यों के नियम 2026 में बन रहे हैं; व्यवहार में लागू होना राज्य-वार*।
नोटिस पीरियड: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नोटिस पीरियड क्या होता है? इस्तीफ़ा या बर्खास्तगी के बाद काम जारी रखने की वह अवधि जो अपॉइंटमेंट लेटर में लिखी है (15-90 दिन); इसमें हैंडओवर होता है और सैलरी मिलती रहती है।
नोटिस पीरियड पूरा न करें तो क्या होगा? कंपनी बचे दिनों की सैलरी (buyout) F&F से काटती है या आपसे माँगती है, और कुछ कंपनियाँ रिलीविंग लेटर रोकती हैं। अनुबंध में buyout का प्रावधान हो तो वह आपका अधिकार है।
buyout की गणना बेसिक पर या ग्रॉस पर? अनुबंध पर निर्भर; ज़्यादातर ग्रॉस/फ़िक्स्ड CTC पर, कुछ बेसिक पर। HR से लिखित पूछें।
छुट्टी से नोटिस एडजस्ट हो सकता है? क़ानूनी अधिकार नहीं, कंपनी की नीति से; बची अर्जित छुट्टी का पैसा वैसे भी F&F में देय है।
F&F कब तक मिलना चाहिए? वेतन संहिता 17(2): आखिरी कार्य-दिवस के 2 कार्य-दिवसों में (21 नवंबर 2025 से); ग्रेच्युटी 30 दिन में।
कंपनी नोटिस के बिना निकाल दे तो? नोटिस के बदले बचे दिनों की सैलरी आपका हक़; वर्कर को IR संहिता में 1 महीना नोटिस/वेतन + रिट्रेंचमेंट मुआवज़ा; शिकायत श्रम आयुक्त को।
नोटिस पे पर टैक्स या GST? GST नहीं (CBIC परिपत्र 2022)*। आयकर में कटौती विवादित है, नियोक्ता Form 16 में ग्रॉस दिखाता है; नई कंपनी का reimbursement आपकी टैक्स योग्य आय।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): वेतन संहिता 2019 धारा 17(2) (LiveLaw, Nexdigm 2026: 2 कार्य-दिवस; केंद्रीय नियम 8 मई 2026), औद्योगिक संबंध संहिता 2020 (रिट्रेंचमेंट), CBIC परिपत्र 178/10/2022 (GST)*, ITAT अहमदाबाद 2017 (नोटिस पे कटौती)*, Wisemonk/India Briefing 2026 (30-90 दिन प्रथा)। अंतिम शर्तें अनुबंध की। यह अनुमान है, क़ानूनी सलाह नहीं।
और मुफ़्त टूल: F&F कैलकुलेटर · ग्रेच्युटी · छुट्टी का पैसा · CTC से इन-हैंड · PF निकासी टैक्स · सभी टूल · सैलरी नहीं मिली