Migration Certificate कैसे बनाएँ 2026: CBSE (DigiLocker), राज्य बोर्ड, यूनिवर्सिटी, फ़ीस

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट वह कागज़ है जो बताता है कि पुराने बोर्ड या यूनिवर्सिटी को आपके दूसरी जगह पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह तब चाहिए जब आप दूसरे बोर्ड या दूसरी यूनिवर्सिटी में दाख़िला लें। CBSE का माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट 2025 से सिर्फ़ DigiLocker में मिलता है और मुफ़्त है। राज्य बोर्ड और यूनिवर्सिटी में अलग से आवेदन करना पड़ता है। नीचे चुनें, टूल पूरा तरीका बता देगा।

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट चेकर

बोर्ड/यूनिवर्सिटी और साल चुनें। कहाँ आवेदन करें, कौन से कागज़ लगेंगे और फ़ीस दिखेगी।

मुफ़्त टूल। CBSE की जानकारी बोर्ड की 2025 की सूचना पर आधारित, 24 अक्टूबर 2026 को जाँची। * वाली फ़ीस और समय हर बोर्ड/यूनिवर्सिटी में अलग हैं।

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट कब चाहिए

  • 12वीं के बाद दूसरे राज्य की यूनिवर्सिटी में दाख़िला (जैसे UP बोर्ड से दिल्ली यूनिवर्सिटी)।
  • CBSE से राज्य बोर्ड या राज्य बोर्ड से CBSE में 11वीं में दाख़िला।
  • ग्रेजुएशन के बाद दूसरी यूनिवर्सिटी से PG।
  • उसी बोर्ड या उसी यूनिवर्सिटी में आगे पढ़ने पर आम तौर पर नहीं चाहिए।

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट और TC में फ़र्क

TC (ट्रांसफ़र सर्टिफ़िकेट)माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट
कौन देता हैस्कूल / कॉलेजबोर्ड / यूनिवर्सिटी
क्या बताता हैआपने स्कूल/कॉलेज छोड़ दिया, कोई बकाया नहींबोर्ड/यूनिवर्सिटी को दूसरी जगह पढ़ने पर आपत्ति नहीं
कब चाहिएहर बार स्कूल/कॉलेज बदलने परबोर्ड या यूनिवर्सिटी बदलने पर
कहाँ सेस्कूल का ऑफ़िस (TC आवेदन पत्र)बोर्ड का कार्यालय, पोर्टल या DigiLocker

CBSE: 2025 से DigiLocker में

CBSE ने 2025 की परीक्षा से कक्षा 10 और 12 के माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट की कागज़ वाली कॉपी देना बंद कर दिया है। डिजिटल साइन वाला सर्टिफ़िकेट रिज़ल्ट के बाद DigiLocker में आ जाता है, इसकी कोई फ़ीस नहीं है, और बोर्ड के मुताबिक़ सभी कॉलेज इसे मानते हैं। पुराने साल का कागज़ वाला डुप्लीकेट चाहिए तो CBSE का DADS पोर्टल है।

राज्य बोर्ड और यूनिवर्सिटी

  • राज्य बोर्ड: ज़्यादातर बोर्ड में फ़ॉर्म, मार्कशीट, TC और ₹100-500 की फ़ीस* के साथ क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन होता है। UP बोर्ड (upmsp.edu.in) में बैंक ड्राफ़्ट के साथ क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करने की बात कही जाती है*।
  • यूनिवर्सिटी: परीक्षा विभाग या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन, फ़ीस ₹200-1,000*। कई यूनिवर्सिटी कॉलेज से नो ड्यूज़ माँगती हैं।
  • समय: 7 से 30 दिन*। दाख़िले की आख़िरी तारीख़ पास हो तो नया कॉलेज अक्सर बाद में जमा करने की छूट देता है; लिखित में पूछें।

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट क्या होता है? बोर्ड या यूनिवर्सिटी का वह कागज़ जो बताता है कि आपके दूसरे बोर्ड/यूनिवर्सिटी में पढ़ने पर उसे आपत्ति नहीं है।

CBSE का माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट कैसे डाउनलोड करें? DigiLocker में लॉग इन करके CBSE → Migration Certificate चुनें, रोल नंबर और साल भरें। 2025 से यह मुफ़्त है और कागज़ वाली कॉपी नहीं मिलती।

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट की फ़ीस कितनी है? CBSE का DigiLocker वाला मुफ़्त है। राज्य बोर्ड में आम तौर पर ₹100-500 और यूनिवर्सिटी में ₹200-1,000, संस्था के हिसाब से।

क्या माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट और TC एक ही है? नहीं। TC स्कूल/कॉलेज देता है, माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट बोर्ड/यूनिवर्सिटी देती है।

क्या उसी यूनिवर्सिटी में PG के लिए माइग्रेशन चाहिए? आम तौर पर नहीं। दूसरी यूनिवर्सिटी में जाने पर चाहिए।

माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट कितने दिन में मिलता है? CBSE का रिज़ल्ट के साथ DigiLocker में। राज्य बोर्ड और यूनिवर्सिटी में आम तौर पर 7-30 दिन।

स्रोत (24 अक्टूबर 2026 को जाँचे): CBSE की 2025 की सूचना (कागज़ वाला माइग्रेशन सर्टिफ़िकेट बंद, DigiLocker वाला मान्य, कोई फ़ीस नहीं; ख़बरों में रिपोर्ट), CBSE DADS पोर्टल (cbseit.in/cbse/web/dads), DigiLocker (digilocker.gov.in), UP बोर्ड (upmsp.edu.in)। * वाली फ़ीस, समय और राज्य बोर्ड/यूनिवर्सिटी की प्रक्रिया आम प्रचलन और ख़बरों पर आधारित है; अपने बोर्ड/यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से पक्का करें।

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