मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना हिमाचल में ₹60 लाख तक की मशीनरी पर 25% सब्सिडी (SC/ST 30%, महिला व दिव्यांग 35%) और ₹60 लाख तक के लोन पर 3 साल 5% ब्याज छूट मिलती है। प्रोजेक्ट ₹1 करोड़ तक, उम्र 18–45 साल। नीचे अपना लाभ देखें।
स्वावलंबन योजना सब्सिडी कैलकुलेटर (हिमाचल)
लागत, मशीनरी और अपनी श्रेणी भरें। तुरंत देखें कितनी पूंजी सब्सिडी, कितनी ब्याज छूट, कितना बैंक लोन और EMI बनेगी। कोई साइन-अप नहीं। HP MMSY capital subsidy, interest subvention, loan & EMI.
मुफ़्त अनुमान, मंज़ूरी नहीं। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना (उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश; अधिसूचना 2019, संशोधित 20-04-2022): ₹60 लाख तक की मशीनरी पर 25% सब्सिडी (SC/ST 30%, महिला व दिव्यांग 35%), कुल लागत ₹1 करोड़ तक, ₹60 लाख तक के लोन पर 3 साल 5% ब्याज छूट। नियम 11 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए — अंतिम पुष्टि ज़िला उद्योग केंद्र / बैंक से करें।
उदाहरण: काँगड़ा की महिला, ₹30 लाख की यूनिट
काँगड़ा की एक 32 साल की महिला ₹30 लाख की बेकरी यूनिट लगाती हैं, जिसमें ₹20 लाख मशीनरी है। 35% दर से पूंजी सब्सिडी ₹7,00,000 (अगर DIC 30% माने तो ₹6,00,000)। अपना हिस्सा 10% = ₹3,00,000, बैंक लोन ₹27,00,000। 10% ब्याज, 7 साल में EMI लगभग ₹44,823 महीना। पहले 3 साल 5% ब्याज छूट से लगभग ₹3,40,466 वापस मिलते हैं। कुल सरकारी लाभ लगभग ₹10.4 लाख। यही यूनिट सामान्य पुरुष लगाए तो सब्सिडी 25% = ₹5,00,000।
स्वावलंबन योजना के नियम एक नज़र में
| मद | लाभ / सीमा | टिप्पणी |
|---|---|---|
| पूंजी / निवेश सब्सिडी — सामान्य (पुरुष) | 25% | अधिकतम ₹15 लाख |
| SC / ST | 30% | अधिकतम ₹18 लाख |
| महिला उद्यमी, विधवा, दिव्यांग | 35% | अधिकतम ₹21 लाख (पुराने नियम में महिला 30%, विधवा 35%) |
| सब्सिडी किस पर | प्लांट-मशीनरी / उपकरण ₹60 लाख तक | पुराना नियम: ₹40 लाख |
| कुल प्रोजेक्ट लागत | ₹1 करोड़ तक (वर्किंग कैपिटल सहित) | पुराना नियम: ₹60 लाख |
| ब्याज छूट (Interest subvention) | 5% सालाना, 3 साल | ₹60 लाख तक के लोन पर (पुराना: ₹40 लाख) |
| ज़मीन (रिपोर्ट के अनुसार) | सरकारी ज़मीन रियायती लीज़ पर; निजी ज़मीन पर स्टांप ड्यूटी में छूट | दर DIC से पूछें |
| उम्र | 18–45 साल (महिला 50 तक — पुष्टि करें) | आवेदन की तारीख पर |
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी (Bonafide Himachali) — हिमाचली प्रमाण पत्र ज़रूरी।
- उम्र 18 से 45 साल (महिलाएँ 50 तक, DIC से पुष्टि करें)।
- नया विनिर्माण, सेवा या व्यापार यूनिट; कुल लागत ₹1 करोड़ तक।
- बैंक / वित्तीय संस्था से लोन लेकर यूनिट लगानी होगी।
- योजना की नकारात्मक सूची (negative list) में आने वाले काम पर लाभ नहीं — सूची DIC से देखें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- हिमाचली (Bonafide) प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड, PAN और पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST), विधवा या दिव्यांग प्रमाण पत्र (लागू हो तो)
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (मशीनरी कोटेशन सहित)
- ज़मीन / किरायानामा के कागज़
- बैंक पासबुक; पढ़ाई या प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र (हो तो)
आवेदन कैसे करें (Apply online)
- mmsy.hp.gov.in पर जाकर नया रजिस्ट्रेशन करें (मोबाइल नंबर, ईमेल) और लॉगिन करें।
- आवेदन फ़ॉर्म में काम (विनिर्माण / सेवा / व्यापार), ज़िला, प्रोजेक्ट लागत, मशीनरी का खर्च और बैंक शाखा भरें।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट, हिमाचली प्रमाण पत्र, आधार, जाति / विधवा / दिव्यांग प्रमाण पत्र और फ़ोटो अपलोड करके जमा करें।
- ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) जाँच करके केस ज़िला स्तरीय समिति और बैंक को भेजता है; बैंक लोन मंज़ूर करता है।
- यूनिट लगने और उत्पादन / काम शुरू होने के बाद DIC में निवेश सब्सिडी का दावा करें; ब्याज छूट का दावा तय फ़ॉर्म (Annexure-E) से होता है।
आधिकारिक पोर्टल: mmsy.hp.gov.in (मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश)। अधिसूचना और गाइडलाइन्स: emerginghimachal.hp.gov.in। प्रोजेक्ट रिपोर्ट चाहिए तो हमारी मुफ़्त प्रोजेक्ट रिपोर्ट (हिंदी) बनाएं।
PMEGP और मुद्रा से तुलना करें (Compare with PMEGP and Mudra) — देखें आपके प्रोजेक्ट पर किस योजना में ज़्यादा लाभ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना हिमाचल में कितनी सब्सिडी मिलती है? ₹60 लाख तक की प्लांट-मशीनरी / उपकरण पर पुरुषों (सामान्य) को 25%, SC / ST को 30% और महिला उद्यमी व दिव्यांग को 35% निवेश सब्सिडी मिलती है। यानी अधिकतम ₹15 लाख (25%) से ₹21 लाख (35%) तक। पुराने नियम और कई खबरों में महिला 30% व विधवा 35% लिखा है, इसलिए अपनी दर DIC से पक्की करें।
स्वावलंबन योजना में ब्याज दर और ब्याज छूट कितनी है? ब्याज दर बैंक तय करता है (आमतौर पर MSME दर, लगभग 9–11%)। सरकार ₹60 लाख तक के लोन पर पहले 3 साल 5% सालाना ब्याज छूट (Interest subvention) देती है, यानी 10% के लोन पर असर में लगभग 5% ब्याज। 2019 के पुराने नियम में यह सीमा ₹40 लाख थी।
आयु सीमा (Age limit) क्या है? आवेदन के समय उम्र 18 से 45 साल होनी चाहिए। 2025 की रिपोर्टों के अनुसार महिलाओं के लिए ऊपरी सीमा 50 साल है। इस पर आधिकारिक अधिसूचना हम नहीं पढ़ पाए, इसलिए 45 से ऊपर की महिलाएँ DIC से पुष्टि करें।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)? हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी (Bonafide Himachali), 18–45 साल (महिला 50 तक), जो नया विनिर्माण, सेवा या व्यापार यूनिट लगाए। कुल प्रोजेक्ट लागत वर्किंग कैपिटल सहित ₹1 करोड़ से ज़्यादा न हो। कृषि, पशुपालन, रेशम पालन जैसी गतिविधियाँ भी हाल में जोड़ी गई हैं (पोर्टल)।
क्या 2026 में योजना चल रही है? हाँ, योजना बंद नहीं हुई है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने अगस्त 2025 में कहा कि योजना बंद नहीं होगी और नए मामले पुराने लंबित मामलों के निपटारे के बाद लिए जाएंगे। इसलिए मंज़ूरी में देर हो सकती है — आवेदन से पहले DIC से स्थिति पूछ लें।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट PDF कहाँ से बनाएं? आवेदन के साथ प्रोजेक्ट रिपोर्ट (मशीनरी, कच्चा माल, खर्च, बिक्री और मुनाफ़े का हिसाब) लगती है। आप हमारी मुफ़्त PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट (हिंदी) से रिपोर्ट बनाकर PDF सेव कर सकते हैं; वही हिसाब इस योजना में भी काम आता है।
गाइडलाइन्स (Guidelines) कहाँ मिलेंगी? योजना की अधिसूचना (2019, संशोधित 20-04-2022) और ऑपरेशनल गाइडलाइन्स 2019 उद्योग विभाग की साइट emerginghimachal.hp.gov.in पर हैं; आवेदन mmsy.hp.gov.in पर होता है। ज़िले की जानकारी आपके ज़िला उद्योग केंद्र (जैसे hpkangra.nic.in) पर भी है।
स्रोत: मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना अधिसूचना, उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश, 23 फ़रवरी 2019, संशोधित 20-04-2022 (PDF); ऑपरेशनल गाइडलाइन्स 2019 (PDF); पोर्टल mmsy.hp.gov.in; योजना जारी रहने पर उद्योग मंत्री का बयान (The Week / Devdiscourse, 29 अगस्त 2025); महिला आयु सीमा 50 साल: दिव्य हिमाचल, जनवरी 2025। अनुमान है, मंज़ूरी नहीं। नियम 11 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए।
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