सैलरी सर्टिफ़िकेट कंपनी का लिखा प्रमाण है कि कर्मचारी कब से, किस पद पर काम कर रहा है और उसका मासिक वेतन (ग्रॉस, कटौती, नेट) कितना है। बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड, किराये का मकान, वीज़ा और स्कूल फ़ीस रियायत में यह माँगा जाता है। नीचे भरें, टूल मासिक-वार्षिक टेबल और नेट सैलरी शब्दों में बना देगा।
सैलरी सर्टिफ़िकेट मेकर
ख़ाने भरें (* वाले ज़रूरी), भाषा चुनें और “बनाएँ” दबाएँ। फिर प्रिंट करें, PDF सेव करें या Word फ़ाइल लें।
मुफ़्त टूल। आपकी भरी जानकारी आपके ब्राउज़र में ही रहती है, कहीं भेजी या सेव नहीं होती। फ़ॉर्मेट सामान्य नमूना है; ज़रूरत हो तो संस्था के नियम के हिसाब से बदलें। 24 अक्टूबर 2026।
सैलरी सर्टिफ़िकेट और सैलरी स्लिप
- सैलरी स्लिप: हर महीने की, उस महीने के दिन और कटौती के साथ।
- सैलरी सर्टिफ़िकेट: किसी काम के लिए एक बार, अभी के वेतन का प्रमाण।
- बैंक अक्सर दोनों के साथ 3-6 महीने का बैंक स्टेटमेंट और Form 16 भी माँगते हैं।
भरा हुआ उदाहरण: होम लोन के लिए
(कंपनी का लेटरहेड: शर्मा ऑटो पार्ट्स प्रा. लि., फ़रीदाबाद) दिनांक: 05-10-2026
वेतन प्रमाण पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि श्री नवीन कुमार, कर्मचारी कोड SAP-0221, दिनांक 01-08-2021 से हमारी कंपनी में “सीनियर अकाउंटेंट” पद पर स्थायी रूप से कार्यरत हैं। उनका सितंबर 2026 का वेतन: बेसिक ₹22,000, HRA ₹8,800, विशेष भत्ता ₹9,200, ग्रॉस ₹40,000; कटौती: PF ₹1,800, प्रोफ़ेशनल टैक्स ₹200, कुल कटौती ₹2,000; नेट वेतन ₹38,000 (अड़तीस हज़ार रुपये), जो HDFC बैंक खाते में जमा होता है।
कृते: शर्मा ऑटो पार्ट्स प्रा. लि., HR मैनेजर (हस्ताक्षर, मोहर)
नाम, नंबर और जगहें उदाहरण के लिए हैं; अपनी जानकारी ऊपर के टूल में भरें।
बैंक सैलरी सर्टिफ़िकेट में क्या देखते हैं
- स्थायी या प्रोबेशन: “स्थायी रूप से कार्यरत” और जॉइनिंग की तारीख़ से बैंक लोन की पात्रता तय करते हैं; प्रोबेशन में कई बैंक लोन नहीं देते।
- स्लिप से मेल: सर्टिफ़िकेट की रकम पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट से मिले; अंतर हो तो लोन फ़ाइल रुक जाती है।
- नकद सैलरी: सैलरी नकद मिलती है तो कई बैंक सर्टिफ़िकेट होते हुए भी ITR माँगते हैं; खाते में सैलरी लेना बेहतर है।
- किसके हस्ताक्षर: HR/अकाउंट्स प्रमुख या मालिक के हस्ताक्षर और कंपनी की मोहर ज़रूरी; बैंक फ़ोन करके सत्यापन भी करते हैं।
सैलरी सर्टिफ़िकेट: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सैलरी सर्टिफ़िकेट कौन जारी करता है? कंपनी का HR/अकाउंट्स विभाग या मालिक, लेटरहेड पर हस्ताक्षर और मुहर के साथ।
सैलरी सर्टिफ़िकेट में क्या होता है? नाम, पद, जॉइनिंग, वेतन के हिस्से (बेसिक, HRA, भत्ते), कटौतियाँ (PF, PT, TDS) और नेट सैलरी।
ग्रॉस और नेट सैलरी में फ़र्क? ग्रॉस = सभी भत्तों सहित; नेट = कटौतियों के बाद हाथ में आने वाली रकम।
यह फ़ॉर्मेट आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले नमूनों के आधार पर Parachar ने बनाया है (24 अक्टूबर 2026)। सरकारी या क़ानूनी काम में संबंधित विभाग का तय फ़ॉर्मेट हो तो वही मान्य है।
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