भारत में NGO के तीन क़ानूनी ढाँचे हैं: ट्रस्ट (2 लोगों से, सबसे आसान, मंदिर/दान के लिए आम), सोसाइटी (कम से कम 7 सदस्य, क्लब/एसोसिएशन के लिए) और सेक्शन 8 कंपनी (2 डायरेक्टर, सबसे ज़्यादा भरोसा, CSR और बड़े डोनर के लिए)। तीनों टैक्स-फ़्री हो सकते हैं (12A) और दानदाता को टैक्स छूट दिला सकते हैं (80G)। बिज़नेस के लिए ढाँचा चुनना हो तो बिज़नेस टाइप चूज़र देखें।
ट्रस्ट, सोसाइटी या सेक्शन 8: NGO चूज़र
6 सवाल; टूल बताएगा आपकी संस्था के लिए कौन-सा ढाँचा सही है और क्यों।
सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860, कंपनी अधिनियम 2013 धारा 8, आयकर अधिनियम (12A/80G) और CSR नियम 2014 पर आधारित। 21 अक्टूबर 2026 को जाँचा।
ट्रस्ट, सोसाइटी और सेक्शन 8 कंपनी में फ़र्क
| ट्रस्ट | सोसाइटी | सेक्शन 8 कंपनी | |
|---|---|---|---|
| क़ानून | राज्य का पब्लिक ट्रस्ट क़ानून (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, MP) या इंडियन ट्रस्ट्स एक्ट 1882 | सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 और राज्य संशोधन | कंपनी अधिनियम 2013, धारा 8 |
| कम से कम लोग | सेटलर + 2 ट्रस्टी* | 7 सदस्य | 2 डायरेक्टर + 2 सदस्य |
| रजिस्ट्रेशन | सब-रजिस्ट्रार के पास ट्रस्ट डीड | राज्य के रजिस्ट्रार ऑफ़ सोसाइटीज़ | MCA पोर्टल (SPICe+) |
| समय | 1-2 हफ़्ते* | 1-2 महीने* | 2-4 हफ़्ते* |
| नियंत्रण | ट्रस्टी (अक्सर जीवन भर) | चुनी गई गवर्निंग बॉडी | बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर |
| हर साल | ऑडिट + ITR-7 | ऑडिट + ITR-7 + सदस्य/चुनाव रिकॉर्ड | ऑडिट + ITR-7 + AOC-4, MGT-7, बोर्ड मीटिंग |
| भरोसा (बड़े डोनर) | मध्यम | मध्यम | सबसे ज़्यादा |
रजिस्ट्रेशन के बाद के ज़रूरी काम
- PAN और संस्था के नाम पर बैंक खाता।
- इनकम टैक्स पोर्टल पर Form 10A: 12A (संस्था की आय टैक्स-फ़्री) और 80G (दानदाता को छूट), पहले 3 साल के लिए अस्थायी, फिर Form 10AB से 5 साल।
- NGO Darpan (NITI Aayog) पर मुफ़्त रजिस्ट्रेशन: सरकारी अनुदान के लिए ज़रूरी।
- कंपनियों से CSR पैसा लेना हो तो MCA पर CSR-1 फ़ॉर्म।
- विदेशी दान: FCRA रजिस्ट्रेशन आम तौर पर 3 साल काम और पिछले 3 साल में ₹15 लाख ख़र्च के बाद*; उससे पहले सिर्फ़ ख़ास प्रोजेक्ट के लिए पूर्व अनुमति।
NGO रजिस्ट्रेशन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NGO बनाने के लिए कितने लोग चाहिए? ट्रस्ट में आम तौर पर 2 ट्रस्टी*, सोसाइटी में कम से कम 7 सदस्य, सेक्शन 8 कंपनी में 2 डायरेक्टर।
ट्रस्ट और सोसाइटी में क्या फ़र्क है? ट्रस्ट को ट्रस्टी चलाते हैं और यह जल्दी बनता है; सोसाइटी सदस्यों की संस्था है जिसमें चुनाव से गवर्निंग बॉडी बनती है और कम से कम 7 सदस्य चाहिए।
CSR फ़ंड के लिए कौन-सा NGO अच्छा है? तीनों CSR-1 फ़ाइल करके CSR ले सकते हैं, पर बड़ी कंपनियाँ अक्सर सेक्शन 8 कंपनी को पसंद करती हैं क्योंकि उसका पूरा रिकॉर्ड MCA पर होता है।
क्या NGO की आय पर टैक्स लगता है? 12A रजिस्ट्रेशन हो और आय उद्देश्य पर ख़र्च हो (आम तौर पर 85%) तो टैक्स नहीं लगता।
80G क्या है? 80G से दानदाता को आम तौर पर दान का 50% उसकी टैक्स योग्य आय से घटाने की छूट मिलती है (पुरानी टैक्स व्यवस्था में)।
क्या ट्रस्ट को बाद में सेक्शन 8 कंपनी में बदल सकते हैं? सीधा बदलाव आसान नहीं; आम तौर पर नई सेक्शन 8 कंपनी बनाकर काम और संपत्ति ट्रांसफ़र की जाती है। इसलिए शुरू में ही सोच-समझकर चुनें।
स्रोत (21 अक्टूबर 2026 को जाँचे): सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 धारा 1 (7 सदस्य), कंपनी अधिनियम 2013 धारा 8, आयकर अधिनियम (12A/12AB, 80G, Form 10A/10AB), कंपनी (CSR नीति) नियम 2014 (CSR-1), FCRA 2010। * = ट्रस्टियों की संख्या, समय, ख़र्च, FCRA की ₹15 लाख शर्त और राज्य-वार ट्रस्ट क़ानून सेकेंडरी स्रोतों से; अपने राज्य में पुष्टि करें।
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