परिवार के कमाने वाले सदस्य (18 से 59 साल) की मौत हो जाए तो राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) में BPL परिवार को ₹20,000 की एकमुश्त मदद मिलती है। उत्तर प्रदेश ने इसे “राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना” के नाम से ₹30,000 कर दिया है और BPL की जगह आय-सीमा रखी है: गाँव में ₹46,080 और शहर में ₹56,450 सालाना। पैसा नए मुखिया (पत्नी, बेटा-बेटी या माता-पिता) के आधार से जुड़े खाते में आता है। नीचे के टूल से अपने राज्य की शर्त, दस्तावेज़ और समय-सीमा देखें।
पारिवारिक लाभ योजना चेकर
राज्य, मृतक की उम्र और परिवार की जानकारी भरें। टूल बताएगा कि ₹30,000 / ₹20,000 की मदद मिल सकती है या नहीं, कहाँ आवेदन करना है, कौन-से काग़ज़ लगेंगे और कितने समय में। कोई फ़ोन नंबर नहीं माँगा जाता।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) और राज्यों के नियमों पर मुफ़्त अनुमान, सरकारी मंज़ूरी नहीं। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
राज्यवार राशि और शर्त
| राज्य | राशि | मृतक की उम्र / शर्त | कहाँ आवेदन |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | ₹30,000 | 18-60; आय ₹46,080 गाँव / ₹56,450 शहर; 1 साल के अंदर | nfbs.upsdc.gov.in (सिर्फ़ ऑनलाइन) |
| बिहार | ₹20,000 | 18-59; BPL; 2 साल के अंदर* | RTPS / प्रखंड कार्यालय |
| मध्य प्रदेश | ₹20,000 + संबल में ₹2/4 लाख* | 18-59; BPL; संबल के लिए पंजीकृत मज़दूर | पंचायत/निकाय, sambal.mp.gov.in |
| राजस्थान | ₹20,000* | 18-59; BPL | ई-मित्र / SJE |
| झारखंड | ₹20,000* | 18-59; BPL | प्रखंड / jharsewa |
| हरियाणा | ₹20,000* | 18-59; BPL (PPP) | सरल हरियाणा / DSWO |
| दिल्ली | ₹20,000* | 18-59; BPL | ज़िला समाज कल्याण |
| महाराष्ट्र | ₹20,000 | 18-59; BPL | तहसील (संजय गांधी योजना शाखा) |
| गुजरात | ₹20,000 | 18-59; BPL (संकट मोचन) | मामलतदार / digitalgujarat |
| अन्य राज्य | ₹20,000* | 18-59; BPL | ज़िला समाज कल्याण / ई-डिस्ट्रिक्ट |
केंद्र हर राज्य को ₹20,000 प्रति परिवार देता है; राज्य चाहे तो अपनी तरफ़ से बढ़ा सकता है (UP ₹30,000, जम्मू-कश्मीर में राज्य बराबर हिस्सा जोड़ता है)। * वाले आँकड़े सर्च से हैं; कार्यालय से पुष्टि करें।
कौन आवेदन कर सकता है
- मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला था और उम्र 18 से 59 साल (UP में 60) थी।
- परिवार BPL है (राज्य की BPL सूची / राशन कार्ड); UP में BPL की जगह आय-सीमा।
- आवेदक परिवार का नया मुखिया है: पत्नी/पति, बेटा-बेटी, या माता-पिता जो अब परिवार चला रहे हों।
- मौत का कारण नहीं देखा जाता (2012 से प्राकृतिक और दुर्घटना दोनों); कुछ राज्य आत्महत्या में अलग नियम लगाते हैं*।
- समय-सीमा: UP में मौत के 1 साल के अंदर; बिहार 2 साल*; बाकी जगह जितनी जल्दी हो सके।
दस्तावेज़
- मृत्यु प्रमाण पत्र (नगर निकाय / ग्राम पंचायत / अस्पताल)
- आवेदक का आधार कार्ड और आधार से जुड़ी बैंक पासबुक (DBT)
- UP: तहसील का आय प्रमाण पत्र; बाकी राज्य: BPL/राशन कार्ड
- मृतक की उम्र का प्रमाण (आधार, वोटर कार्ड, जन्म प्रमाण)
- निवास प्रमाण, परिवार रजिस्टर की नकल (कुटुंब रजिस्टर)
- पासपोर्ट फ़ोटो, मोबाइल नंबर; दुर्घटना में FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
UP में ऑनलाइन आवेदन (nfbs.upsdc.gov.in)
- “नया पंजीकरण” पर जाकर ज़िला, आवेदक का नाम, मृतक का विवरण, बैंक खाता, आधार और मोबाइल भरें।
- मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, फ़ोटो, बैंक पासबुक अपलोड करें (फ़ाइल 20 KB-जैसी सीमा हो सकती है)।
- फ़ॉर्म की प्रिंट कॉपी ज़िला समाज कल्याण कार्यालय में जमा करें (कई ज़िलों में ज़रूरी)।
- लेखपाल/तहसीलदार जाँच करते हैं, SDM और ज़िला समाज कल्याण अधिकारी मंज़ूरी देते हैं; लक्ष्य 45 दिन।
- स्थिति: उसी पोर्टल पर “आवेदन की स्थिति” में पंजीकरण संख्या/खाता संख्या से।
पैसा न आए तो
- पोर्टल पर स्थिति देखें: “लेखपाल स्तर पर लंबित” हो तो तहसील में संपर्क करें।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय होना चाहिए; NPCI मैपिंग देख लें।
- ज़िला समाज कल्याण अधिकारी को लिखित शिकायत; UP में जनसुनवाई (jansunwai.up.nic.in) या CM हेल्पलाइन 1076।
पारिवारिक लाभ योजना: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पारिवारिक लाभ योजना में कितना पैसा मिलता है? केंद्र की NFBS में ₹20,000 एकमुश्त। उत्तर प्रदेश में ₹30,000। मध्य प्रदेश में संबल-पंजीकृत मज़दूर की मौत पर अलग से ₹2 लाख (सामान्य) / ₹4 लाख (दुर्घटना)*।
पारिवारिक लाभ योजना के लिए पात्रता क्या है? परिवार के मुख्य कमाने वाले (18-59 साल, UP में 60) की मौत; परिवार BPL (UP में आय ₹46,080 गाँव / ₹56,450 शहर से कम); आवेदक नया मुखिया।
पारिवारिक लाभ योजना का फ़ॉर्म कैसे भरें? UP में सिर्फ़ ऑनलाइन nfbs.upsdc.gov.in पर; बिहार में RTPS/प्रखंड; बाकी राज्यों में ज़िला समाज कल्याण या ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल। मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार, बैंक पासबुक और आय/BPL प्रमाण चाहिए।
पारिवारिक लाभ योजना का पैसा कितने दिन में आता है? जाँच के बाद आम तौर पर 45-90 दिन; UP का लक्ष्य 45 दिन है। पैसा आधार से जुड़े खाते में DBT से आता है।
पारिवारिक लाभ योजना का स्टेटस कैसे देखें? UP: nfbs.upsdc.gov.in पर “आवेदन की स्थिति” में पंजीकरण या खाता संख्या से। बिहार: RTPS पोर्टल पर आवेदन संख्या से। बाकी: ज़िला समाज कल्याण कार्यालय।
बुज़ुर्ग पिता की मौत पर पारिवारिक लाभ मिलेगा? नहीं, मृतक की उम्र 18-59 (UP में 60) के बीच होनी चाहिए। 60+ की मौत पर पत्नी के लिए विधवा पेंशन का आवेदन करें।
आत्महत्या के मामले में पारिवारिक लाभ मिलता है? NFBS के केंद्र के नियम 2012 से मौत का कारण नहीं देखते, पर कुछ राज्य/कार्यालय आत्महत्या में मना करते हैं*। मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करें और कार्यालय से पूछें।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): NSAP दिशानिर्देश (ग्रामीण विकास मंत्रालय; NFBS ₹20,000, 18-59, BPL), myscheme.gov.in (NFBS-UP ₹30,000), सहारनपुर ज़िला पेज, IMPRI (NFBS 1995), UP के लिए egovtschemes/adda247/sarkariyojana (आय सीमा, 1 साल), बिहार के लिए skillupbihar/sarkariyojana/biharhelp (₹20,000, 2 साल, उम्र पर मतभेद), publicservicesmap (गुजरात/महाराष्ट्र ₹20,000)। * वाले बिंदु सर्च से, कार्यालय से पुष्टि करें। यह अनुमान है, सरकारी मंज़ूरी नहीं।
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