लेबर कार्ड के फ़ायदे 2026: बिहार, राजस्थान, MP, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड में कितना मिलता है

लेबर कार्ड (BOCW श्रमिक पंजीकरण कार्ड) बनवाने पर हर राज्य का भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड शादी, प्रसूति, मौत, विकलांगता, बच्चों की पढ़ाई, 60 के बाद पेंशन, औज़ार और मकान पर सीधे खाते में पैसा देता है, लेकिन रकम और शर्तें राज्य-राज्य बहुत अलग हैं: बेटी की शादी पर बिहार ₹50,000, राजस्थान ₹55,000, हरियाणा ₹51,000 से ज़्यादा; दुर्घटना में मौत पर ₹2 लाख से ₹5 लाख; पेंशन ₹1,000 से ₹3,000 महीना। ज़्यादातर लाभ 1 से 3 साल की सदस्यता और हर साल नवीनीकरण पर टिके हैं। नीचे का टूल छह राज्यों की पूरी सूची एक जगह देता है। ई-श्रम कार्ड इससे अलग है: उसमें सिर्फ़ ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा मिलता है, राज्य के ये लाभ नहीं।

लेबर कार्ड फ़ायदे चेकर (राज्यवार)

राज्य और घटना चुनें। टूल बताएगा उस राज्य के श्रमिक कल्याण बोर्ड से कितनी रकम, किस शर्त पर और कहाँ आवेदन करना है। UP के लिए अलग टूल नीचे है।

राज्यों की सूचियों पर आधारित मुफ़्त अनुमान; * वाली रकम स्रोतों में अलग है। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।

राज्यवार मुख्य रकम एक नज़र में

घटनाबिहारराजस्थानMP (संबल)हरियाणादिल्लीझारखंड
बेटी की शादी₹50,000₹55,000₹55,000*₹51,000 + ₹50,000*₹51,000*₹30,000*
प्रसूति₹6,000*₹20,000₹16,000₹36,000₹30,000*₹15,000*
सामान्य मौत₹2 लाख₹2 लाख₹2 लाख₹2 लाख*₹2 लाख*₹1 लाख*
दुर्घटना में मौत₹4 लाख₹5 लाख₹4 लाख₹5 लाख₹2 लाख + बीमा*₹4 लाख*
पेंशन (60+)₹1,000₹3,000*₹1,000*₹3,000₹3,000₹1,000
मकान₹1.5 लाख*₹1.5 लाख*PM आवास प्राथमिकता₹1.5 लाख*₹3 लाख ब्याज*प्राथमिकता

* = राशि अलग-अलग स्रोतों में अलग है या बोर्ड की ताज़ा अधिसूचना नहीं मिली; आवेदन से पहले श्रम कार्यालय से पुष्टि करें। UP की पूरी सूची UP लेबर कार्ड लाभ चेकर में है।

लेबर कार्ड कौन बनवा सकता है

  1. उम्र 18 से 60 साल, और पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण का काम (राजमिस्त्री, मज़दूर, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, सेंट्रिंग, वेल्डर, टाइल-मार्बल, सड़क/पुल/बाँध मज़दूर आदि)।
  2. 90 दिन का प्रमाण: ठेकेदार/नियोजक का सर्टिफ़िकेट, या ग्राम पंचायत/श्रम अधिकारी का स्व-घोषणा सत्यापन।
  3. दस्तावेज़: आधार, बैंक पासबुक, फ़ोटो, राशन कार्ड/निवास प्रमाण, परिवार के सदस्यों का आधार (हरियाणा में परिवार पहचान पत्र ज़रूरी)।
  4. शुल्क ₹10 से ₹50 पंजीकरण + ₹25 से ₹100 सालाना (राज्य के हिसाब से; दिल्ली में 2026 में माफ़*)। हर साल नवीनीकरण न हो तो दावा रुक जाता है।
  5. आवेदन राज्य के श्रम पोर्टल, CSC / जन सेवा केंद्र/ई-मित्र/लोक सेवा केंद्र या श्रम कार्यालय से; कार्ड 15 से 30 दिन में।

दावा कैसे करें और कब तक

  • शादी: शादी से पहले या 1 साल के भीतर*; शादी कार्ड, बेटी/दुल्हन का आधार (उम्र 18+, दूल्हा 21+), 3 साल (बिहार) या 1 साल (राजस्थान/झारखंड) की सदस्यता।
  • प्रसूति: जन्म प्रमाण पत्र, अस्पताल का डिस्चार्ज, महिला का खुद पंजीकृत होना (कई राज्यों में पुरुष सदस्य की पत्नी को कम या नहीं); 2 बच्चों तक।
  • मौत: मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनी का आधार/बैंक, दुर्घटना में FIR और पोस्टमार्टम; ज़्यादातर राज्यों में 1 साल के भीतर दावा।
  • पेंशन: 60 साल पूरे होने पर, 3 से 5 साल की लगातार सदस्यता; राजस्थान/MP में साथ में PM-SYM/APY का प्रीमियम बोर्ड भरता है।
  • पढ़ाई: हर साल स्कूल/कॉलेज का बोनाफ़ाइड और पिछली कक्षा की मार्कशीट; ज़्यादातर राज्यों में 2 बच्चों तक।

ई-श्रम कार्ड और लेबर कार्ड में फ़र्क

ई-श्रम (eshram.gov.in) केंद्र का असंगठित मज़दूर डेटाबेस है; उसमें सिर्फ़ PMSBY का ₹2 लाख दुर्घटना बीमा और योजनाओं की सूचना मिलती है, ₹3,000 पेंशन के लिए PM-SYM में अलग से अंशदान चाहिए। लेबर कार्ड राज्य के BOCW बोर्ड का है, जिसके पास निर्माण पर 1% सेस का फ़ंड होता है, इसलिए ऊपर की नकद सहायता इसी से मिलती है। दोनों कार्ड साथ रखे जा सकते हैं।

लेबर कार्ड: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लेबर कार्ड से क्या-क्या फ़ायदे मिलते हैं? बेटी की शादी पर ₹30,000 से ₹55,000, प्रसूति पर ₹6,000 से ₹36,000, सामान्य मौत पर ₹1 से 2 लाख, दुर्घटना में मौत पर ₹2 से 5 लाख, विकलांगता पर ₹50,000 से ₹3 लाख, बच्चों की पढ़ाई पर ₹5,000 से ₹35,000 सालाना, 60 साल बाद ₹1,000 से ₹3,000 पेंशन, औज़ार/साइकिल और मकान सहायता, राज्य के हिसाब से।

बिहार लेबर कार्ड पर कितना पैसा मिलता है? बेटी की शादी ₹50,000 (3 साल सदस्यता), सामान्य मौत ₹2 लाख, दुर्घटना में मौत ₹4 लाख, स्थायी विकलांगता ₹75,000, पेंशन ₹1,000 महीना (5 साल सदस्यता), साइकिल ₹3,500, औज़ार ₹15,000 तक, पढ़ाई ₹5,000 से ₹20,000, मकान ₹1.5 लाख*।

राजस्थान श्रमिक कार्ड पर शादी में कितना मिलता है? शुभ शक्ति योजना में बेटी (2 तक) या खुद महिला मज़दूर की शादी पर ₹55,000; दुर्घटना में मौत पर ₹5 लाख, प्रसूति ₹20,000, छात्रवृत्ति ₹8,000 से ₹35,000।

MP संबल कार्ड के फ़ायदे क्या हैं? सामान्य मौत ₹2 लाख, दुर्घटना में मौत ₹4 लाख, स्थायी विकलांगता ₹2 लाख, आंशिक ₹1 लाख, अंत्येष्टि ₹5,000, प्रसूति ₹16,000, बच्चों की कॉलेज फ़ीस, सस्ती बिजली और PM आवास में प्राथमिकता।

हरियाणा लेबर कार्ड पर बेटी की शादी में कितना मिलता है? कन्यादान ₹51,000 (शादी से पहले) और विवाह सहायता ₹50,000 (शादी के बाद)*, 3 बेटियों तक; प्रसूति ₹36,000, पेंशन ₹3,000, दुर्घटना में मौत ₹5 लाख।

लेबर कार्ड कितने दिन में बनता है और कितनी फ़ीस है? ऑनलाइन या CSC से आवेदन के 15 से 30 दिन में; फ़ीस ₹10 से ₹50 पंजीकरण और ₹25 से ₹100 सालाना। 90 दिन के काम का प्रमाण और 18-60 साल उम्र ज़रूरी।

ई-श्रम कार्ड से भी यही पैसा मिलता है? नहीं। ई-श्रम से सिर्फ़ ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा मिलता है। शादी, प्रसूति, पेंशन जैसे नकद लाभ राज्य के लेबर कार्ड (BOCW) से ही मिलते हैं। दोनों बनवाएँ।

लेबर कार्ड रिन्यू न कराएँ तो क्या होगा? सदस्यता टूट जाती है और दावा रद्द हो सकता है; पेंशन के लिए लगातार 3 से 5 साल की सदस्यता गिनी जाती है। हर साल ₹25 से ₹100 देकर पोर्टल/CSC से नवीनीकरण कराएँ।

स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजना सूची (bocw.bihar.gov.in, ज़िला/एग्रीगेटर पन्नों से), राजस्थान श्रम विभाग (शुभ शक्ति, प्रसूति, शिक्षा-कौशल विकास, हिताधिकारी मृत्यु सहायता), MP संबल 2.0 पोर्टल और MP BOCW, हरियाणा HBOCWWB (कन्यादान, मातृत्व लाभ, पेंशन), दिल्ली DBOCWWB, झारखंड JBOCWWB/श्रमाधान, myScheme.gov.in के स्कीम कार्ड। सरकारी PDF क्लाउड से नहीं खुले, इसलिए * वाली रकम माध्यमिक स्रोतों से है और स्रोतों में अलग मिली (जैसे बिहार प्रसूति, हरियाणा विवाह)। OSH कोड 2020 लागू होने से BOCW नियम बदल सकते हैं। यह अनुमान है, बोर्ड का फ़ैसला नहीं।

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