Home Guard Salary 2026: राज्य-वार ड्यूटी भत्ता, महीने में कितना

होम गार्ड स्वयंसेवक होते हैं, नियमित कर्मचारी नहीं, इसलिए उन्हें महीने का वेतन नहीं बल्कि हर ड्यूटी दिन का भत्ता मिलता है। यह भत्ता राज्य तय करता है: दिल्ली में करीब ₹844*, बिहार ₹764*, हरियाणा ₹750*, UP और राजस्थान करीब ₹600*। महीने में कितनी कमाई होगी, यह इस पर निर्भर है कि कितने दिन ड्यूटी मिली: पूरे 30 दिन ड्यूटी पर दिल्ली में करीब ₹25,320, UP में करीब ₹18,000।

होम गार्ड सैलरी कैलकुलेटर

राज्य चुनें (या अपने ज़िले का दैनिक भत्ता भरें) और महीने में ड्यूटी के दिन भरें।

मुफ़्त टूल। * = गाइड/ख़बर से लिया आँकड़ा, बदल सकता है। इनकम टैक्स नहीं जोड़ा। 26 अक्टूबर 2026 को जाँचे।

राज्य-वार होम गार्ड ड्यूटी भत्ता*

राज्यप्रति दिन*30 दिन ड्यूटी पर
दिल्ली₹844₹25,320
बिहार₹764₹22,920
हरियाणा₹750₹22,500
उत्तर प्रदेश₹600₹18,000
राजस्थान₹600₹18,000
मध्य प्रदेश₹500₹15,000

* ये दरें गाइडों और ख़बरों से हैं और स्रोतों में अंतर है (जैसे UP के लिए ₹500 से ₹800 तक बताया जाता है)। अपने ज़िला कमांडेंट होम गार्ड्स के दफ़्तर से ताज़ा दर पूछें और टूल में भरें।

ध्यान दें

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि होम गार्ड का ड्यूटी भत्ता उस राज्य के पुलिस कांस्टेबल के न्यूनतम वेतन के आधार पर तय होना चाहिए*; कई राज्यों ने इसी आधार पर दरें बढ़ाईं।
  • ड्यूटी हर महीने पूरी नहीं मिलती; चुनाव, त्योहार और ट्रैफ़िक ड्यूटी में दिन ज़्यादा होते हैं।
  • ड्यूटी के दौरान मौत या चोट पर राज्य के नियम से मुआवज़ा मिलता है*।

होम गार्ड कैसे बनें और ड्यूटी कैसे मिलती है

  • नामांकन: ज़िला कमांडेंट होमगार्ड के विज्ञापन से; ज़्यादातर राज्यों में 10वीं पास, 18-30/35 साल, उसी ज़िले का निवासी, और दौड़-कद नाप*।
  • ड्यूटी मिलती कैसे है: होम गार्ड को महीने में तय दिन नहीं, ज़रूरत के हिसाब से ड्यूटी मिलती है (ट्रैफ़िक, थाना, चुनाव, मेला)। जितने दिन ड्यूटी, उतना भत्ता, इसलिए महीने की कमाई ऊपर-नीचे होती है।
  • सुप्रीम कोर्ट का नियम: कोर्ट ने कहा है कि होम गार्ड का ड्यूटी भत्ता पुलिस सिपाही के न्यूनतम वेतन के हिसाब से होना चाहिए*; इसी आधार पर कई राज्यों ने भत्ता बढ़ाया।
  • काम: पुलिस की मदद: ट्रैफ़िक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपदा राहत और चुनाव ड्यूटी।
  • ध्यान दें: होम गार्ड स्वयंसेवक हैं, इसलिए पेंशन/NPS नहीं; पर ड्यूटी में दुर्घटना पर राज्य की बीमा/मुआवज़ा योजना लागू होती है*।

महीने की कमाई कैसे बदलती है

  • उदाहरण: महीने में 20 दिन ड्यूटी मिली तो 20 × दैनिक भत्ता; 10 दिन मिली तो आधा। इसलिए महीने का पक्का हिसाब नहीं होता।
  • किसके लिए सही: स्थानीय स्तर पर पुलिस के साथ काम करना चाहने वालों के लिए; पर पक्की आय के लिए दूसरा काम भी रखें।
  • आम ग़लतफ़हमी: होम गार्ड को पुलिस का सिपाही समझा जाता है; वे स्वयंसेवक हैं और उन्हें पुलिस जैसी गिरफ़्तारी की शक्ति नहीं होती।
  • तुलना: अगर पूरे महीने ड्यूटी मिले तो कई राज्यों में होम गार्ड की कमाई नए कांस्टेबल के बेसिक के करीब पहुँचती है*, पर ऐसा हर महीने नहीं होता।

होम गार्ड सैलरी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

होम गार्ड को एक दिन का कितना पैसा मिलता है? राज्य पर निर्भर: दिल्ली ₹844*, बिहार ₹764*, हरियाणा ₹750*, UP/राजस्थान करीब ₹600*, MP करीब ₹500*।

होम गार्ड की महीने की सैलरी कितनी है? दैनिक भत्ता × ड्यूटी के दिन। 30 दिन ड्यूटी पर UP में करीब ₹18,000, दिल्ली में ₹25,320*।

क्या होम गार्ड को पेंशन मिलती है? होम गार्ड नियमित कर्मचारी नहीं हैं, इसलिए आम तौर पर पेंशन नहीं; कुछ राज्यों में सेवा समाप्ति पर एकमुश्त राशि मिलती है*।

स्रोत (26 अक्टूबर 2026 को जाँचे): राज्य-वार दैनिक भत्ता: दिल्ली होम गार्ड्स निदेशालय (₹844 जिसमें ₹40 यात्रा भत्ता) और दूसरे राज्यों की दरें गाइडों/ख़बरों से, 26 अक्टूबर 2026 तक; स्रोतों में अंतर है*।

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