Gift Deed Format: दान पत्र (गिफ़्ट डीड) हिंदी/English में बनाएँ

गिफ़्ट डीड (दान पत्र) से कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति बिना पैसे लिए, अपनी मर्ज़ी से किसी दूसरे को दे देता है, और पाने वाला उसे स्वीकार करता है। संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 123 के अनुसार अचल संपत्ति (ज़मीन, मकान, फ़्लैट) का दान पत्र लिखित, दो गवाहों से प्रमाणित और रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है; बिना रजिस्ट्री के मान्य नहीं। यह टूल ड्राफ़्ट बनाता है, जिसे स्टांप पेपर पर छपवाकर सब-रजिस्ट्रार के यहाँ रजिस्टर कराएँ।

गिफ़्ट डीड मेकर

ख़ाने भरें (* वाले ज़रूरी), भाषा चुनें और “बनाएँ” दबाएँ। फिर प्रिंट करें, PDF सेव करें या Word फ़ाइल लें।

मुफ़्त टूल। आपकी भरी जानकारी आपके ब्राउज़र में ही रहती है, कहीं भेजी या सेव नहीं होती। फ़ॉर्मेट सामान्य नमूना है; ज़रूरत हो तो संस्था के नियम के हिसाब से बदलें। 24 अक्टूबर 2026।

दान पत्र से पहले जानें

  • दान पत्र आम तौर पर वापस नहीं लिया जा सकता, सिवाय कुछ शर्तों के (धारा 126)।
  • पाने वाले का दानदाता के जीवनकाल में स्वीकार करना ज़रूरी है।
  • स्टांप ड्यूटी राज्य तय करता है; कई राज्यों में परिवार के भीतर (पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता) दान पर ड्यूटी बहुत कम या तय रकम है*।
  • आयकर: रिश्तेदार से मिला गिफ़्ट टैक्स-फ़्री है; ग़ैर-रिश्तेदार से ₹50,000 से ज़्यादा पर टैक्स लगता है। देखें: गिफ़्ट टैक्स कैलकुलेटर।

स्टांप ड्यूटी राज्य के हिसाब से अलग है: स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर और कितने का स्टांप पेपर लगेगा देखें।

भरा हुआ उदाहरण: पिता का बेटी को प्लॉट दान

दाता: श्री महेश प्रसाद, पुत्र स्व. श्री गोपाल प्रसाद, आयु 68 वर्ष, निवासी 7 राजेंद्र नगर, पटना।
आदाता: श्रीमती अनीता कुमारी, पुत्री श्री महेश प्रसाद, आयु 38 वर्ष, निवासी वही।
संपत्ति: मौजा दानापुर, खाता नं. 112, खेसरा नं. 845, रकबा 3 कट्ठा, चौहद्दी: उत्तर-सड़क, दक्षिण-रामनाथ का खेत, पूरब-नाला, पश्चिम-सुरेश का मकान।
दाता अपनी मर्ज़ी से, बिना किसी दबाव या मूल्य के, प्रेम और स्नेह के कारण उक्त संपत्ति आदाता को दान करता है; आदाता इसे स्वीकार करती है और आज से वह इसकी पूर्ण स्वामिनी है।
हस्ताक्षर: दाता ____, आदाता (स्वीकृति) ____ गवाह: (1) ____ (2) ____

नाम, नंबर और जगहें उदाहरण के लिए हैं; अपनी जानकारी ऊपर के टूल में भरें।

दान पत्र में अक्सर होने वाली ग़लतियाँ

  • स्वीकृति नहीं लिखी: दान पाने वाले की लिखित स्वीकृति (और हस्ताक्षर) दाता के जीते-जी होनी चाहिए; बिना स्वीकृति दान अधूरा माना जाता है।
  • शर्त जोड़ना: “जब तक मैं ज़िंदा हूँ, मकान मेरे पास” जैसी शर्तें गिफ़्ट डीड को कमज़ोर करती हैं; ऐसी बात हो तो वकील से सही शब्द लिखवाएँ।
  • स्टांप ड्यूटी की छूट: कई राज्य परिवार (पत्नी, बेटी, बेटा) को दान पर स्टांप ड्यूटी में छूट या तय कम राशि देते हैं*; रजिस्ट्री से पहले अपने राज्य का नियम देखें।
  • इनकम टैक्स: रिश्तेदार से मिला उपहार टैक्स-मुक्त है, पर ग़ैर-रिश्तेदार से ₹50,000 से ज़्यादा मूल्य की संपत्ति पाने वाले की आय मानी जाती है (धारा 56(2)(x))।

गिफ़्ट डीड (दान पत्र): अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गिफ़्ट डीड की रजिस्ट्री ज़रूरी है? हाँ, अचल संपत्ति के दान पत्र की रजिस्ट्री ज़रूरी है (संपत्ति अंतरण अधिनियम धारा 123, रजिस्ट्रेशन अधिनियम धारा 17)।

गिफ़्ट डीड पर कितनी स्टांप ड्यूटी लगती है? राज्य पर निर्भर; परिवार के भीतर कई राज्यों में छूट या कम दर*। अपने राज्य की दर स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर में देखें।

क्या गिफ़्ट डीड रद्द हो सकती है? आम तौर पर नहीं; अगर शर्त के साथ दिया हो, धोखे/दबाव से लिया गया हो, या वरिष्ठ नागरिक क़ानून 2007 की धारा 23 के मामले में अदालत/ट्रिब्यूनल रद्द कर सकता है*।

यह नमूना आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले फ़ॉर्मेट और संबंधित क़ानून (रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908, संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925, भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 और राज्यों के स्टांप क़ानून) के आधार पर Parachar ने बनाया (26 अक्टूबर 2026)। यह क़ानूनी सलाह नहीं है; अचल संपत्ति वाले दस्तावेज़ के लिए वकील या रजिस्ट्री दफ़्तर से जाँच कराएँ।

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