“ग्राम सचिव” अलग-अलग राज्यों में अलग नाम से है: UP में ग्राम पंचायत अधिकारी, बिहार में पंचायत सचिव, राजस्थान में ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ही पंचायत सचिव का काम करता है। UP और बिहार में बेसिक ₹21,700 (लेवल 3)*, राजस्थान में ₹20,800*।
ग्राम सचिव सैलरी कैलकुलेटर
पद/राज्य चुनें। DA, HRA और दूसरे भत्ते अपनी पे-स्लिप से बदल सकते हैं, फिर “सैलरी देखें” दबाएँ।
मुफ़्त टूल। * = गाइड/ख़बर से लिया आँकड़ा, बदल सकता है। इनकम टैक्स नहीं जोड़ा। 27 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
ग्राम सचिव सैलरी: पद/राज्य अनुसार शुरुआती सैलरी
| पद | बेसिक | DA | बेसिक + DA | NPS (10%) | हाथ में* |
|---|---|---|---|---|---|
| UP ग्राम सचिव (ग्राम पंचायत अधिकारी)* | ₹21,700 | 60%: ₹13,020 | ₹34,720 | −₹3,472 | ₹31,248 |
| बिहार पंचायत सचिव* | ₹21,700 | 60%: ₹13,020 | ₹34,720 | −₹3,472 | ₹31,248 |
| राजस्थान ग्राम पंचायत सचिव / VDO* | ₹20,800 | 60%: ₹12,480 | ₹33,280 | −₹3,328 | ₹29,952 |
* हाथ में = बेसिक + DA, NPS (जहाँ लागू) घटाकर, HRA और दूसरे भत्ते जोड़े बिना और इनकम टैक्स से पहले। HRA/भत्ते पता हों तो टूल में भरें।
ध्यान दें
- बिहार पंचायत सचिव का ग्रेड पे 2025 की हड़ताल के बाद बढ़ने की ख़बर है*; नया आदेश देखें।
राज्य के हिसाब से ग्राम सचिव
- UP: ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायती राज विभाग) और ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास विभाग) दोनों को गाँव में “सचिव” कहा जाता है; दोनों UPSSSC से, दोनों लेवल 3*।
- बिहार: पंचायत सचिव (पंचायती राज विभाग) BSSC से; राजस्व का काम अलग “राजस्व कर्मचारी” करता है।
- राजस्थान: ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पंचायत सचिव का काम करता है; पहले 2 साल परिवीक्षा का तय पारिश्रमिक*।
- काम एक जैसा: ग्राम सभा, पंचायत का खाता, आवास/शौचालय योजना की सूची, मनरेगा, परिवार रजिस्टर (UP) और प्रमाण पत्र की रिपोर्ट।
- ध्यान दें: किसी विज्ञापन में “ग्राम सचिव” लिखा हो तो विभाग का नाम देखें: पंचायती राज और ग्राम्य विकास के पदों की सेवा-शर्तें और प्रमोशन अलग होते हैं*।
ग्राम सचिव: पहले साल का पैसा
- UP/बिहार (लेवल 3): बेसिक ₹21,700 पर DA जोड़कर बेसिक + DA करीब ₹34,700, NPS 10% कटकर करीब ₹31,200, ऊपर से HRA (गाँव/क़स्बे की दर पर)*।
- राजस्थान: पहले 2 साल तय पारिश्रमिक करीब ₹15,100*, जिस पर DA/HRA नहीं; उसके बाद लेवल 5 और DA।
- यात्रा ख़र्च: कई पंचायतों के चार्ज में रोज़ बाइक से आना-जाना होता है; यात्रा भत्ता कम पड़ता है, इसलिए यह ख़र्च बजट में जोड़ें।
- कटौती: NPS, GIS और प्रोफ़ेशनल टैक्स (जहाँ लागू); इनकम टैक्स पहले साल आम तौर पर नहीं।
- किसके लिए सही: गाँव में रहकर सरकारी योजनाएँ लागू करवाने वाले, कंप्यूटर पर काम करने वाले और लोगों से रोज़ मिलने वाले उम्मीदवारों के लिए।
- आवेदन से पहले: अपने राज्य के पिछले विज्ञापन में देखें कि पद किस विभाग का है, कितनी पंचायतें एक सचिव को मिलती हैं, और परिवीक्षा कितने साल की है; यही तीन बातें पहले साल की कमाई और काम का बोझ तय करती हैं।
- आम ग़लतफ़हमी: “सचिव” को ग्राम प्रधान का निजी कर्मचारी समझा जाता है; असल में वह राज्य सरकार का कर्मचारी है और ग्राम निधि के ख़र्च पर प्रधान के साथ उसके भी हस्ताक्षर होते हैं।
ग्राम सचिव सैलरी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ग्राम सचिव की सैलरी कितनी है? UP: ₹21,700 + DA 60%* = ₹34,720 + भत्ते।
ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव में फ़र्क? प्रधान चुना हुआ प्रतिनिधि है (मानदेय), सचिव सरकारी कर्मचारी (वेतन)।
स्रोत (27 अक्टूबर 2026 को जाँचे): राज्य DA: UP 60%* (मई 2026 ख़बरें), बिहार 60%*, राजस्थान 60% (1 जनवरी 2026 से, वित्त विभाग का आदेश, ख़बरें*), मध्य प्रदेश 58% (1 जुलाई 2025 से, कैबिनेट मार्च 2026, ख़बरें*)। UP, बिहार केंद्र जैसा पे मैट्रिक्स; राजस्थान (लेवल 5 = ₹20,800) और मध्य प्रदेश (लेवल 4 = ₹19,500) के अपने मैट्रिक्स*। पदों के लेवल भर्ती विज्ञापनों और गाइडों से मिलाए गए*।
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