“ग्राम सेवक” पद का नाम कई राज्यों में बदल चुका है: राजस्थान में अब ग्राम विकास अधिकारी (VDO), UP में भी ग्राम विकास अधिकारी। राजस्थान में परिवीक्षा के 2 साल तय करीब ₹15,100*, फिर राज्य मैट्रिक्स लेवल 5 (₹20,800)* + DA 60%। महाराष्ट्र/गुजरात में ग्राम सेवक पहले 3 साल तय मानदेय पर रहते हैं*।
ग्राम सेवक सैलरी कैलकुलेटर
पद/राज्य चुनें। DA, HRA और दूसरे भत्ते अपनी पे-स्लिप से बदल सकते हैं, फिर “सैलरी देखें” दबाएँ।
मुफ़्त टूल। * = गाइड/ख़बर से लिया आँकड़ा, बदल सकता है। इनकम टैक्स नहीं जोड़ा। 27 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
ग्राम सेवक सैलरी: पद/राज्य अनुसार शुरुआती सैलरी
| पद | बेसिक | DA | बेसिक + DA | NPS (10%) | हाथ में* |
|---|---|---|---|---|---|
| राजस्थान ग्राम सेवक / VDO (लेवल 5)* | ₹20,800 | 60%: ₹12,480 | ₹33,280 | −₹3,328 | ₹29,952 |
| राजस्थान, परिवीक्षा (तय)* | ₹15,100 | — | ₹15,100 | — | ₹15,100 |
| UP ग्राम विकास अधिकारी (पहले ग्राम सेवक)* | ₹21,700 | 60%: ₹13,020 | ₹34,720 | −₹3,472 | ₹31,248 |
* हाथ में = बेसिक + DA, NPS (जहाँ लागू) घटाकर, HRA और दूसरे भत्ते जोड़े बिना और इनकम टैक्स से पहले। HRA/भत्ते पता हों तो टूल में भरें।
ध्यान दें
- महाराष्ट्र/गुजरात के ग्राम सेवक का मानदेय राज्य GR से देखें*।
ग्राम सेवक (VDO) बनने के बाद
- भर्ती: राजस्थान में RSMSSB की ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा (प्रारंभिक + मुख्य), UP में UPSSSC; 12वीं/ग्रेजुएशन (राज्य अनुसार) और कंप्यूटर योग्यता*।
- परिवीक्षा: राजस्थान में पहले 2 साल तय पारिश्रमिक, उसके बाद पूरा पे लेवल और DA*। इसलिए पहले दो साल की हाथ की सैलरी बाद की सैलरी से काफ़ी कम होती है।
- काम: पंचायत की योजनाएँ ज़मीन पर लागू करना: PM आवास (ग्रामीण) की जियो-टैगिंग, मनरेगा के काम, पेंशन/राशन की पात्रता सूची, और ग्राम सभा का रिकॉर्ड।
- महाराष्ट्र में: ग्रामसेवक ज़िला परिषद का कर्मचारी है, और 3 साल तक मानधन पर रहने के बाद नियमित होता है*; वहाँ का वेतन ऊपर की टेबल से अलग है।
- ध्यान दें: एक VDO के पास कई पंचायतें हो सकती हैं, और फ़ील्ड का यात्रा ख़र्च भत्ते से ज़्यादा होता है*; सैलरी की तुलना में इसे भी गिनें।
पहले साल का पैसा
- राजस्थान: परिवीक्षा के 2 साल करीब ₹15,100 तय*, फिर लेवल 5 (₹20,800) + DA 60% = ₹33,280।
- UP: ग्राम विकास अधिकारी के रूप में लेवल 3 (₹21,700) + DA पहले दिन से*।
- कटौती: नियमित होने पर NPS 10% और GIS; परिवीक्षा/मानधन के दौरान NPS नियम राज्य अनुसार*।
- तुलना: महाराष्ट्र का ग्रामसेवक पहले 3 साल मानधन पर रहता है*, जबकि राजस्थान में 2 साल परिवीक्षा; दोनों में शुरुआत का पैसा बाद से काफ़ी कम।
- किसके लिए सही: गाँव में रहकर काम करने और शुरुआती सालों का कम वेतन झेलने को तैयार उम्मीदवारों के लिए।
- आवेदन से पहले: अपने राज्य में पद का नया नाम खोजें (VDO, ग्राम विकास अधिकारी, ग्रामसेवक); पुराने नाम से विज्ञापन ढूँढने पर भर्ती छूट सकती है।
- आम ग़लतफ़हमी: ग्राम सेवक को सिर्फ़ खेती की सलाह देने वाला माना जाता है; वह काम अब कृषि पर्यवेक्षक/सहायक कृषि अधिकारी करते हैं, ग्राम सेवक पंचायत और योजनाओं का काम देखता है।
ग्राम सेवक सैलरी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ग्राम सेवक की सैलरी कितनी है? राजस्थान: परिवीक्षा के बाद ₹20,800* + DA 60% = ₹33,280; परिवीक्षा में ₹15,100*।
ग्राम सेवक और VDO एक हैं? राजस्थान और UP में हाँ, नाम बदलकर VDO हुआ।
स्रोत (27 अक्टूबर 2026 को जाँचे): राज्य DA: UP 60%* (मई 2026 ख़बरें), बिहार 60%*, राजस्थान 60% (1 जनवरी 2026 से, वित्त विभाग का आदेश, ख़बरें*), मध्य प्रदेश 58% (1 जुलाई 2025 से, कैबिनेट मार्च 2026, ख़बरें*)। UP, बिहार केंद्र जैसा पे मैट्रिक्स; राजस्थान (लेवल 5 = ₹20,800) और मध्य प्रदेश (लेवल 4 = ₹19,500) के अपने मैट्रिक्स*। पदों के लेवल भर्ती विज्ञापनों और गाइडों से मिलाए गए*।
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