मशरूम की खेती सब्सिडी कैलकुलेटर 2026: 40% सब्सिडी

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MIDH में निजी मशरूम यूनिट को प्रोजेक्ट लागत पर 40% सब्सिडी मिलती है, आपके राज्य के लागत मानक तक (जैसे ₹20 लाख मानक पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹8 लाख)। यह बैंक लोन से जुड़ी है: लोन लेना होता है और यूनिट चालू होने के बाद सब्सिडी लोन खाते में आती है। अपनी लागत डालकर हिसाब देखें।

मशरूम की खेती सब्सिडी कैलकुलेटर

यूनिट चुनें, प्रोजेक्ट लागत डालें और MIDH सब्सिडी, बैंक लोन और अपना हिस्सा देखें।

स्थिति (13 अक्टूबर 2026): मशरूम यूनिट को MIDH के तहत राज्य उद्यान मिशन से मदद मिलती है। निजी यूनिट को 40% सब्सिडी बैंक लोन से जुड़ी होती है, राज्य के लागत मानक तक। राज्यों के मानक अलग हैं (उत्पादन यूनिट के लिए उत्तराखंड और राजस्थान में ₹20 लाख, पश्चिम बंगाल में ₹30 लाख), इसलिए आप अपने राज्य का आँकड़ा डाल सकते हैं।
ज़रूरी नहीं

मुफ्त अनुमान, मंज़ूरी नहीं। MIDH: प्रोजेक्ट लागत और राज्य लागत मानक में जो कम हो, उस पर 40% बैंक-लोन से जुड़ी सब्सिडी। 13 अक्टूबर 2026 को जाँचा।

उदाहरण: ₹20 लाख की मशरूम उत्पादन यूनिट

एक किसान ₹20 लाख की मशरूम उत्पादन यूनिट लगाता है और उसके राज्य का मानक ₹20 लाख है। 40% सब्सिडी यानी ₹8 लाख। अगर किसान 10% (₹2 लाख) अपनी जेब से लगाए और ₹18 लाख बैंक लोन ले, तो सब्सिडी आने के बाद लोन करीब ₹10 लाख रह जाता है। पश्चिम बंगाल में ₹30 लाख मानक पर ₹30 लाख की यूनिट को ₹12 लाख मिलेंगे।

मशरूम सब्सिडी के मानक (जैसा बताया गया, 13 अक्टूबर 2026)

यूनिटलागत मानकसब्सिडी (निजी)
मशरूम उत्पादन यूनिट₹20 लाख (उत्तराखंड, राजस्थान); ₹30 लाख (पश्चिम बंगाल)40%, बैंक लोन से जुड़ी
स्पॉन (बीज) यूनिट₹15 लाख (उत्तराखंड); ₹20 लाख (पश्चिम बंगाल)40%, बैंक लोन से जुड़ी
कम्पोस्ट यूनिट₹20 लाख (उत्तराखंड)40%, बैंक लोन से जुड़ी
सरकारी संस्थानवही मानक100%

कुछ राज्य छोटे किसानों के लिए मशरूम झोपड़ी, किट या ट्रेनिंग वाली अलग योजनाएँ भी चलाते हैं, जिनकी दरें अलग हैं। अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें कि आपके राज्य में क्या खुला है।

कौन आवेदन कर सकता है

  • किसान और उद्यमी
  • किसान समूह, FPO, सहकारी समिति और स्वयं सहायता समूह
  • बैंक लोन मंज़ूर होना ज़रूरी है, और आमतौर पर मशरूम ट्रेनिंग भी

आवेदन कैसे करें

  1. मशरूम की ट्रेनिंग लें (KVK, राज्य उद्यान विभाग या कृषि विश्वविद्यालय)।
  2. प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाएँ और बैंक से लोन की सहमति लें।
  3. ज़िला उद्यान अधिकारी के पास या राज्य उद्यान पोर्टल पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक पत्र, ज़मीन के कागज़, आधार और फोटो के साथ आवेदन करें।
  4. मंज़ूरी पत्र मिलने के बाद ही काम शुरू करें।
  5. यूनिट चालू होने और जाँच के बाद सब्सिडी आपके लोन खाते में आती है।

मशरूम की खेती सब्सिडी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मशरूम की खेती पर कितनी सब्सिडी मिलती है? MIDH में निजी मशरूम उत्पादन यूनिट को प्रोजेक्ट लागत का 40% मिलता है, राज्य के लागत मानक तक। ₹20 लाख मानक पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹8 लाख।

क्या मशरूम सब्सिडी के लिए बैंक लोन ज़रूरी है? हाँ, निजी यूनिट के लिए। सब्सिडी बैंक लोन से जुड़ी है और यूनिट चालू होने के बाद लोन खाते में आती है। जैसे राजस्थान में लागत का करीब 50–75% लोन लेना होता है।

क्या मशरूम स्पॉन (बीज) यूनिट पर सब्सिडी है? हाँ। निजी स्पॉन यूनिट को भी 40% मिलता है, मानक उत्तराखंड में करीब ₹15 लाख और पश्चिम बंगाल में ₹20 लाख (जैसा बताया गया)।

क्या छोटा किसान बिना बड़ी यूनिट के सब्सिडी ले सकता है? कुछ राज्य मशरूम झोपड़ी, किट या ट्रेनिंग के लिए छोटी योजनाएँ चलाते हैं। ये ₹20 लाख वाली यूनिट से अलग हैं। अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें।

मशरूम सब्सिडी के लिए आवेदन कहाँ करें? बैंक से लोन की सहमति मिलने के बाद ज़िला उद्यान अधिकारी के पास या राज्य उद्यान पोर्टल पर।

स्रोत: पश्चिम बंगाल खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान विभाग की MIDH लागत मानक सूची; उत्तराखंड और राजस्थान उद्यान योजना पेज (publicservicesmap.in के ज़रिए)। सरकारी MIDH PDF 13 अक्टूबर 2026 को हमारे सर्वर से नहीं खुले, इसलिए मानक “जैसा बताया गया” माने गए हैं। अनुमान है, मंज़ूरी नहीं।

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