पटवारी (UP में लेखपाल, बिहार में राजस्व कर्मचारी) का वेतन हर राज्य के अपने मैट्रिक्स से तय होता है। राजस्थान में लेवल 5 (बेसिक ₹20,800)*, MP में ₹22,100* (स्रोतों में अंतर है), UP लेखपाल लेवल 3 (₹21,700)। राजस्थान में पहले 2 साल और MP में पहले 3 साल पूरा वेतन नहीं मिलता*।
पटवारी सैलरी कैलकुलेटर
पद/राज्य चुनें। DA, HRA और दूसरे भत्ते अपनी पे-स्लिप से बदल सकते हैं, फिर “सैलरी देखें” दबाएँ।
मुफ़्त टूल। * = गाइड/ख़बर से लिया आँकड़ा, बदल सकता है। इनकम टैक्स नहीं जोड़ा। 27 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
पटवारी सैलरी: पद/राज्य अनुसार शुरुआती सैलरी
| पद | बेसिक | DA | बेसिक + DA | NPS (10%) | हाथ में* |
|---|---|---|---|---|---|
| राजस्थान पटवारी (परिवीक्षा के बाद, लेवल 5)* | ₹20,800 | 60%: ₹12,480 | ₹33,280 | −₹3,328 | ₹29,952 |
| मध्य प्रदेश पटवारी (लेवल 5)* | ₹22,100 | 58%: ₹12,818 | ₹34,918 | −₹3,492 | ₹31,426 |
| UP लेखपाल (पटवारी के बराबर) | ₹21,700 | 60%: ₹13,020 | ₹34,720 | −₹3,472 | ₹31,248 |
| बिहार राजस्व कर्मचारी* | ₹21,700 | 60%: ₹13,020 | ₹34,720 | −₹3,472 | ₹31,248 |
* हाथ में = बेसिक + DA, NPS (जहाँ लागू) घटाकर, HRA और दूसरे भत्ते जोड़े बिना और इनकम टैक्स से पहले। HRA/भत्ते पता हों तो टूल में भरें।
परिवीक्षा का नियम
- राजस्थान: 2 साल परिवीक्षा में तय मानदेय (करीब ₹14,600-15,100)*।
- मध्य प्रदेश: पहले साल 70%, दूसरे 80%, तीसरे 90% वेतन*।
ध्यान दें
- राज्य मैट्रिक्स और लेवल गाइडों/विज्ञापनों से*।
- UP लेखपाल की पूरी गणना लेखपाल सैलरी पेज पर।
पटवारी बनने के बाद काम
- भर्ती: राजस्थान में RSMSSB पटवारी परीक्षा (ग्रेजुएशन + कंप्यूटर योग्यता), MP में ESB (कर्मचारी चयन मंडल)*; चयन के बाद पटवार ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग।
- काम: अपने हलके की जमाबंदी/खसरा अपडेट, फ़सल गिरदावरी, नामांतरण के लिए रिपोर्ट, सीमांकन (नाप), और आपदा में फ़सल नुक़सान का सर्वे।
- परिवीक्षा: राजस्थान में पहले 2 साल तय पारिश्रमिक, उसके बाद पूरा वेतन*; ऊपर की टेबल में दोनों आँकड़े अलग देखें।
- प्रमोशन: भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर/RI), फिर नायब तहसीलदार, विभागीय परीक्षा या वरिष्ठता से*।
- ध्यान दें: एक पटवारी के पास कई गाँवों का हलका होता है; पटवार भवन (हलका मुख्यालय) पर बैठने के दिन तय होते हैं, उसी दिन काग़ज़ लेकर जाएँ।
पहले साल का पैसा और तुलना
- राजस्थान: परिवीक्षा के 2 साल तय पारिश्रमिक*, फिर लेवल 5 (₹20,800) + DA।
- MP: पहले 3 साल पूरे वेतन का तय प्रतिशत (70%, 80%, 90%)*, चौथे साल से पूरा वेतन।
- UP लेखपाल: लेवल 3 (₹21,700) + DA पहले दिन से, NPS 10% कटकर करीब ₹31,200*।
- तुलना: तीनों राज्यों में काम लगभग एक (भू-अभिलेख), पर पहले तीन साल का कुल पैसा UP में सबसे ज़्यादा बनता है, क्योंकि वहाँ परिवीक्षा में कटौती नहीं।
- किसके लिए सही: ज़मीन के रिकॉर्ड, नापजोख और गाँव के विवाद समझने में रुचि रखने वालों के लिए।
- आवेदन से पहले: राजस्थान में पटवारी भर्ती के लिए ग्रेजुएशन और कंप्यूटर योग्यता, MP में ग्रेजुएशन + CPCT स्कोर* माँगा जाता है; पिछले विज्ञापन से योग्यता मिलाएँ।
- आम ग़लतफ़हमी: पटवारी को ज़मीन का मालिकाना तय करने वाला माना जाता है; वह सिर्फ़ रिकॉर्ड और रिपोर्ट बनाता है, नामांतरण का आदेश तहसीलदार/नायब तहसीलदार देते हैं।
पटवारी सैलरी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पटवारी की सैलरी कितनी होती है? राजस्थान: ₹20,800* + DA 60% = ₹33,280 (परिवीक्षा के बाद); MP: ₹22,100* + DA 58% = ₹34,918।
MP पटवारी का ग्रेड पे? स्रोतों में ₹2,100 और ₹2,400 दोनों बताए जाते हैं*; MPESB विज्ञापन देखें।
स्रोत (27 अक्टूबर 2026 को जाँचे): राज्य DA: UP 60%* (मई 2026 ख़बरें), बिहार 60%*, राजस्थान 60% (1 जनवरी 2026 से, वित्त विभाग का आदेश, ख़बरें*), मध्य प्रदेश 58% (1 जुलाई 2025 से, कैबिनेट मार्च 2026, ख़बरें*)। UP, बिहार केंद्र जैसा पे मैट्रिक्स; राजस्थान (लेवल 5 = ₹20,800) और मध्य प्रदेश (लेवल 4 = ₹19,500) के अपने मैट्रिक्स*। पदों के लेवल भर्ती विज्ञापनों और गाइडों से मिलाए गए*।
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