Power of Attorney Format: मुख़्तारनामा (POA) हिंदी/English में बनाएँ

पावर ऑफ़ अटॉर्नी (मुख़्तारनामा) से आप किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी ओर से तय काम करने का क़ानूनी अधिकार देते हैं: जैसे बैंक का काम, मकान की देखरेख, किराया लेना, कोर्ट केस या संपत्ति की रजिस्ट्री। स्पेशल POA एक ख़ास काम के लिए होता है और जनरल POA कई कामों के लिए। अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने वाला POA रजिस्टर्ड होना चाहिए, और सुप्रीम कोर्ट (सूरज लैंप, 2011) के अनुसार GPA से संपत्ति का मालिकाना हक़ नहीं बदलता।

पावर ऑफ़ अटॉर्नी मेकर

ख़ाने भरें (* वाले ज़रूरी), भाषा चुनें और “बनाएँ” दबाएँ। फिर प्रिंट करें, PDF सेव करें या Word फ़ाइल लें।

मुफ़्त टूल। आपकी भरी जानकारी आपके ब्राउज़र में ही रहती है, कहीं भेजी या सेव नहीं होती। फ़ॉर्मेट सामान्य नमूना है; ज़रूरत हो तो संस्था के नियम के हिसाब से बदलें। 24 अक्टूबर 2026।

POA बनवाने से पहले

  • अधिकार साफ़-साफ़ लिखें; “सब कुछ” जैसा गोल-मोल न लिखें।
  • स्टांप पेपर पर बनवाएँ और नोटरी कराएँ; संपत्ति से जुड़े POA की रजिस्ट्री कराएँ*।
  • विदेश में रहने वाले भारतीय दूतावास/कॉन्सुलेट में सत्यापन कराकर भेजें*।
  • मुख़्तारकर्ता की मौत होने पर POA अपने आप ख़त्म हो जाता है; वह कभी भी लिखित रूप से रद्द कर सकता है।

स्टांप ड्यूटी राज्य के हिसाब से अलग है: स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर और कितने का स्टांप पेपर लगेगा देखें।

भरा हुआ उदाहरण: विदेश में रहने वाले बेटे का स्पेशल POA

मैं, अभिषेक तिवारी, पुत्र श्री राजेंद्र तिवारी, वर्तमान निवास दुबई (UAE), पासपोर्ट नं. ____, एतद्द्वारा अपने पिता श्री राजेंद्र तिवारी, निवासी 12 शास्त्री नगर, जयपुर को अपना वैध मुख़्तार (अटॉर्नी) नियुक्त करता हूँ, ताकि वे मेरी ओर से केवल ये काम करें:
1. फ़्लैट नं. 402, ग्रीन एवेन्यू, जयपुर को किराये पर देना, किराया अनुबंध पर हस्ताक्षर करना और किराया मेरे खाते में जमा करवाना।
2. इसी फ़्लैट का नगर निगम टैक्स, बिजली-पानी का बिल भरना और सोसाइटी के काम।
3. यह POA फ़्लैट बेचने, गिरवी रखने या दान करने का अधिकार नहीं देता, और 31-12-2027 तक मान्य है।
हस्ताक्षर, भारतीय दूतावास/कांसुलेट में सत्यापन (अटेस्टेशन) के साथ गवाह: (1) ____ (2) ____

नाम, नंबर और जगहें उदाहरण के लिए हैं; अपनी जानकारी ऊपर के टूल में भरें।

POA देते समय सबसे ज़रूरी

  • विदेश से POA: विदेश में बनाया POA भारतीय दूतावास या अपोस्टिल से सत्यापित हो, और भारत आने के 3 महीने में स्टांप ड्यूटी भरकर (एडजुडिकेशन) इस्तेमाल हो*।
  • सीमा लिखें: क्या-क्या नहीं कर सकते (बेचना, गिरवी), यह भी लिखें और समय-सीमा दें; खुला जनरल POA सबसे ज़्यादा जोखिम वाला है।
  • संपत्ति बिक्री: सुप्रीम कोर्ट के अनुसार GPA से संपत्ति का मालिकाना हक़ नहीं बदलता; बिक्री के लिए रजिस्टर्ड सेल डीड ज़रूरी है (सूरज लैंप केस, 2011)।
  • रद्द करना: भरोसा टूटे तो रजिस्टर्ड रद्दीकरण (Revocation) डीड बनाएँ और अटॉर्नी व बैंक/रजिस्ट्री दफ़्तर को लिखित सूचना दें।

पावर ऑफ़ अटॉर्नी (मुख़्तारनामा): अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जनरल और स्पेशल पावर ऑफ़ अटॉर्नी में क्या फ़र्क है? स्पेशल POA एक ख़ास काम के लिए; जनरल POA कई कामों के लिए।

क्या पावर ऑफ़ अटॉर्नी की रजिस्ट्री ज़रूरी है? अचल संपत्ति बेचने/ट्रांसफ़र के अधिकार वाले POA की रजिस्ट्री ज़रूरी है*; बाकी में नोटरी आम तौर पर काफ़ी है।

POA कैसे रद्द करें? रद्द करने का लिखित पत्र (revocation deed) बनाकर नोटरी/रजिस्ट्री कराएँ और एजेंट तथा बैंक/विभाग को सूचना दें।

यह नमूना आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले फ़ॉर्मेट और संबंधित क़ानून (रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908, संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925, भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 और राज्यों के स्टांप क़ानून) के आधार पर Parachar ने बनाया (26 अक्टूबर 2026)। यह क़ानूनी सलाह नहीं है; अचल संपत्ति वाले दस्तावेज़ के लिए वकील या रजिस्ट्री दफ़्तर से जाँच कराएँ।

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