सैलरी नहीं मिली तो क्या करें 2026: नया वेज कोड, 7 तारीख़ का नियम, कहाँ शिकायत, हर्जाना

21 नवंबर 2025 से लागू वेतन संहिता (Code on Wages) 2019 हर कर्मचारी पर लागू है, चाहे सैलरी कितनी भी हो: मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख़ तक देना ज़रूरी है और नौकरी छोड़ने/निकाले जाने पर पूरा हिसाब (F&F) 2 कार्यदिवस में। देर हुई तो आप श्रम आयुक्त के पास मुफ़्त शिकायत कर सकते हैं, वकील के बिना, और प्राधिकारी बकाया के साथ 10 गुना तक हर्जाना दिला सकता है। पहले ₹24,000 से ऊपर वालों को सिविल कोर्ट जाना पड़ता था; अब नहीं। नीचे का टूल आपकी स्थिति के हिसाब से कदम, शिकायत का सही दफ़्तर और समय-सीमा बताता है।

सैलरी नहीं मिली चेकर

बकाया और समय भरें। टूल बताएगा कानूनी समय-सीमा, कहाँ शिकायत और कितना हर्जाना माँग सकते हैं।

वेतन संहिता 2019 (लागू 21 नवंबर 2025) पर आधारित जानकारी; राज्य नियम अभी बन रहे हैं। 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।

कानून क्या कहता है (वेतन संहिता 2019)

धारानियम
17(1)मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख़ तक; साप्ताहिक 1 दिन, पाक्षिक 2 दिन
17(2)इस्तीफ़ा/बर्खास्तगी/छँटनी पर सारा बकाया 2 कार्यदिवस में
18कटौती सिर्फ़ अनुमत मदों में, कुल 50% से ज़्यादा नहीं
43मालिक की ज़िम्मेदारी, ठेकेदार न दे तो मुख्य नियोक्ता दे
45दावा प्राधिकारी (श्रम आयुक्त स्तर) को; 3 साल में*; बकाया + 10 गुना तक हर्जाना*; वकील ज़रूरी नहीं
49अपील 90 दिन में*
54जुर्माना: पहली बार ₹50,000 तक, दोबारा 3 महीने जेल/₹1 लाख*

शिकायत कहाँ और कैसे

  1. निजी कंपनी/दुकान/फ़ैक्ट्री/स्कूल/अस्पताल/IT: राज्य श्रम विभाग का क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (ALC/DLC) कार्यालय; ऑनलाइन: UP uplabour.gov.in शिकायत, दिल्ली labour.delhi.gov.in e-Shikayat, महाराष्ट्र mahakamgar, कर्नाटक e-Shrama, हरियाणा hrylabour।
  2. बैंक, खदान, रेलवे, बंदरगाह, केंद्रीय PSU, तेल कंपनियाँ, बहु-राज्य प्रतिष्ठान: केंद्रीय क्षेत्र, मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) और Samadhan पोर्टल samadhan.labour.gov.in।
  3. सरकारी/नगर निकाय कर्मचारी: श्रम आयुक्त नहीं; विभागीय शिकायत, फिर प्रशासनिक/सेवा न्यायाधिकरण या हाई कोर्ट।
  4. शिकायत में: कंपनी का नाम-पता, आपका पद, बकाया महीने और रकम, सबूत (नियुक्ति पत्र, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, ईमेल)। श्रम अधिकारी दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह कराता है; न हो तो धारा 45 का आदेश।
  5. ग्रैच्युटी (5 साल+ सेवा): 30 दिन में न मिले तो नियंत्रक प्राधिकारी को Form N, 10% ब्याज। PF न जमा हो तो EPFiGMS/EPFO शिकायत (7(A) जाँच)।
  6. कई कर्मचारियों का मिलाकर ₹1 करोड़+ बकाया: NCLT में IBC धारा 9 याचिका (कंपनी पर दिवालिया कार्यवाही का दबाव)*।

ज़रूरी सावधानियाँ

  • इस्तीफ़ा देने से पहले बकाया की लिखित माँग करें; रिलीविंग/एक्सपीरियंस लेटर रोकना गैर-कानूनी है (सबूत रखें)।
  • कंपनी “नोटिस पीरियड नहीं दिया” कहकर पूरा F&F रोके तो सिर्फ़ नियुक्ति पत्र के हिसाब से कटौती वैध: नोटिस पीरियड कैलकुलेटर।
  • कंपनी बंद/मालिक गायब: श्रम आयुक्त + पुलिस में धोखाधड़ी (BNS 318) शिकायत; RoC (MCA) पर कंपनी स्थिति देखें।
  • ठेका/आउटसोर्स कर्मचारी: ठेकेदार न दे तो मुख्य कंपनी ज़िम्मेदार (धारा 43)।
  • WhatsApp पर “श्रम आयुक्त” बनकर फ़ीस माँगने वाले फ़र्ज़ी; सरकारी शिकायत हमेशा मुफ़्त।

सैलरी नहीं मिली: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सैलरी कब तक मिलनी चाहिए कानून के हिसाब से? वेतन संहिता धारा 17: मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख़ तक; नौकरी छोड़ने/निकाले जाने पर पूरा F&F 2 कार्यदिवस में (21 नवंबर 2025 से लागू)।

सैलरी नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें? निजी कंपनी: राज्य श्रम विभाग के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (ALC) को, ऑनलाइन या कार्यालय में, मुफ़्त। बैंक/खदान/रेलवे/केंद्रीय PSU: Samadhan पोर्टल।

क्या ₹24,000 से ज़्यादा सैलरी वाले भी श्रम आयुक्त जा सकते हैं? हाँ। पुराने Payment of Wages Act की ₹24,000 सीमा हट गई; वेतन संहिता सभी कर्मचारियों पर लागू है।

कितना हर्जाना मिल सकता है? धारा 45 में प्राधिकारी बकाया के साथ 10 गुना तक हर्जाना दिला सकता है*; व्यवहार में देरी और परिस्थिति देखकर कम तय होता है।

शिकायत की समय-सीमा क्या है? दावा 3 साल के भीतर*; देर हो तो कारण लिखकर आवेदन। जितनी जल्दी, उतना अच्छा।

F&F कितने दिन में आना चाहिए? इस्तीफ़ा/बर्खास्तगी/छँटनी पर 2 कार्यदिवस (धारा 17(2)); कंपनियाँ 30-45 दिन कहती हैं पर कानून 2 दिन कहता है।

कंपनी बंद हो गई, सैलरी कैसे मिलेगी? श्रम आयुक्त में दावा (मालिक/निदेशक ज़िम्मेदार), पुलिस में धोखाधड़ी शिकायत, और ₹1 करोड़+ सामूहिक बकाया पर NCLT (IBC)*।

वकील ज़रूरी है? श्रम आयुक्त/प्राधिकारी के सामने नहीं; आप खुद या यूनियन/प्रतिनिधि के ज़रिए पेश हो सकते हैं।

स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): वेतन संहिता 2019 धारा 17, 18, 43-49, 54 (indiacode.nic.in); अधिसूचना S.O. 5322(E) 21 नवंबर 2025 (PIB, Taxmann, Mondaq); LiveLaw “Two Working Days” (धारा 17(2)); Lexplosion (राज्य नियम); Payment of Gratuity Act धारा 7-8; Samadhan पोर्टल। * = संहिता पाठ से लिए अंक/राज्य नियम लंबित, पुष्टि ज़रूरी। यह जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं।

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