दाखिल खारिज कितने दिन में होता है 2026: बिहार 35/75 दिन, UP 45/90, फ़ीस, दस्तावेज़, स्टेटस

रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज (नामांतरण/mutation) कराए बिना राजस्व रिकॉर्ड में ज़मीन पुराने मालिक के नाम रहती है: रसीद उसी के नाम कटती है, लोन और बिक्री में दिक्कत आती है। बिहार में अंचल अधिकारी को अविवादित केस 35 दिन और आपत्ति वाला 75 दिन में निपटाना है (मई 2026 का निर्देश; 120 दिन से ज़्यादा लंबित केस 15 दिन में); ऑनलाइन आवेदन मुफ़्त है। UP में 45/90 दिन*, झारखंड और MP में 30/90 दिन*। नीचे का टूल आपकी तारीख से आखिरी तारीख, दस्तावेज़ और देरी पर शिकायत/अपील का रास्ता बताता है।

दाखिल खारिज समय-सीमा चेकर

राज्य, ज़मीन का स्रोत और आवेदन की तारीख भरें। टूल बताएगा आखिरी तारीख, फ़ीस, दस्तावेज़ और देरी पर क्या करें।

बिहार दाखिल खारिज अधिनियम 2011, UP राजस्व संहिता 2006 और राज्य निर्देशों पर आधारित; * वाले राज्य आँकड़े पुष्ट नहीं। 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।

राज्य-वार समय-सीमा, फ़ीस और पोर्टल (2026)

राज्यअविवादितआपत्ति परफ़ीसपोर्टल
बिहार35 दिन75 दिनऑनलाइन निःशुल्क*biharbhumi.bihar.gov.in
उत्तर प्रदेश45 दिन*90 दिन*नाममात्र न्यायालय शुल्क*vaad.up.nic.in / तहसील
झारखंड30 दिन*90 दिन*निःशुल्क/नाममात्र*jharbhoomi.jharkhand.gov.in
मध्य प्रदेश30 दिन*90 दिन*नाममात्र*RCMS / साइबर तहसील
राजस्थान30 दिन*60 दिन*ई-मित्र शुल्क*apnakhata.rajasthan.gov.in

प्रक्रिया के कदम

  1. आवेदन: ऑनलाइन (पोर्टल पर रजिस्ट्री/खतियान विवरण, दस्तावेज़ अपलोड) या अंचल/तहसील में; बिहार में रजिस्ट्री के 90 दिन के अंदर*।
  2. राजस्व कर्मचारी/लेखपाल/पटवारी की स्थल जाँच और रिपोर्ट।
  3. 15 दिन की सार्वजनिक सूचना: आपत्ति आई तो दोनों पक्षों की सुनवाई (इसीलिए 75/90 दिन)।
  4. अंचल अधिकारी/तहसीलदार का आदेश; जमाबंदी/खतौनी में नाम, सुधार पर्ची; नई रसीद/लगान आपके नाम।
  5. अस्वीकृत या देर: बिहार में DCLR के पास अपील (30 दिन*), लोक शिकायत (60 दिन में निपटारा); UP में SDO के पास अपील 30 दिन*।

दस्तावेज़

मामलाज़रूरी कागज़
खरीदरजिस्टर्ड सेल डीड, विक्रेता की जमाबंदी/खतौनी, लगान रसीद, आधार, फ़ोटो, मोबाइल; कहीं शपथपत्र*
विरासतमृत्यु प्रमाण पत्र (देर से हो तो), वंशावली/वारिस प्रमाण पत्र, सभी वारिसों की सहमति या बँटवारा, पुराना खतियान, आधार
गिफ़्ट/वसीयतरजिस्टर्ड गिफ़्ट डीड या वसीयत + मृत्यु प्रमाण पत्र, पुराना रिकॉर्ड, आधार, शपथपत्र*

दाखिल खारिज: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दाखिल खारिज कितने दिन में हो जाता है? बिहार में अविवादित 35 दिन, आपत्ति पर 75 दिन (मई 2026 निर्देश); UP में 45/90 दिन*; झारखंड-MP में 30/90 दिन*। व्यवहार में देरी आम है; समय निकल जाए तो लिखित शिकायत और अपील।

दाखिल खारिज की फ़ीस कितनी है? बिहार में ऑनलाइन आवेदन मुफ़्त*; UP में नामांतरण पर नाममात्र न्यायालय शुल्क*; राजस्थान में ई-मित्र शुल्क*। कोई “स्पीड मनी” वैध नहीं; लोक शिकायत में दर्ज करें।

दाखिल खारिज का स्टेटस कैसे देखें? बिहार: biharbhumi पर “दाखिल खारिज आवेदन स्थिति” में केस/आवेदन नंबर; UP: vaad.up.nic.in पर वाद संख्या; झारखंड: jharbhoomi पर आवेदन स्थिति।

दाखिल खारिज रिजेक्ट हो गया तो? आदेश में कारण पढ़ें (दस्तावेज़ कमी, आपत्ति, रकबा मिसमैच); सुधार कर दोबारा आवेदन या बिहार में DCLR / UP में SDO के पास 30 दिन में अपील*।

विरासत का दाखिल खारिज कैसे होगा? मृत्यु प्रमाण पत्र, वंशावली, सभी वारिसों की सहमति/शपथपत्र के साथ आवेदन; UP में धारा 33 (वरासत), बिहार में ऑनलाइन “उत्तराधिकार” विकल्प।

क्या दाखिल खारिज से मालिकाना हक़ मिलता है? नहीं, यह सिर्फ़ राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलता है; हक़ रजिस्टर्ड डीड से आता है। पर बिना इसके रसीद, लोन, बिक्री में दिक्कत।

रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज अपने आप होता है? बिहार और UP में रजिस्ट्री का डेटा तहसील/अंचल को स्वतः जाता है और कई ज़िलों में केस स्वतः दर्ज होता है*; फिर भी स्थिति जाँचें और ज़रूरत पर आवेदन करें।

स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम 2011 व नियम 2012 (LBSNAA प्रति), राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग निर्देश मई 2026 (Patna Press: 35/75 दिन, 120 दिन+ लंबित), UP राजस्व संहिता 2006 धारा 33-34 व RealtyHunting 2026 (45/90 दिन)*, 1acre/Housing.com बिहार-झारखंड गाइड (दस्तावेज़, DCLR अपील)*, MP भू-राजस्व संहिता धारा 110*। * वाली बातें पुष्ट नहीं; समय-सीमा निर्देशात्मक है। यह जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं।

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