ट्रस्ट डीड वह दस्तावेज़ है जिससे ट्रस्ट बनता है: इसमें ट्रस्ट का नाम, संस्थापक, ट्रस्टी, उद्देश्य, नियम और विघटन का तरीक़ा लिखा होता है। इसे स्टांप पेपर पर छपवाकर संस्थापक, ट्रस्टी और 2 गवाह सब-रजिस्ट्रार के सामने साइन करते हैं, और रजिस्ट्रेशन के बाद ट्रस्ट का PAN, बैंक खाता और 12A/80G बनते हैं। ऊपर के जनरेटर से हिंदी में पूरी डीड मुफ़्त बनाएँ।
ट्रस्ट डीड जनरेटर
जानकारी भरें; डीड नीचे बनेगी। आपका डेटा आपके फ़ोन/कंप्यूटर में ही रहता है, कहीं भेजा नहीं जाता।
यह एक सामान्य सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट का नमूना है, क़ानूनी सलाह नहीं। रजिस्टर कराने से पहले वकील से पढ़वाएँ और अपने राज्य के नियम देखें।
ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन के स्टेप
- ट्रस्ट का नाम चुनें (किसी सरकारी नाम/प्रतीक से मिलता-जुलता न हो)।
- ऊपर के जनरेटर से डीड बनाएँ और वकील से पढ़वाएँ।
- राज्य के नियम के हिसाब से स्टांप पेपर ख़रीदें और डीड छपवाएँ।
- सब-रजिस्ट्रार ऑफ़िस में अपॉइंटमेंट लें; संस्थापक, ट्रस्टी और 2 गवाह आधार और फ़ोटो के साथ जाएँ।
- रजिस्ट्रेशन फ़ीस भरें; रजिस्टर्ड डीड की कॉपी मिलेगी।
- ट्रस्ट के नाम पर PAN (Form 49A) और बैंक खाता खोलें।
- आयकर पोर्टल पर Form 10A से 12A और 80G का अस्थायी रजिस्ट्रेशन लें; NGO Darpan पर रजिस्टर करें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- ट्रस्ट डीड (स्टांप पेपर पर)
- संस्थापक और सभी ट्रस्टियों के आधार, PAN और पासपोर्ट फ़ोटो
- 2 गवाहों के आधार और फ़ोटो
- पंजीकृत कार्यालय का पता प्रमाण (बिजली बिल/किरायानामा + मालिक का NOC)
डीड में ये बातें ज़रूर हों (12A/80G के लिए)
- ट्रस्ट अपरिवर्तनीय (irrevocable) हो।
- आय सिर्फ़ धर्मार्थ उद्देश्यों पर ख़र्च हो; ट्रस्टियों को लाभ न मिले।
- विघटन पर संपत्ति किसी मिलते-जुलते धर्मार्थ ट्रस्ट को जाए।
- उद्देश्य आम जनता के लिए हों, किसी एक परिवार या जाति के लिए नहीं।
कुछ राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश) में सार्वजनिक ट्रस्ट का अलग पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम है और रजिस्ट्रेशन चैरिटी कमिश्नर/देवस्थान विभाग के पास भी होता है*। ट्रस्ट, सोसाइटी या सेक्शन 8 में से क्या सही है, यह NGO चूज़र से देखें।
ट्रस्ट डीड: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रस्ट डीड कैसे बनाएँ? ऊपर के जनरेटर में ट्रस्ट का नाम, संस्थापक, ट्रस्टी और उद्देश्य भरें; हिंदी में पूरी डीड बनेगी जिसे प्रिंट करके स्टांप पेपर पर छपवा सकते हैं।
ट्रस्ट बनाने के लिए कितने ट्रस्टी चाहिए? आम तौर पर कम से कम 2 ट्रस्टी रखे जाते हैं; ऊपरी सीमा डीड में लिखी जाती है।
ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन कहाँ होता है? ज़िले के सब-रजिस्ट्रार ऑफ़िस में; कुछ राज्यों में पब्लिक ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन चैरिटी कमिश्नर के पास भी ज़रूरी है*।
ट्रस्ट डीड पर कितना स्टांप लगता है? स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फ़ीस हर राज्य में अलग है* (कहीं तय रक़म, कहीं कोष/संपत्ति का %); अपने सब-रजिस्ट्रार से पूछें।
क्या ट्रस्ट को 80G मिल सकता है? हाँ, रजिस्ट्रेशन और PAN के बाद आयकर पोर्टल पर Form 10A से 12A और 80G का अस्थायी रजिस्ट्रेशन मिलता है; डीड में धर्मार्थ उद्देश्य और विघटन का खंड होना चाहिए।
प्राइवेट और पब्लिक ट्रस्ट में क्या फ़र्क़ है? प्राइवेट ट्रस्ट कुछ तय लोगों (जैसे परिवार) के लिए होता है और भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 से चलता है; पब्लिक ट्रस्ट आम जनता के धर्मार्थ काम के लिए होता है। यह जनरेटर पब्लिक धर्मार्थ ट्रस्ट की डीड बनाता है।
स्रोत (22 अक्टूबर 2026 को जाँचे): भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882, रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908, आयकर नियम (Form 10A, 12A/80G)। * = राज्यों के पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फ़ीस के नियम राज्य-वार अलग; सेकेंडरी स्रोतों से, अपने सब-रजिस्ट्रार से पुष्टि करें।
और मुफ़्त टूल: NGO चूज़र: ट्रस्ट, सोसाइटी या सेक्शन 8 · स्टांप पेपर कितने का लगेगा · बिज़नेस टाइप चूज़र · शेयर सर्टिफ़िकेट जनरेटर · सभी टूल · 80G दान रसीद जनरेटर · NGO Darpan रजिस्ट्रेशन