किसी भी भवन या निर्माण काम पर लागत का 1% “लेबर सेस” (BOCW कल्याण उपकर) लगता है। लागत में ज़मीन का दाम नहीं जुड़ता। अपने रहने के मकान की लागत ₹10 लाख तक हो तो सेस नहीं लगता*। यह पैसा राज्य के मज़दूर कल्याण बोर्ड में जाता है और ज़्यादातर नक़्शा पास कराते समय ही ले लिया जाता है। नीचे अपना सेस निकालें।
लेबर सेस कैलकुलेटर
निर्माण का प्रकार और लागत भरें।
मुफ़्त टूल; यह सरकारी पोर्टल नहीं है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996 के हिसाब से, 26 अक्टूबर 2026।
लेबर सेस के नियम
| बात | नियम |
|---|---|
| दर | निर्माण लागत का 1% |
| लागत में क्या नहीं | ज़मीन का दाम, मज़दूर मुआवज़ा अधिनियम में दिया मुआवज़ा |
| छूट | अपने रहने का मकान, लागत ₹10 लाख तक* |
| कब जमा | नक़्शा पास पर अग्रिम, या काम शुरू होने के 30 दिन में; अंतिम हिसाब काम पूरा होने पर |
| देरी | 2% प्रति माह ब्याज; न देने पर सेस जितना जुर्माना तक |
सेस का पैसा किस काम आता है
- पंजीकृत निर्माण मज़दूरों की पेंशन, बीमा और दुर्घटना सहायता।
- मज़दूरों के बच्चों की पढ़ाई और बेटी की शादी में मदद।
- मातृत्व लाभ, औज़ार और घर बनाने में सहायता।
- मज़दूर हैं तो पंजीकरण कराएँ: लेबर कार्ड के फ़ायदे।
घर बनाने का पूरा ख़र्च
लागत का अंदाज़ा: मकान बनाने का ख़र्च कैलकुलेटर। नक़्शा पास के नियम: नक़्शा पास गाइड।
लेबर सेस: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लेबर सेस कितना लगता है? निर्माण लागत (ज़मीन के बिना) का 1%; ₹25 लाख के निर्माण पर ₹25,000।
क्या घर बनाने पर लेबर सेस लगता है? अपने रहने का मकान ₹10 लाख तक की लागत का हो तो नहीं*; इससे ज़्यादा पर 1%।
लेबर सेस कहाँ जमा होता है? राज्य के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में; ज़्यादातर नगर निगम या विकास प्राधिकरण नक़्शा पास के समय लेता है।
लेबर सेस देर से देने पर क्या होगा? हर महीने 2% ब्याज, और न देने पर सेस जितना जुर्माना लग सकता है।
क्या ज़मीन के दाम पर भी सेस लगता है? नहीं, सिर्फ़ निर्माण की लागत पर।
स्रोत: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996 (धारा 3, 5, 8, 9) और उपकर नियम 1998; श्रम मंत्रालय अधिसूचना (1% दर); ₹10 लाख तक के निजी आवास की छूट वाली अधिसूचना*। राज्य के नियम देखें।
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