बिहार राज्य फसल सहायता योजना में खरीफ 2026 के लिए फसल उपज में 20% तक कमी पर ₹7,500 और 20% से ज़्यादा कमी पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर मिलते हैं, ज़्यादा से ज़्यादा 2 हेक्टेयर (₹20,000) तक; कोई प्रीमियम नहीं। खरीफ 2026 के ऑनलाइन आवेदन 31 अक्टूबर 2026 को बंद हो गए; 1 नवंबर तक तारीख़ बढ़ने की कोई सूचना नहीं मिली*। जिन्होंने आवेदन किया है, उन्हें पंचायत के फसल कटनी प्रयोग के नतीजे के बाद पैसा मिलेगा। रबी 2026-27 से राज्य ने यह योजना बंद करके PM फसल बीमा योजना लागू करने का फ़ैसला किया है (समाचार*), यानी अब नया आवेदन PM फसल बीमा में होगा।
बिहार फसल सहायता कैलकुलेटर
मौसम चुनें और रकबा भरें।
मुफ़्त टूल, आपका कोई डेटा सेव या भेजा नहीं जाता। 28 अक्टूबर 2026 को बनाया/जाँचा; * वाली बातें माध्यमिक स्रोतों (समाचार/बैंक/एग्रीगेटर) से, आवेदन से पहले सरकारी पोर्टल पर पुष्टि करें।
खरीफ 2026: कितना पैसा
| पंचायत में उपज में कमी | प्रति हेक्टेयर | 1 हेक्टेयर | 2 हेक्टेयर (अधिकतम) |
|---|---|---|---|
| 20% तक | ₹7,500 | ₹7,500 | ₹15,000 |
| 20% से ज़्यादा | ₹10,000 | ₹10,000 | ₹20,000 |
नुकसान आपके खेत का नहीं, पूरी पंचायत का देखा जाता है: फसल कटनी प्रयोग (CCE) से निकली वास्तविक उपज, पिछले 7 में से 5 अच्छे सालों के औसत वाली दर्शनीय (थ्रेशोल्ड) उपज से कम हो तभी पंचायत के सभी पंजीकृत किसानों को सहायता मिलती है। इसलिए टूल में पंचायत का अनुमानित % भरें।
रबी 2026-27 से क्या बदला
| बात | राज्य फसल सहायता (खरीफ 2026 तक) | PM फसल बीमा (रबी 2026-27 से*) |
|---|---|---|
| प्रीमियम | नहीं | रबी 1.5%, खरीफ 2%, बाग़वानी/व्यावसायिक 5% बीमित राशि का |
| कब मिलता है | पंचायत की उपज थ्रेशोल्ड से कम हो | उपज में कमी, बुवाई न होना, स्थानीय आपदा (72 घंटे में सूचना), कटाई के बाद नुकसान |
| सीमा | 2 हेक्टेयर | पूरा बीमित रकबा |
| आवेदन | सहकारिता विभाग पोर्टल | pmfby.gov.in, बैंक, CSC |
खरीफ 2026: आवेदन बंद, अब स्टेटस और भुगतान
- आवेदन की खिड़की 31 अक्टूबर 2026 को बंद हुई*; स्टेटस सहकारिता विभाग के पोर्टल (epacs.bihar.gov.in, “फसल सहायता”) पर किसान पंजीकरण संख्या (DBT कृषि) से देखें।
- पंचायत की उपज थ्रेशोल्ड से कम निकली तो सहायता पंजीकृत किसानों के खाते में DBT से आती है; पिछले सालों में यह भुगतान अगले कुछ महीनों में हुआ है*।
- पंचायत सूची में नाम या पैसा न दिखे तो प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCO) या PACS से पूछें।
- आवेदन कैसे हुआ था, संदर्भ के लिए:
- फसल और रकबा भरें; रैयत किसान ज़मीन का कागज़ (LPC/रसीद), गैर-रैयत (बटाईदार) स्व-घोषणा पत्र जो वार्ड सदस्य/किसान सलाहकार से सत्यापित हो।
- आख़िरी तारीख़ 31 अक्टूबर 2026 थी*; पैसा DBT से बैंक खाते में।
- बाढ़ से नुकसान पर कृषि इनपुट अनुदान अलग योजना है (2026 बाढ़ में ₹18,000 प्रति हेक्टेयर तक की घोषणा*)।
दूसरे राज्यों और केंद्र के नियम: फसल बीमा प्रीमियम कैलकुलेटर, फसल नुकसान मुआवज़ा। किसान पंजीकरण: फ़ार्मर ID।
बिहार फसल सहायता योजना: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार फसल सहायता योजना में कितना पैसा मिलता है? 20% तक उपज की कमी पर ₹7,500 और उससे ज़्यादा पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर, 2 हेक्टेयर तक।
बिहार फसल सहायता खरीफ 2026 की आख़िरी तारीख़? 31 अक्टूबर 2026 थी और आवेदन बंद हो चुके हैं*; रबी 2026-27 के लिए PM फसल बीमा में आवेदन करें।
क्या बिहार फसल सहायता योजना बंद हो गई? रबी 2026-27 से राज्य ने इसकी जगह PM फसल बीमा योजना लागू करने का फ़ैसला किया है (समाचार*); खरीफ 2026 आख़िरी मौसम है, जिसका भुगतान अभी बाक़ी है।
बटाईदार किसान आवेदन कर सकते हैं? हाँ, गैर-रैयत किसान स्व-घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं।
फसल सहायता में प्रीमियम लगता है? नहीं, यह राज्य सरकार की योजना है; PM फसल बीमा में किसान को प्रीमियम देना होता है।
स्रोत (28 अक्टूबर 2026 को जाँचे): सहकारिता विभाग बिहार की योजना (govtschemes, schemesinindia सारांश: ₹7,500/₹10,000, 2 हेक्टेयर*); खरीफ 2026 की मंज़ूरी और 31 अक्टूबर तारीख़ (UNI वार्ता, insiderlive*); रबी 2026-27 से PMFBY (biharhelp, ytrishi: 9.06.2026 कैबिनेट*); बाढ़ ₹18,000 (Inshorts*)। PMFBY दरें: केंद्र के नियम।
और मुफ़्त टूल: फसल बीमा प्रीमियम · फसल नुकसान मुआवज़ा · फ़ार्मर ID · कृषक दुर्घटना कल्याण · PM किसान पात्रता