FY 2025-26 (AY 2026-27) का ITR भरने की आख़िरी तारीख़ नौकरीपेशा लोगों के लिए 31 जुलाई 2026 थी और इस बार बढ़ी नहीं। अब 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, पर लेट फ़ीस लगेगी: ₹5,000, या आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000। बकाया टैक्स पर हर महीने 1% ब्याज भी।
ITR लेट फ़ीस कैलकुलेटर
ITR फ़ॉर्म, आय और रिटर्न भरने की तारीख़ भरें। टूल बताएगा कि FY 2025-26 का रिटर्न देर से भरने पर कितनी लेट फ़ीस और ब्याज लगेगा।
मुफ़्त अनुमान। PAN या फ़ोन नंबर नहीं माँगा जाता। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।
ITR की तारीख़ें: FY 2025-26 (AY 2026-27)
| कौन | आख़िरी तारीख़ |
|---|---|
| ITR-1 / ITR-2 (नौकरी, पेंशन) | 31 जुलाई 2026 |
| ITR-3 / ITR-4 (बिना ऑडिट कारोबार) | 31 अगस्त 2026* |
| ऑडिट वाले | 21 नवंबर 2026 (CBDT ने बढ़ाई) |
| बिलेटेड (देर से) रिटर्न | 31 दिसंबर 2026 |
| अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) | AY ख़त्म होने के 48 महीने तक |
लेट फ़ीस और ब्याज
| आय | लेट फ़ीस (धारा 234F) |
|---|---|
| मूल छूट सीमा तक (नई व्यवस्था ₹4 लाख; पुरानी ₹2.5/3/5 लाख) | कोई फ़ीस नहीं |
| ₹5 लाख तक | ₹1,000 |
| ₹5 लाख से ज़्यादा | ₹5,000 |
- धारा 234A: बकाया टैक्स पर आख़िरी तारीख़ के अगले दिन से हर महीने (अधूरा महीना भी पूरा) 1% ब्याज।
- नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक टैक्स शून्य होने पर भी ₹4 लाख से ज़्यादा आय पर रिटर्न ज़रूरी है, इसलिए लेट फ़ीस लगती है।
- रिफ़ंड देर से भरने पर भी मिलता है, पर देरी के समय का ब्याज नहीं।
- बिलेटेड रिटर्न में कारोबार या शेयर का घाटा आगे नहीं ले जा सकते।
- 31 दिसंबर के बाद ITR-U में 25% से 70% तक अतिरिक्त टैक्स लगता है और रिफ़ंड नहीं मिलता।
बिलेटेड ITR कैसे भरें
- incometax.gov.in पर लॉगिन करें और “File Income Tax Return” चुनें।
- AY 2026-27 और फ़ाइलिंग सेक्शन “139(4) बिलेटेड रिटर्न” चुनें।
- लेट फ़ीस और ब्याज “e-Pay Tax” से चालान (माइनर हेड 300) में भरें और रिटर्न में चालान की जानकारी डालें।
- रिटर्न भरकर 30 दिन में आधार OTP से e-verify करें।
ITR लेट फ़ीस: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ITR देर से भरने पर कितनी लेट फ़ीस लगती है? आय ₹5 लाख से ज़्यादा हो तो ₹5,000, ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000। आय मूल छूट सीमा से कम हो तो कोई फ़ीस नहीं।
FY 2025-26 का बिलेटेड रिटर्न कब तक भर सकते हैं? 31 दिसंबर 2026 तक।
क्या ITR की तारीख़ 31 जुलाई 2026 से बढ़ी थी? नौकरीपेशा (ITR-1/2) के लिए नहीं। ऑडिट वाले मामलों की तारीख़ 21 नवंबर 2026 तक बढ़ी है।
आय ₹12 लाख से कम है, टैक्स शून्य है, फिर भी लेट फ़ीस लगेगी? हाँ, अगर आय ₹4 लाख (नई व्यवस्था की छूट सीमा) से ज़्यादा है। ₹5 लाख तक ₹1,000 और उससे ज़्यादा पर ₹5,000।
234A ब्याज कैसे लगता है? बकाया टैक्स पर आख़िरी तारीख़ के अगले दिन से रिटर्न भरने तक हर महीने 1%; अधूरा महीना भी पूरा गिना जाता है।
31 दिसंबर के बाद क्या होगा? बिलेटेड रिटर्न नहीं भर सकते। अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) 48 महीने तक भर सकते हैं, पर 25% से 70% अतिरिक्त टैक्स के साथ और उससे रिफ़ंड नहीं मिलता।
क्या देर से ITR भरने पर रिफ़ंड मिलेगा? हाँ, रिफ़ंड मिलेगा, पर देरी के समय का ब्याज नहीं मिलेगा।
लेट फ़ीस कैसे जमा करें? incometax.gov.in पर e-Pay Tax से चालान 280 में “Fee/Penalty (300)” चुनकर, फिर रिटर्न में चालान की जानकारी भरें।
स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): आयकर अधिनियम 1961 धारा 139(4), 234F, 234A; incometax.gov.in; Business Today (28 सितंबर 2026: ऑडिट मामलों की तारीख़ 21 नवंबर); ClearTax। * ITR-3/4 की 31 अगस्त वाली तारीख़ कई ब्लॉग में है, क़ानून का पाठ नहीं देखा।
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