हर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और OPC को हर साल MCA (ROC) में कुछ फ़ॉर्म तय तारीख़ तक भरने होते हैं; AOC-4 और MGT-7 देर से भरने पर ₹100 रोज़ प्रति फ़ॉर्म की लेट फ़ीस लगती है, जिसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं। 30 सितंबर की AGM पर AOC-4 की तारीख़ 30 अक्टूबर और MGT-7 की 29 नवंबर बनती है; OPC की AOC-4 वित्त वर्ष के 180 दिन में (27 सितंबर)। 2026 से DIR-3 KYC हर 3 साल में एक बार। ऊपर अपनी कंपनी की तारीख़ें डालें।
ROC कंप्लायंस कैलेंडर
तारीख़ें डालें; टूल हर फ़ॉर्म की आख़िरी तारीख़ और निकल चुकी तारीख़ों की लेट फ़ीस बताएगा।
MCA हर साल कुछ तारीख़ें बढ़ा भी देता है; फ़ाइल करने से पहले MCA के सर्कुलर देखें। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। 23 अक्टूबर 2026 को जाँचा।
ROC कंप्लायंस कैलेंडर FY 2025-26 (एक नज़र में)
| फ़ॉर्म | किसके लिए | आख़िरी तारीख़ | देर पर |
|---|---|---|---|
| INC-20A | नई कंपनी (2 नवंबर 2018 के बाद) | बनने के 180 दिन में | ₹50,000 + अधिकारी पर ₹1,000 रोज़ (अधिकतम ₹1 लाख)* |
| MSME-1 | जिनके MSE सप्लायर का पैसा 45 दिन से ज़्यादा बाक़ी | 30 अप्रैल और 31 अक्टूबर | स्लैब फ़ीस* |
| DPT-3 | लोन/डिपॉज़िट वाली कंपनियाँ | 30 जून | स्लैब फ़ीस* |
| DIR-3 KYC | हर डायरेक्टर | हर 3 साल में 30 जून तक (अगली: 30 जून 2028) | ₹5,000* |
| AGM | प्राइवेट कंपनी (OPC नहीं) | 30 सितंबर (पहली: 9 महीने में) | सज़ा |
| AOC-4 | सब | AGM के 30 दिन में (OPC: 27 सितंबर) | ₹100 रोज़ |
| MGT-7 / 7A | सब (7A: OPC और छोटी कंपनी) | AGM के 60 दिन में (29 नवंबर) | ₹100 रोज़ |
| ADT-1 | ऑडिटर नियुक्ति | AGM के 15 दिन में | स्लैब फ़ीस* |
| ITR-6 | सब | 21 नवंबर 2026 (इस साल बढ़ी; सामान्य 31 अक्टूबर) | ब्याज + लेट फ़ीस |
बाक़ी फ़ॉर्म की लेट फ़ीस (स्लैब)
AOC-4/MGT के अलावा फ़ॉर्म पर सामान्य फ़ीस का गुणा लगता है*: 30 दिन तक 2 गुना, 30-60 दिन 4 गुना, 60-90 दिन 6 गुना, 90-180 दिन 10 गुना, 180 दिन से ज़्यादा 12 गुना। सामान्य फ़ीस अधिकृत पूँजी से ₹200 से ₹600*। OPC और छोटी कंपनी को आधी सज़ा (धारा 446B) मिलती है, पर ₹100 रोज़ वाली लेट फ़ीस आधी नहीं होती।
पहले साल की बातें
- पहली बोर्ड मीटिंग और पहले ऑडिटर की नियुक्ति: 30 दिन में।
- INC-20A: 180 दिन में, बैंक खाते में शेयर पूँजी आने का सबूत लगाकर।
- पहली AGM: पहले वित्त वर्ष के अंत से 9 महीने में; इसी में 5 साल के ऑडिटर नियुक्त कर ADT-1 भरें।
- जनवरी-मार्च में बनी कंपनी अपना पहला वित्त वर्ष अगले 31 मार्च तक भी रख सकती है; तब पहला FY ही चुनें।
ROC कंप्लायंस: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
AOC-4 की आख़िरी तारीख़ क्या है? AGM के 30 दिन में; 30 सितंबर की AGM पर 30 अक्टूबर। OPC के लिए वित्त वर्ष ख़त्म होने के 180 दिन में (27 सितंबर)।
MGT-7 और MGT-7A में क्या फ़र्क़ है? MGT-7A छोटी कंपनी और OPC के लिए छोटा सालाना रिटर्न है; बाक़ी MGT-7 भरती हैं। दोनों AGM के 60 दिन में (29 नवंबर)।
AOC-4 देर से भरने पर कितनी लेट फ़ीस है? ₹100 प्रति दिन प्रति फ़ॉर्म, कोई ऊपरी सीमा नहीं। AOC-4 और MGT-7 दोनों देर से हों तो ₹200 रोज़।
DIR-3 KYC कब भरना है? 31 मार्च 2026 से हर 3 वित्त वर्ष में एक बार, 30 जून तक। जिनका KYC हो चुका है उनकी अगली तारीख़ 30 जून 2028। देर पर DIN बंद होता है और ₹5,000* से चालू होता है।
INC-20A क्या है और कब भरना है? कारोबार शुरू करने की घोषणा, कंपनी बनने के 180 दिन में; न भरने पर कंपनी पर ₹50,000* जुर्माना और ROC नाम काट सकता है।
क्या OPC को AGM करनी पड़ती है? नहीं, OPC को AGM से छूट है। फिर भी AOC-4 (180 दिन में) और MGT-7A (29 नवंबर तक) भरने होते हैं।
स्रोत (23 अक्टूबर 2026 को जाँचे): PIB 2210552 (DIR-3 KYC हर 3 साल, G.S.R. 943(E) 31-12-2025), PIB 2210429 (छोटी कंपनी की नई सीमा, G.S.R. 880(E)), CBDT सर्कुलर 07/2026 (ITR 21 नवंबर 2026), MCA सर्कुलर का अंश (₹100 रोज़ लेट फ़ीस)। * = INC-20A जुर्माना, लेट फ़ीस स्लैब, सामान्य फ़ीस, DIR-3 KYC की ₹5,000 फ़ीस और ICSI की माँग: सेकेंडरी स्रोत।
और मुफ़्त टूल: LLP ROC लेट फ़ीस · MSME-1 ड्यू डेट · बिज़नेस टाइप चूज़र · डेप्रिसिएशन कैलकुलेटर · सभी टूल · बोर्ड रेज़ोल्यूशन जनरेटर