किराये पर TDS की सीमा 2026-27: ₹50,000/माह (2%) या ₹6 लाख/साल (10%)? 194-I, 194-IB चेकर

किराये पर TDS की दो अलग सीमाएँ हैं और लोग दोनों को मिला देते हैं: नौकरीपेशा/आम व्यक्ति या HUF किरायेदार के लिए धारा 194-IB में ₹50,000 महीने से ज़्यादा किराये पर 2% TDS, जो साल में एक बार (मार्च में या मकान खाली करते समय) Form 26QC से कटता है और TAN नहीं चाहिए; कंपनी, फ़र्म या टैक्स ऑडिट वाले व्यवसायी किरायेदार के लिए धारा 194-I में एक मकान मालिक को साल में ₹6 लाख (बजट 2025 से; पहले ₹2.4 लाख) से ज़्यादा किराये पर 10% (मकान/फ़र्नीचर) या 2% (मशीन), हर महीने। NRI मकान मालिक को किराया देने पर रकम चाहे जो हो, धारा 195 में 30% + सेस। नीचे का टूल आपकी स्थिति पर सही धारा, दर और फ़ॉर्म बताता है।

किराये पर TDS चेकर (194-I / 194-IB)

किराया और किरायेदार का प्रकार भरें। टूल बताएगा TDS कटेगा या नहीं, किस धारा में, कितना, और कौन सा फ़ॉर्म कब भरना है।

आयकर नियमों पर मुफ़्त अनुमान, टैक्स सलाह नहीं। नियम 14 अक्टूबर 2026 को जाँचे।

194-I बनाम 194-IB

194-IB194-I
किरायेदारव्यक्ति/HUF जिसका टैक्स ऑडिट नहींकंपनी, फ़र्म, LLP, ऑडिट वाले व्यक्ति/HUF
सीमा₹50,000 प्रति माह (या महीने के हिस्से) से ज़्यादा₹6,00,000 प्रति साल, प्रति मकान मालिक (FY 2025-26 से)
दर2% (1 अक्टूबर 2024 से; पहले 5%)10% मकान/ज़मीन/फ़र्नीचर; 2% मशीन/उपकरण
कब काटेंसाल में एक बार: मार्च का किराया देते समय या मकान खाली करते समयहर भुगतान/क्रेडिट पर
जमा और फ़ॉर्मForm 26QC (चालान-सह-विवरण) महीने के अंत से 30 दिन में; Form 16C मकान मालिक कोअगले महीने की 7 तारीख तक; तिमाही Form 26Q; Form 16A
TANनहीं चाहिए, PAN सेज़रूरी
PAN न हो20%, पर आखिरी महीने के किराये से ज़्यादा नहीं20%

उदाहरण

स्थितिTDS
नौकरीपेशा, किराया ₹45,000/माहनहीं (₹50,000 तक)
नौकरीपेशा, किराया ₹60,000/माह194-IB: 2% × ₹7,20,000 = ₹14,400, मार्च में एक बार
कंपनी, दफ़्तर किराया ₹45,000/माह (₹5.4 लाख/साल)नहीं (₹6 लाख तक)
कंपनी, दफ़्तर किराया ₹60,000/माह194-I: 10% × ₹7,20,000 = ₹72,000, हर महीने ₹6,000
कोई भी, NRI मकान मालिक को ₹20,000/माह195: 31.2% × ₹2,40,000 = ₹74,880
दो मकान मालिक (पति-पत्नी) को ₹30,000-₹30,000194-IB: हर एक ₹50,000 से कम, TDS नहीं; 194-I: हर एक ₹3.6 लाख, TDS नहीं

न काटने पर क्या होता है, और मकान मालिक क्या करे

  • TDS न काटने/देर से जमा करने पर 1% (न काटा) या 1.5% (काटकर जमा नहीं) प्रति माह ब्याज, Form 26QC/26Q देर से भरने पर ₹200/दिन फ़ीस, और व्यवसाय में किराये का 30% खर्च अस्वीकृत।
  • मकान मालिक: कटा TDS 26AS/AIS में देखें, ITR में क्रेडिट लें; आय कम हो तो 194-I वाले किरायेदार को Form 121 देकर TDS रुकवाएँ (194-IB में यह विकल्प नहीं, पर धारा 197 का कम-दर प्रमाण पत्र लिया जा सकता है*)।
  • किरायेदार HRA छूट ले रहा है और किराया ₹1 लाख/साल से ज़्यादा है तो मकान मालिक का PAN कंपनी को देना ज़रूरी; यह TDS से अलग नियम है।
  • सोसाइटी मेंटेनेंस किराये में जुड़ा हो तो सिर्फ़ किराये का हिस्सा गिनें*; GST अलग से हो तो TDS GST छोड़कर किराये पर।

किराये पर TDS: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किराये पर TDS की सीमा कितनी है 2026-27 में? व्यक्ति/HUF किरायेदार (बिना ऑडिट): ₹50,000 प्रति माह से ज़्यादा पर 2% (194-IB)। कंपनी/फ़र्म/ऑडिट वाले: ₹6 लाख प्रति साल प्रति मकान मालिक से ज़्यादा पर 10% (194-I)।

नौकरीपेशा किरायेदार को TDS काटना पड़ता है? सिर्फ़ तब जब किराया ₹50,000/माह से ज़्यादा हो: 2%, साल में एक बार Form 26QC से, TAN नहीं चाहिए। ₹50,000 तक कुछ नहीं।

194-IB में TDS कब और कैसे जमा करें? मार्च का किराया देते समय (या बीच में मकान खाली करने पर) पूरे साल पर 2% काटें; महीने के अंत से 30 दिन में Form 26QC (TIN/इनकम टैक्स पोर्टल) भरें; मकान मालिक को 15 दिन में Form 16C दें।

कंपनी के दफ़्तर के किराये पर कितना TDS? सालाना ₹6 लाख से ज़्यादा होने पर मकान/फ़र्नीचर पर 10%, मशीन/उपकरण पर 2%; हर महीने काटकर 7 तारीख तक जमा, तिमाही Form 26Q।

NRI मकान मालिक को किराया देने पर TDS? धारा 195 में रकम चाहे जितनी हो, 30% + 4% सेस (31.2%); TAN लेकर Form 27Q। मकान मालिक धारा 197 से कम दर का प्रमाण पत्र ला सकता है।

दो मकान मालिकों को किराया बाँटकर देने पर TDS बचता है? सीमा हर मकान मालिक पर अलग लगती है, इसलिए ₹30,000-₹30,000 दो मालिकों को देने पर 194-IB नहीं लगता, बशर्ते दोनों असली सह-मालिक हों और रसीद/एग्रीमेंट उसी तरह हो।

TDS नहीं काटा तो क्या होगा? 1% से 1.5% प्रति माह ब्याज, विवरण देर से भरने पर ₹200/दिन, और व्यवसाय में किराये का 30% खर्च अस्वीकृत; मकान मालिक ने टैक्स भर दिया हो तो “assessee in default” से राहत (Form 26A)।

स्रोत (14 अक्टूबर 2026 को जाँचे): आयकर धारा 194-I (सीमा ₹6 लाख, वित्त अधिनियम 2025), 194-IB (₹50,000/माह; 2% 1 अक्टूबर 2024 से), 195, 201, 234E; cleartax, taxguru, bankbazaar के 2026 गाइड। आयकर अधिनियम 2025 (1 अप्रैल 2026 से) में धारा संख्याएँ बदली हैं, पर सीमाएँ/दरें वही बताई गई हैं*। यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं।

और मुफ़्त टूल: HRA छूट कैलकुलेटर · Form 121 (15G/15H) · इनकम टैक्स · स्टाम्प ड्यूटी · ITR लेट फ़ीस · सभी टूल · चेक बाउंस कैलकुलेटर · किराएदार वेरिफ़िकेशन · TDS चेकर FY 2026-27