GST नियम चेकर 2026: e-invoice, HSN, e-way bill, GSTR-9 सीमा

GST में कई नियम टर्नओवर पर चलते हैं: ₹5 करोड़ से ऊपर e-invoice और 6 अंक का HSN कोड, ₹2 करोड़ से ऊपर सालाना रिटर्न GSTR-9, ₹5 करोड़ तक QRMP (तिमाही रिटर्न), और ₹1.5 करोड़ तक कंपोज़िशन। ऊपर अपना टर्नओवर और राज्य डालें, टूल एक टेबल में बताएगा कि कौन-सा नियम आप पर लागू है और क्यों।

GST नियम चेकर

टर्नओवर ₹ लाख में डालें (1 करोड़ = 100 लाख)।

CBIC अधिसूचनाओं पर आधारित। 22 अक्टूबर 2026 को जाँचा। यह सलाह नहीं, जानकारी है; बड़े फ़ैसले से पहले CA से पूछें।

टर्नओवर के हिसाब से GST नियम (एक नज़र में)

नियमसीमाकिस साल का टर्नओवर
GST रजिस्ट्रेशनमाल ₹40 लाख, सेवा ₹20 लाख (मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा ₹10 लाख; अरुणाचल, मेघालय, सिक्किम, उत्तराखंड, पुडुचेरी, तेलंगाना में माल ₹20 लाख*)इस साल
कंपोज़िशन स्कीममाल ₹1.5 करोड़ (7 पूर्वोत्तर राज्यों में ₹75 लाख*), सेवा ₹50 लाखपिछला साल
QRMP (तिमाही GSTR-1/3B)₹5 करोड़ तकपिछला साल
e-invoice₹5 करोड़ से ऊपर, 2017-18 से किसी भी सालकोई भी साल (एक बार पार = हमेशा)
30 दिन में IRP रिपोर्टिंग₹10 करोड़ या ज़्यादा*पिछला कोई साल
HSN कोड₹5 करोड़ तक 4 अंक (B2B), ऊपर 6 अंकपिछला साल
e-way billएक खेप ₹50,000 से ऊपरहर खेप
GSTR-9 सालाना रिटर्न₹2 करोड़ से ऊपर ज़रूरीउसी साल
GSTR-9C मिलान₹5 करोड़ से ऊपरउसी साल

e-invoice की सबसे बड़ी ग़लती

e-invoice की सीमा “किसी भी साल” की है: अगर 2017-18 के बाद किसी एक साल भी टर्नओवर ₹5 करोड़ पार हुआ, तो बाद में टर्नओवर घट जाए तब भी B2B बिल e-invoice से ही बनेंगे। टर्नओवर पूरे PAN का गिना जाता है (सभी राज्यों के GSTIN मिलाकर)।

टर्नओवर में क्या गिना जाता है

  • टैक्सेबल, छूट वाली (exempt), एक्सपोर्ट और दूसरे राज्य वाली सारी बिक्री।
  • एक PAN के सभी GSTIN का जोड़ (aggregate turnover)।
  • GST की रक़म (CGST/SGST/IGST/सेस) नहीं गिनी जाती।
  • रिवर्स चार्ज वाली ख़रीद नहीं गिनी जाती।

GST नियम: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

e-invoice किस टर्नओवर पर ज़रूरी है? 2017-18 से किसी भी साल का कुल टर्नओवर ₹5 करोड़ से ऊपर गया हो तो 1 अगस्त 2023 से B2B और एक्सपोर्ट बिल पर e-invoice (IRN) ज़रूरी है (अधिसूचना 10/2023-CT)।

HSN कोड कितने अंक का लिखें? पिछले साल टर्नओवर ₹5 करोड़ तक हो तो B2B बिल पर 4 अंक, उससे ऊपर हर बिल पर 6 अंक (अधिसूचना 78/2020-CT)।

GSTR-9 किसे भरना ज़रूरी है? FY 2024-25 से ₹2 करोड़ तक टर्नओवर वालों को GSTR-9 से छूट है (अधिसूचना 15/2025-CT); उससे ऊपर 31 दिसंबर तक भरना ज़रूरी।

QRMP स्कीम कौन ले सकता है? जिसका पिछले साल टर्नओवर ₹5 करोड़ तक हो। रिटर्न तिमाही, पर टैक्स हर महीने PMT-06 से जमा।

e-way bill कब ज़रूरी है? जब एक खेप का मूल्य ₹50,000 से ज़्यादा हो और माल गाड़ी से भेजा जाए। कुछ राज्यों में राज्य के अंदर की सीमा अलग है*।

कंपोज़िशन स्कीम की सीमा क्या है? माल में ₹1.5 करोड़ (कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में ₹75 लाख*), सेवा में ₹50 लाख। दूसरे राज्य में बिक्री या ई-कॉमर्स से माल बेचने पर नहीं ले सकते।

स्रोत (22 अक्टूबर 2026 को जाँचे): CBIC अधिसूचना 10/2023-CT (e-invoice ₹5 करोड़), 78/2020-CT (HSN), 15/2025-CT (GSTR-9 छूट), 30/2021-CT (GSTR-9C स्व-प्रमाणन), 10/2019-CT (₹40 लाख माल सीमा), CGST नियम 61A (QRMP) और 138 (e-way bill)। * = 30 दिन वाली IRP सीमा, राज्य-वार रजिस्ट्रेशन/कंपोज़िशन सीमा और राज्य के अंदर e-way bill सीमा GSTN एडवाइज़री और सेकेंडरी स्रोतों से।

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