Form 16 आपकी कंपनी का दिया TDS सर्टिफ़िकेट है: Part A में लिखा है कि हर तिमाही कितना टैक्स काटकर सरकार में जमा हुआ, और Part B में आपकी सैलरी, छूट, कटौती और उस पर बना टैक्स। कंपनी इसे हर साल 15 जून तक देती है, और इसी से ITR भरा जाता है। नए आयकर अधिनियम 2025 में 1 अप्रैल 2026 से इसका नया नाम Form 130 है*; जून 2026 में मिला FY 2025-26 का सर्टिफ़िकेट ज़्यादातर पुराने Form 16 के ढाँचे में ही है*। उदाहरण: ₹15 लाख सैलरी (नई व्यवस्था) पर टैक्स ₹97,500 बनता है; कंपनी ने ₹90,000 TDS काटा तो ITR में ₹7,500 और भरना होगा। नीचे अपने Form 16 के आँकड़े डालें।
Form 16 रीडर और टैक्स चेकर
अपने Form 16 के आँकड़े भरें: दोनों व्यवस्था में टैक्स, और ITR में रिफ़ंड बनेगा या बकाया।
मुफ़्त टूल, आपका कोई डेटा सेव या भेजा नहीं जाता। सिर्फ़ सैलरी वालों के लिए आसान हिसाब; कैपिटल गेन, बिज़नेस आय नहीं जोड़ी। 28 अक्टूबर 2026 को बनाया/जाँचा; * वाली बातें बदल सकती हैं या माध्यमिक स्रोतों से हैं।
Form 16 Part A: इसमें क्या देखें
| कॉलम | मतलब | क्या जाँचें |
|---|---|---|
| कंपनी का नाम, TAN, PAN | टैक्स काटने वाले की पहचान | TAN वही हो जो Form 26AS/AIS में दिखे |
| कर्मचारी का PAN | आपकी पहचान | PAN गलत हो तो TDS आपके खाते में नहीं जुड़ेगा; तुरंत कंपनी से सुधार करवाएँ |
| असेसमेंट ईयर, नौकरी की अवधि | किस साल का सर्टिफ़िकेट | FY 2025-26 = AY 2026-27; साल में नौकरी बदली तो दो Form 16 |
| तिमाही-वार रकम और TDS (Q1-Q4) | हर तिमाही कितनी सैलरी, कितना टैक्स कटा | कुल TDS = 26AS/AIS का TDS |
| रसीद नंबर (receipt number) | TDS रिटर्न (24Q) जमा होने का सबूत | ख़ाली हो तो कंपनी ने रिटर्न नहीं भरा |
| TRACES से बना | Part A हमेशा TRACES पोर्टल से निकलता है | हर पेज पर TRACES का यूनिक नंबर होता है; हाथ से बना Part A मान्य नहीं |
Form 16 Part B: सैलरी से टैक्स तक
| हिस्सा | मतलब |
|---|---|
| 1. Gross Salary: 17(1), 17(2), 17(3) | कुल वेतन, सुविधाओं (perquisites) का मूल्य और “profit in lieu of salary” |
| 2. धारा 10 की छूट | HRA (10(13A)), LTA (10(5)), ग्रेच्युटी, छुट्टी नक़दीकरण; सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में (ग्रेच्युटी/लीव दोनों में) |
| 4. धारा 16 की कटौती | स्टैंडर्ड डिडक्शन (नई ₹75,000, पुरानी ₹50,000), मनोरंजन भत्ता, प्रोफ़ेशनल टैक्स (सिर्फ़ पुरानी) |
| 6. कंपनी को बताई दूसरी आय | घर की आय/घाटा (होम लोन ब्याज), ब्याज आदि जो आपने कंपनी को बताया |
| 10. Chapter VI-A कटौती | 80C (₹1.5 लाख), 80D, 80CCD(1B) आदि पुरानी में; नई में सिर्फ़ 80CCD(2) (कंपनी का NPS) और 80CCH |
| 12-19. टैक्स | स्लैब से टैक्स, 87A रिबेट, सरचार्ज, 4% सेस, धारा 89 राहत, और कुल देय टैक्स |
टैक्स स्लैब FY 2025-26 (Form 16 जून 2026 वाला)
| नई व्यवस्था | दर | पुरानी व्यवस्था | दर |
|---|---|---|---|
| ₹4 लाख तक | 0 | ₹2.5 लाख तक | 0 |
| ₹4-8 लाख | 5% | ₹2.5-5 लाख | 5% |
| ₹8-12 लाख | 10% | ₹5-10 लाख | 20% |
| ₹12-16 लाख | 15% | ₹10 लाख से ऊपर | 30% |
| ₹16-20 लाख | 20% | ||
| ₹20-24 लाख | 25% | ||
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
87A रिबेट: नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की टैक्सेबल आय पर टैक्स शून्य (₹60,000 तक रिबेट; थोड़ा ऊपर हो तो मार्जिनल राहत), यानी सैलरी वालों के लिए ₹12.75 लाख तक। पुरानी में ₹5 लाख तक, ₹12,500 रिबेट। FY 2026-27 (Form 130) के स्लैब भी यही हैं*। विस्तार से: 87A रिबेट कैलकुलेटर, इनकम टैक्स कैलकुलेटर।
Form 16 मिलने के बाद 5 काम
- AIS/Form 26AS (नया नाम Form 168*) डाउनलोड करें और TDS मिलाएँ।
- साल में दो नौकरी की तो दोनों Form 16 जोड़ें; दोनों कंपनियों ने ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन और ₹4 लाख का शून्य स्लैब अलग-अलग दिया होगा, इसलिए ITR में टैक्स बकाया आना आम है।
- बैंक ब्याज, FD, किराया जैसी आय जो कंपनी को नहीं बताई, ITR में जोड़ें; देखें FD ब्याज टैक्स।
- पिछली बकाया सैलरी (arrear) मिली हो तो धारा 89 राहत (Form 10E) लें।
- ITR की आख़िरी तारीख़ (आम तौर पर 31 जुलाई*) तक भरें; रिफ़ंड बैंक खाते में आता है जो PAN से जुड़ा और प्री-वैलिडेटेड हो।
Form 16 क्या है: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Form 16 क्या होता है? कंपनी का दिया TDS सर्टिफ़िकेट, जिसमें Part A में तिमाही-वार कटा और जमा हुआ टैक्स, और Part B में सैलरी, छूट, कटौती और टैक्स का हिसाब होता है। 1 अप्रैल 2026 से इसका नया नाम Form 130 है*।
Form 16 कब मिलता है? वित्त वर्ष ख़त्म होने के बाद 15 जून तक। देर करने पर कंपनी पर ₹100 रोज़ जुर्माना (धारा 272A)* लगता है।
Form 16 Part A और Part B में क्या फ़र्क़ है? Part A TRACES पोर्टल से बनता है और सिर्फ़ TDS की जानकारी देता है। Part B कंपनी बनाती है, जिसमें सैलरी से टैक्स तक का पूरा हिसाब होता है।
Form 16 नहीं मिला तो ITR कैसे भरें? सैलरी स्लिप और AIS/Form 26AS से। AIS में कंपनी का काटा TDS और सैलरी दिखती है; उसी से ITR भर सकते हैं।
टैक्स कम कटा तो Form 16 के बाद क्या? ITR भरने से पहले बाक़ी टैक्स (और देर हो तो धारा 234B/234C ब्याज) चालान 280 से भरें, फिर ITR में दिखाएँ।
Form 130 और Form 16 में क्या फ़र्क़ है? नए आयकर नियम 2026 (नियम 215) में Form 16 का नंबर Form 130 हुआ और इसमें 3 हिस्से (Part A, B, C) हैं*। काम वही है: सैलरी पर TDS का सर्टिफ़िकेट।
स्रोत (28 अक्टूबर 2026 को जाँचे): आयकर अधिनियम 1961 धारा 192, 203, 16, 10, 87A, 115BAC और आयकर नियम 1962 नियम 31 (Form 16); वित्त अधिनियम 2025 (नई व्यवस्था के स्लैब, ₹60,000 रिबेट, ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन); आयकर अधिनियम 2025 / आयकर नियम 2026 (Form 130, नियम 215; Form 168) कर-पोर्टलों और समाचार से*। incometax.gov.in उस दिन हमारे सर्वर से नहीं खुली।
और मुफ़्त टूल: इनकम टैक्स कैलकुलेटर · 87A रिबेट · 80C/80D कटौती · धारा 89 राहत · किराया रसीद (HRA) · एडवांस टैक्स